एन. रघुरामन का कॉलम:  प्री-हिस्टोरिक सर्जरी से मेडिकल लग्जरी तक का सफर दर्द को घटा सकता है
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एन. रघुरामन का कॉलम: प्री-हिस्टोरिक सर्जरी से मेडिकल लग्जरी तक का सफर दर्द को घटा सकता है

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4 घंटे पहले

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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

हाल ही में दांत में तेज दर्द के कारण मुझे डेंटिस्ट के पास जाने से डर लग रहा था, क्योंकि उन्होंने दांत निकालने की सलाह दी थी। लेकिन आखिरकार मुझे जाना ही पड़ा, क्योंकि उन्होंने कम से कम दर्द का भरोसा दिया था। उन्होंने मजाक में कहा कि ‘मेरी सुविधा शायद लॉस एंजिलिस के सेडर्स-सिनाई मेडिकल सेंटर जैसी तो नहीं, लेकिन आपको भरोसा दे सकता हूं कि यह 59 हजार साल पहले दांत दर्द से पीड़ित निएंडरथल मानव के अनुभव जितना कठिन नहीं होगा।’ उनकी इन बातों ने मुझे गंभीरता से यह सोचने को मजबूर कर दिया कि तुलना के लिए उन्होंने ये दो बिल्कुल अलग चीजें ही क्यों चुनीं।

सेडर्स-सिनाई वही बेहद मशहूर अस्पताल है, जहां 2023 में शूटिंग के दौरान मामूली एक्सीडेंट के बाद बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान का इलाज हुआ था। यह हॉलीवुड के शीर्षतम सितारों और दुनिया के अरबपतियों का भी पसंदीदा मेडिकल डेस्टिनेशन है। इसकी कोई ऑफिशियल प्राइस लिस्ट नहीं है, लेकिन 2019-20 के आसपास प्रकाशित फीस ब्योरे के अनुसार वहां हार्ट ट्रांसप्लांट की कीमत 3.3 मिलियन डॉलर यानी करीब 30 करोड़ रुपए थी।

हालांकि, एक दांत निकलवाने की जिस प्रक्रिया से मैं गुजरा, वहां उसकी लागत 800 डॉलर यानी 77 हजार रुपए से ज्यादा नहीं होगी। लेकिन मैंने सोचा कि आखिर यह जगह इतनी मशहूर क्यों है? दरअसल, वहां मरीजों को एक क्यूरेटेड लाइफस्टाइल एक्सपीरियंस दिया जाता है। वहां पीछे की तरफ एक गुप्त प्रवेश द्वार भी है, ताकि एडमिट होते वक्त ये बेहद प्रख्यात हस्तियां पैपराजी के कैमरों से बच सकें।

ऑनलाइन खोज से पता चला कि यह जगह फाइन आर्ट, म्यूजिक, एम्बिएंट लाइटिंग और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लाई गई खूबसूरत आर्किटेक्चरल चीजों से भरी है, ताकि मरीज सहज महसूस करे और उसे लगे कि वह ठीक हो रहा है। वहां एक भी परंपरागत सीढ़ी नहीं है, जिस पर मरीज को चढ़ना पड़े।

करीब तीन लाख रुपए कीमत वाले प्रीमियम इटालियन बेड हैं। अगर आप बेहद अमीर हैं और आपको कोई चीज पसंद नहीं आ रही तो वहां 75 से ज्यादा लोगों की इन-हाउस डिजाइन और आर्किटेक्चर टीम है, जो आपके लिए हर चीज मोडिफाई कर सकती है।

रिसेप्शन एरिया में किसी हाई-एंड बुटीक होटल लॉबी की तरह सफेद और आंखों को सुकून देने वाला माहौल है। ऊपर एक वेटिंग रूम है, जो किसी प्राइवेट जेट डिपार्चर लाउंज जैसा है। कंसल्टिंग रूम के ब्रांडेड सोफा सेट, 4400 से 7400 रुपए कीमत का लग्जरी एईसोप हैंडवॉश और ऐसी अनगिनत चीजें हैं। और आखिर में, जैसा वे दावा करते हैं, वहां वर्ल्ड क्लास मेडिकल प्रोफेशनल्स हैं।

फिर भी, 59 हजार साल पहले निएंडरथल के प्राचीन युग में भी जटिल सर्जरी होती थीं। हाल ही में साइबेरिया की गुफा में मिले एक प्राचीन दांत पर हुए महत्वपूर्ण अध्ययन में सोच-समझ कर की गई डेंटल सर्जरी के संकेत मिले हैं। शायद इसमें दांतों की सड़न हटाने और दर्द से राहत देने के लिए पत्थर का छोटा औजार इस्तेमाल किया गया था।

विलुप्त हो चुके हमारे करीबी रिश्तेदारों ने इतना जटिल और इन्वेसिव डेंटल प्रोसिजर किया था और उनके पास सोची-समझी चिकित्सकीय रणनीति, सटीक तरीके से हाथ चलाने का कौशल जैसी कॉग्निटिव क्षमताएं थीं। इससे उस पारंपरिक धारणा को चुनौती मिलती है कि ऐसी जटिल चीजें केवल हम होमो सेपियंस ही कर सकते थे।

यह अध्ययन इस साल 13 मई को ओपन-एक्सेस जर्नल ‘पीएलओएस वन’ में रूसी वैज्ञानिकों की टीम द्वारा प्रकाशित किया गया। याद रखिए कि मानव के मुंह में काम करना बेहद कठिन होता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि उस समय सर्जरी करने वाले व्यक्ति के पास शानदार दक्षता, अपार धैर्य और एक भरोसेमंद सहायक जरूर रहा होगा, जो मरीज का सिर स्थिर रख सके, क्योंकि तब लोकल एनेस्थीसिया नहीं होता था।

फंडा यह है कि अगर आप अपनी बीमारी के बारे में कुछ नया जानने में खुद को व्यस्त कर लें तो दर्द पर ध्यान कम जाता है। क्योंकि दिमाग यह सीखकर गर्व अनुभव करता है कि उसने कुछ नया जाना है, जो पहले पता नहीं था।

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