एन. रघुरामन का कॉलम:  50 की उम्र में फिटनेस और 80 तक सक्रिय रहना, दोनों महत्वपूर्ण हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: 50 की उम्र में फिटनेस और 80 तक सक्रिय रहना, दोनों महत्वपूर्ण हैं

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7 घंटे पहले

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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

तकनीकी विकास के इस दौर में, हाल ही में रूस के व्लादिमीर पुतिन को अनुवादक के जरिए चीन के शी जिनपिंग को यह आश्वासन देते हुए देखा गया कि मानव अंगों को लगातार ट्रांसप्लांट किया जा सकता है, ताकि लोग युवा बने रहें। शायद अमर भी हो जाएं। इन दोनों 72 वर्षीय नेताओं से उम्र में तीन दशक छोटे उत्तर कोरिया के किम जोंग-उन पास ही मुस्कराते हुए उनकी बात सुन रहे थे।

पिछले हफ्ते बीजिंग में एक सैन्य परेड से पहले रेड कारपेट पर चलते हुए ये तीनों नेताओं की शेल्फ लाइफ पर बात कर रहे थे। यकीनन, चर्चा इस बारे में हो रही थी समय को रोकने के लिए वे कितना प्रयास करेंगे। चीनी नेता ने जवाब दिया कि इस सदी के अंत तक लोग संभवत: 150 साल तक जिंदा रहने लगेंगे।

उनके बीच की यह बातचीत एक हॉट माइक द्वारा रिकॉर्ड हो गई और फिर वायरल हो गई। तब से यह विषय दिलचस्प बन गया कि कोई कितने समय तक जीवित रह सकता है। सेहत के प्रति जुनूनी व्यक्ति के रूप में पुतिन को जानने वाले लोग कहते हैं कि यह मामला महज सेहतमंद बने रहने का नहीं, बल्कि जीवन की अवधि को ही लंबा करने का है।

वे पहले ऐसे व्यक्ति नहीं थे, जो हमेशा जिंदा रहना चाहते थे। चीन के पहले सम्राट किन शी हुआंग (259-210 ईसा पूर्व) ने अमृत की खोज में पौराणिक पेंगलई पर्वत की ओर अभियान दल भेजे थे। लोकक​थाओं के अनुसार सिकंदर महान ने हमेशा अंधेरे में डूबे रहने वाले जंगल लैंड ऑफ डार्कनेस में जीवन देने वाले जल की खोज की थी।

कई शताब्दियों बाद इटली के सिल्वियो बर्लुस्कोनी के साथ यही समस्या हुई तो उन्होंने राजनीतिक मंचों पर अजेय दिखने के लिए हेयर ट्रांसप्लांट, कॉस्मेटिक सर्जरी और रक्त उपचार कराए। लगभग उसी दौरान, कजाखस्तान के निरंकुश राष्ट्रपति नूर सुल्तान नजरबायेव ने अस्ताना के एक संस्थान को अंगों के कायाकल्प, मानव जीनोम और जीन-आधारित दवाओं के अध्ययन का आदेश दिया।

हालांकि, निकट भविष्य में विज्ञान ही जब तक कुछ आश्चर्यजनक ना कर दे, फिलहाल अमर होने की कोई गारंटी नहीं है। लेकिन 80 की उम्र में भी हम कम से कम बेहतर सेहत बनाए रखकर तो जीर्णता को रोक सकते हैं। कैसे? यहां कुछ चुनिंदा सुझाव दिए गए हैं।

1. कड़ा व्यायाम : यह भले ही बहुत आनंददायक न हो, लेकिन बिल्कुल जरूरी है। व्यायाम हल्का होना भी नहीं चाहिए। 2. काम करते रहें : कुछ लोग 80 पार की उम्र में भी ऑफिस जाते हैं। काम-काज बंद न करें। यहां तक कि कुछ काम मुफ्त में भी करें। 3. ओवरवेट ना हों : 80 की उम्र में फिट लोग कभी ओवरवेट नहीं मिलेंगे। वे सेहतमंद भोजन करते हैं। स्नैक्स, केक, बिस्कुट कभी नहीं खाते। 4 धूम्रपान न करें : हो सकता है आपने धूम्रपान किया हो या अभी भी पसंद करते हों। दिल और फेफड़े खराब करने के अलावा इससे जल्द झुर्रियां पड़ती हैं। 80 की उम्र में चेहरे पर झुर्रियां तो होंगी ही, लेकिन अगर आप धूम्रपान करते हैं तो ज्यादा होंगी। 5. दोस्त बनाएं : बुजुर्गों में कई बीमारियां अकेलेपन से होती हैं। पुरानी यादें ताजा करने और उससे भी महत्वपूर्ण- भविष्य की सोचने के लिए- समय-समय पर दोस्तों से मिलें। यह आपको धीमा पड़ने से रोकेगा। मिलनसार होना दिमाग के लिए अच्छा है। दोस्तों के साथ कॉफी पीना, एक घंटे की सैर के बाद गपशप या किसी सामाजिक कार्य के लिए वॉलंटियरिंग करना आपको उत्साहित रखेगा। 6. फैशनेबल रहें : एक खास उम्र में पहुंचकर आप अपने लिए खरीदारी बंद कर देते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि नई पोशाकें, गैजेट्स खरीदें। चमकदार एप्लायंसेज खरीदें, भले ही घर का पुराना एप्लायंसेज चल रहा हो। 7. सकारात्मक नजरिया : यह बुढ़ापे में तंदुरुस्त रहने का सबसे जरूरी पहलू है। दिल से युवा रहें और जीवन को मजेदार और हंसी-मजाक भरा रखें।

फंडा यह है कि 50 की उम्र में फिटनेस को न भूलें, लेकिन 80 की उम्र में भी सक्रिय रहना महत्वपूर्ण है। कम से कम फिलहाल तो इसी से हमारा जीवन बिना वैज्ञानिक दखलअंदाजी के प्राकृतिक रूप से दीर्घायु बनेगा।

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