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लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें लव कुश रामलीला में सुविधानुसार किसी भी दिन शामिल होने और प्रभु श्रीराम की भव्य लीला देखने के लिए आमंत्रित किया। उपराज्यपाल ने कहा कि रामलीलाएं भारतीय संस्कृति और संस्कारों की अमूल्य धरोहर हैं। इनके माध्यम से युवा पीढ़ी, विशेषकर जेन-जी, को प्रभु श्रीराम के त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा, पारिवारिक समर्पण और आदर्श शासन व्यवस्था ‘रामराज’ के महत्व से परिचित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लव कुश रामलीला कमेटी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। संधू ने जेन-जी को भारतीय संस्कृति और प्रकृति से जोड़ने के लिए कमेटी की ओर से हजारों तुलसी के पौधे वितरित करने और ‘घर-घर राम, घर-घर तुलसी’ का संदेश पहुंचाने की पहल की सराहना की। उन्होंने इस अभियान के लिए कमेटी के सभी पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। यमुना में पूजा सामग्री, प्लास्टिक या कचरा न डालें : सतीश लूथरा विवेक विहार पुलिस स्टेशन के सामने स्थित डीडीए ग्राउंड में भव्य रामलीला का शुभारंभ डांडिया रास के आयोजन के साथ हुआ। पहले दिन डांडिया उत्सव में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने उत्साह से भाग लिया। इस बार रामलीला के जरिए धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण और नदी संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। भव्य रामलीला सोसायटी के प्रधान सतीश लूथरा ने कहा कि प्रभु श्रीराम की लीलाओं के मंचन के साथ दिल्ली की जीवनरेखा यमुना को प्रदूषण मुक्त और निर्मल बनाना भी सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि यमुना में पूजा सामग्री, प्लास्टिक या किसी भी तरह का कचरा न डालें। उन्होंने कहा कि ‘स्वच्छ यमुना मिशन’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और नदी संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
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