एन. रघुरामन का कॉलम:  किसी के लिए उम्मीद ही सबसे अच्छा गिफ्ट हो सकता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: किसी के लिए उम्मीद ही सबसे अच्छा गिफ्ट हो सकता है

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सुगि अमाया (29) की कहानी किसी बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक सन्नाटे के साथ शुरू हुई। जुलाई 2022 में उनका संसार बिखर गया, जब उनके 24 साल के भाई एलेक्सिस को पापा जॉन्स पिज्जेरिया से लेट-नाइट शिफ्ट करके लौटते वक्त पुलिस ने पकड़ लिया। आरोप एल-साल्वाडोर का वही जाना-पहचाना था- गैंग से जुड़ाव। किसी ट्रायल और कानूनी रास्ते के बगैर ही एलेक्सिस को वो जेल सिस्टम निगल गया, जो पूरे देश के लिए पुलिसिया जाल बन चुका था। यह सेंट्रल अमेरिका के सबसे छोटे देश एल-साल्वाडोर की हकीकत है। 2022 की शुरुआत में हत्याओं में तेज बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने आपातकाल लगा दिया। जो कदम अपराध के खिलाफ शुरू हुआ, धीरे-धीरे ऐतिहासिक सख्ती में बदल गया। आज इस देश में दुनिया की सर्वाधिक कारावास दर है, जहां कार्रवाई की शुरुआत से अब तक 91 हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। यह वयस्क आबादी का करीब 2% है। मानवाधिकार संगठनों ने चेताया है कि ‘अरेस्ट कोटा’ के चलते पुलिस गरीबों को निशाना बना रही है। एलेक्सिस जैसे लोगों को अकसर सिर्फ टैटू या अनजान सूचना के आधार पर पकड़ लिया जाता है। नतीजतन, इस देश में बहुत बड़ा विरोधाभास है। आंकड़ों में तो एल-साल्वाडोर दुनिया के सबसे हिंसक देशों में से एक से बदलकर पश्चिमी गोलार्ध के सबसे सुरक्षित देशों में शामिल हो गया। लोग नई आजादी की बात करते हैं- मसलन, रात में बेखौफ चल पाना या बिना वसूली के दुकान चला पाना। लेकिन इस सुरक्षा की भयानक कीमत पीछे छूट गए परिवारों को चुकानी पड़ी है। बुनियादी सुविधाओं की किल्लत वाली और भीड़ भरी जेलों में बंद रिश्तेदारों के लिए खाना और दवाएं जुटाना गरीबों के जीवन का संघर्ष बन गया है। एलेक्सिस की गिरफ्तारी के बाद सुगि का जीवन राजधानी सैन-साल्वाडोर के एक कन्वर्टेड मूवी थिएटर के बाहर के फर्श तक सिमट गया है। यह जगह जटिल जेल सिस्टम में आने-जाने वालों के लिए ठहराव स्थल है। जेल की दीवारों की छांव अब सुगि का दूसरा घर बन गई है। भाई की गैरमौजूदगी की इस रिक्तता में कड़वाहट उनके मन में आ सकती थी। लोहे के इन दरवाजों में उन्हें सिर्फ दुश्मन ही दिख सकते थे। लेकिन उन्होंने इनमें एक आईना देखना चुना। बच्चों को अपनी मां के पास छोड़कर सुगि रात भर इंतजार करती हैं। एल-साल्वाडोर में कैदियों की रिहाई बहुत कम और अकसर बिना सूचना के तड़के ही होती है। तब कोई रिश्तेदार कागजों पर साइन करने के लिए न हो तो कैदी वापस भीतर भेज दिया जाता है। इसे रोकने के लिए सुगि अजनबियों के लिए वहां रहती हैं। वह बिना किसी सोच-विचार के एक साफ शर्ट और जूते लेकर रिहा हुए लोगों के पास जाती हैं और रिलीज फॉर्म पर साइन करती हैं। धीरे से कहती हैं, ‘अब आप ठीक हैं।’ सुगि की आवाज उन्हें फिर से जिंदगी से जोड़ती है। जरूरतमंदों को वह घर जाने का किराया देती हैं और जिनके पास कोई जगह नहीं, सुगि का छोटा-सा घर ही ठिकाना होता है- जहां गर्म खाने और बिस्तर से उनका ‘क्रिमिनल’ का टैग धुल जाता है। जब लोग पूछते हैं कि वे अनजान लोगों के लिए क्यों गंदगी में रातें बिताती हैं, तो सुगि को एलेक्सिस याद आता है। उनकी उम्मीद किसी चक्र जैसी है। उन्हें भरोसा है कि अजनबियों के साथ सम्मान से पेश आकर वे दुनिया में इतनी रोशनी फैला रही हैं, जो उस अंधेरी कोठरी तक पहुंचेगी, जहां उनका भाई है। वे ऐसी दुनिया बना रही हैं, जिसमें वे चाहती हैं कि उनका भाई लौटे। आज सुगि का मिशन बढ़ चुका है। पूरे अमेरिका महाद्वीप से परिवार उन्हें मदद भेजते हैं। जिनकी उन्होंने मदद की थी, वे इसमें योगदान दे रहे हैं। अब वे कानून की छात्रा हैं, लेकिन उनका ‘फुल-टाइम जॉब’ दूसरों के लिए जेल सिस्टम से जूझना ही है। फंडा यह है कि अजनबियों को बचाने के इस काम में सुगि ने खुद को निराशा से बचा लिया और साबित किया कि उम्मीद बांटी जाए तो यह सबसे ताकतवर तोहफा बन जाती है।



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