आपका पैसा- दिवाली शॉपिंग में क्रेडिट कार्ड मैनेजमेंट:  फाइनेंशियल एक्सपर्ट से जानें 10 डेट मैनेजमेंट टिप्स, 8 जरूरी सावधानियां
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आपका पैसा- दिवाली शॉपिंग में क्रेडिट कार्ड मैनेजमेंट: फाइनेंशियल एक्सपर्ट से जानें 10 डेट मैनेजमेंट टिप्स, 8 जरूरी सावधानियां

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16 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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दिवाली का त्योहार रोशनी, मिठाई और शॉपिंग के बिना अधूरा लगता है। इस समय बाजार में हर जगह ऑफर्स और डिस्काउंट की भरमार होती है। इसमें ज्यादातर ऑफर्स क्रेडिट कार्ड पर मिलते हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग शॉपिंग करने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं।

इससे पेमेंट करना आसान होता है और एक बड़े अमाउंट में कैशबैक और रिवार्ड्स मिलते हैं। हालांकि, कई बार इस सुविधा के चक्कर में लोग जरूरत से ज्यादा खर्च कर देते हैं। जब बिल सामने आता है तो उसका बोझ सिर दर्द बन जाता है। ऐसे में दिवाली की खुशी कर्ज और तनाव में बदल जाती है।

असल में, क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल आपको फायदे भी देता है और गलत इस्तेमाल आपको डेट ट्रैप में भी फंसा सकता है। ऐसे में जरूरी है कि शॉपिंग करते समय थोड़ी सावधानी बरती जाए और बजट को लेकर पहले से प्लान बनाया जाए।

इसलिए आज हम ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे कि-

  • दिवाली शॉपिंग के दौरान क्रेडिट कार्ड कैसे इस्तेमाल करें?
  • क्रेडिट कार्ड के कर्ज के जाल से कैसे बचें?
  • डेट ट्रैप में हैं तो बाहर निकलने का आसान रास्ता क्या है?

सवाल- क्रेडिट कार्ड ऑफर्स कितने फायदेमंद होते हैं और इनके इस्तेमाल के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- दिवाली पर क्रेडिट कार्ड कंपनियां और बैंक आकर्षक ऑफर्स और डिस्काउंट देती हैं। इनमें कैशबैक, नो-कॉस्ट EMI और बोनस रिवार्ड्स शामिल होते हैं। अगर आप पहले से प्लान करके और बजट बनाकर शॉपिंग करते हैं, तो इन ऑफर्स की मदद से आप कम खर्चे में बड़ी शॉपिंग कर सकते हैं।

हालांकि, इन ऑफर्स के नाम पर जरूरत से ज्यादा खर्च करना सबसे बड़ी गलती होती है। आइए क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल के दौरान कौन-सी सावधानियां बरती जानी चाहिए, इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- शॉपिंग करते समय क्रेडिट लिमिट का कितना इस्तेमाल करना सही रहता है?

जवाब- क्रेडिट लिमिट पूरी खर्च करना कभी भी समझदारी नहीं होती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आपको अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का सिर्फ 30–40% ही इस्तेमाल करना चाहिए। इससे न केवल आपका CIBIL स्कोर बेहतर बना रहता है, बल्कि बिल चुकाने में भी आसानी होती है।

सवाल- शॉपिंग के समय क्रेडिट कार्ड पर कैश विड्रॉल से क्यों बचना चाहिए?

जवाब- क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना सबसे महंगा सौदा होता है। इसमें तुरंत ही ब्याज लगना शुरू हो जाता है, जबकि शॉपिंग पर आपको 30 से 50 दिन का इंटरेस्ट-फ्री पीरियड मिलता है। इसके अलावा ATM से कैश निकालते ही 2–3% तक कैश एडवांस फीस लग जाती है। यानी जितना पैसा निकालेंगे, उससे कहीं ज्यादा चुकाना पड़ेगा।

सवाल- कितना कर्ज क्षमता से ज्यादा कर्ज होता है?

जवाब- आपकी फाइनेंशियल हेल्थ को समझने का एक आसान तरीका है डेट-टु-इनकम (DTI) रेशियो। यानी हर महीने जो आमदनी होती है, उसमें से कितना हिस्सा लोन या EMI चुकाने में चला जाता है। अगर यह हिस्सा कम है तो ठीक है, लेकिन अगर यह 50% से ज्यादा हो जाए तो मुश्किल बढ़ सकती है। होम लोन देने वाले बैंक चाहते हैं कि यह 36% से कम रहे।

दूसरा तरीका है क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो- मतलब, आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट के मुकाबले आप कितना खर्च कर रहे हैं। अगर लिमिट का बहुत ज्यादा हिस्सा इस्तेमाल करेंगे तो क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। बैंक मानते हैं कि क्रेडिट लिमिट का 30%-40 से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

सवाल- क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर न चुकाने पर कितना नुकसान हो सकता है?

