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कई लोग रात में सोते समय ईयरबड्स लगाकर म्यूजिक, मेडिटेशन ट्रैक या पॉडकास्ट सुनते हैं ताकि बाहरी शोर, खर्राटों या तनावपूर्ण विचारों से राहत मिल सके। यात्रा के दौरान हम ऐसा ज्यादा करते हैं। शोध में भी पाया गया है कि इससे नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। लेकिन स्टैनफोर्ड मेडिसिन में हेड और नेक सर्जरी की एसोसिएट प्रो. डॉ. जेनिफर कहती है कि लंबे समय तक ईयरबड्स लगाने से कान में नमी फंस सकती है, जिससे बैक्टीरिया पनपने और कान में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ईयरबड्स कानों में नमी और वैक्स फंसा सकते हैं न्यूयॉर्क के ईयरसर्जन डॉ. जैकरी के मुताबिक, पूरी रात ईयरबड्स पहनने से कान में नमी और मैल (वैक्स) जमा हो सकता है। वहीं, वैक्स भी कान के अंदर जा सकता है, जिससे सुनने में दिक्कत, खुजली, दबाव या घंटी बजने जैसी समस्या हो सकती है। कान के कैनाल को सील न करने वाले ऑप्शन चुनें अगर ईयरबड पहनने पर भी आपको दिक्कत नहीं होती, तो ज्यादा चिंता की बात नहीं है। हालांकि फिर भी ऐसे ईयरबड चुनें जो कान के कैनाल को पूरी तरह से सील न करें। इन-ईयर बड्स की जगह, ओवर-द-ईयर हेडफोन या इंटीग्रेटेड स्पीकर वाले हेडबैंड ज्यादा एयरफ्लो दे सकते हैं और कम नमी रोक सकते हैं।
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