जवाब- अगर आप क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं चुकाते, तो बैंक 30-45% तक सालाना ब्याज वसूलते हैं। यह दर किसी भी पर्सनल लोन से कहीं ज्यादा होती है। इतना ही नहीं, लेट पेमेंट चार्ज और GST अलग से जुड़ जाते हैं। बार-बार देरी करने पर आपका CIBIL स्कोर खराब हो जाता है, जिससे भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है।

सवाल- दिवाली के बाद क्रेडिट कार्ड बिल मैनेज करने के लिए क्या स्मार्ट स्टेप्स अपनाए जा सकते हैं?

जवाब- दिवाली के बाद क्रेडिट कार्ड बिल मैनेज करने के कुछ तरीके अपना सकते हैं। जैसे क्रेडिट कार्ड के कर्ज से बचने के लिए सबसे पहले पूरे महीने का खर्च लिखकर एक लिस्ट बनाएं। इसमें साफ नजर आएगा कि कहां जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है। गैर-जरूरी खर्चों पर तुरंत ब्रेक लगाना जरूरी है। अगर बोनस या कोई एक्स्ट्रा इनकम मिले तो उसका इस्तेमाल सीधे क्रेडिट कार्ड पेमेंट में करें। बिल समय पर कटे इसके लिए ऑटो-डिडक्शन सेट कर दें। और अगर संभव हो तो अगले महीने तक शॉपिंग या लग्जरी खर्च को टाल दें, ताकि कर्ज का बोझ जल्दी कम हो सके।

सवाल- अगर दिवाली पर जरूरत से ज्यादा खर्च हो जाए तो डेट से कैसे बचा जा सकता है?

जवाब- सबसे पहली बात तो यह कि कभी-भी अपनी क्षमता से अधिक खर्च न करें। यह आदत आपको कर्ज के जाल में फंसा सकती है। क्रेडिट कार्ड का कार्ज आपको कंगाली के राह पर ले जा सकता है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- क्रेडिट कार्ड का बैलेंस ट्रांसफर और EMI ऑप्शन कब लेना चाहिए?

जवाब- बैलेंस ट्रांसफर तब लेना चाहिए जब आपका बिल बहुत ज्यादा हो और आप एक कार्ड पर सारा बकाया चुकाने की स्थिति में न हों। ऐसे में आप कम ब्याज दर वाले कार्ड पर बैलेंस ट्रांसफर कर सकते हैं। EMI ऑप्शन तब सही है जब खर्च बड़ा हो, लेकिन आप उसे धीरे-धीरे किस्तों में आराम से चुका सकते हों।

  • बैलेंस ट्रांसफर तब करें जब एक से ज्यादा कार्ड का कर्ज हो।
  • EMI ऑप्शन बड़े खर्च, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, गहने के लिए बेहतर है।
  • EMI लेने से पहले प्रोसेसिंग फीस और ब्याज दर जरूर देखें।

सवाल- एक बार क्रेडिट कार्ड के कर्ज से उबरने के बाद कौन-सी गलतियां करने से बचें? जिससे दोबारा डेट ट्रैप में न फंसे।

जवाब- क्रेडिट कार्ड का कर्ज बढ़ने से बचने के लिए सबसे पहले बजट बनाना जरूरी है, ताकि आप अपनी आमदनी और खर्च को सही तरीके से मैनेज कर सकें।

साथ ही यह भी समझें कि आप जरूरत से ज्यादा खर्च क्यों करते हैं, क्योंकि अपनी भावनाओं को पहचानने से फिजूलखर्ची पर कंट्रोल करना आसान होता है। कोशिश करें कि ज्यादातर पेमेंट कैश से करें और अगर क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना पड़े तो हर महीने पूरा बिल चुका दें।

वन-क्लिक बाइंग बंद कर दें और हर बार कार्ड की डिटेल खुद डालें, ताकि सोच-समझकर खर्च हो। कोई भी सामान खरीदने से पहले कम से कम 24 घंटे का समय लें और तुरंत पेमेंट न करें, इससे बेवजह खर्च करने की आदत कम हो जाएगी।

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