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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन देह नहीं आत्मा पर टिका है, रक्षाबंधन की यही सीख

गहराई से भीतर देखें तो हमें अपने भीतर कोई न कोई जानवर सक्रिय होता दिख जाएगा। जिसका जानवर जाग जाए और बाहर की गतिविधि पर अपना प्रभाव रख दे तो फिर हम पशु जैसे हो जाते हैं। भारतीय परंपरा ने इसी जानवर को बांधने के लिए रक्षाबंधन का त्योहार बनाया। यह एक धागा हमें नैतिक […]

मनोरंजन

Kriti Sanon Rakshabandhan Ad Controversy

1 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन अपने एक नए ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट को लेकर विवादों में घिर गई हैं। रक्षाबंधन के थीम पर बने इस एड में कृति अपने ऑन-स्क्रीन भाई को राखी बांधती नजर आ रही हैं। हालांकि, एड में उनके इंडो-वेस्टर्न आउटफिट (ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज और ड्रेप्ड स्कर्ट) को लेकर सोशल […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  विनम्र शब्द और नम्र भंगिमा क्या है, हनुमान जी से सीखें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: विनम्र शब्द और नम्र भंगिमा क्या है, हनुमान जी से सीखें

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Learn Humility And Politeness From Hanuman Ji 11 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जैसे कुछ प्रोडक्ट बाजार से गायब हो गए, ऐसे ही मनुष्य-जीवन के कुछ व्यवहार इन दिनों लापता हैं। उनमें से दो हैं- विनम्र शब्द और नम्र भंगिमा। जिसे देखो वो भाषा में […]

शिव्या नाथ का कॉलम:  टूरिज्म ऐसा हो, जो पर्यावरण व संस्कृति को क्षति ना पहुंचाए
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शिव्या नाथ का कॉलम: टूरिज्म ऐसा हो, जो पर्यावरण व संस्कृति को क्षति ना पहुंचाए

Hindi News Opinion Shivya Nath Column | Kerala Responsible Tourism Model Environment Culture 7 घंटे पहले कॉपी लिंक शिव्या नाथ ट्रैवल ब्लॉगर और ‘रूटलेस एंड रेस्टलेस’ की बेस्टसेलिंग राइटर मैं लगातार केरल के बारे में सोचती रही हूं। दक्षिण भारत की उस समृद्ध भूमि की मनमोहक सुंदरता में मैं जैसे रम-सी गई थी। गेंदे के […]

मेघना पंत का कॉलम:  अरेंज्ड मैरिज की व्यवस्था को एक ‘अपग्रेड’ की जरूरत है
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मेघना पंत का कॉलम: अरेंज्ड मैरिज की व्यवस्था को एक ‘अपग्रेड’ की जरूरत है

पीढ़ियों से भारतीय माता-पिता अपनी बेटियों से कहते आए हैं कि मन लगाकर पढ़ो, बड़े सपने देखो, जीवन में कुछ बनो। लेकिन विवाह की उम्र आते-आते यह संदेश बदल जाता है। इसके बाद वे अचानक उनसे यह अपेक्षा करने लगते हैं कि समझौता करना सीखो! मैंने तो इस पटकथा को कई बार घटित होते देखा […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  शहरों का दिल कभी गांवों के जैसा नहीं हो सकता
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एन. रघुरामन का कॉलम: शहरों का दिल कभी गांवों के जैसा नहीं हो सकता

“नानी, मैं स्कूल जा रहा हूं!’ मैं दरवाजे से चिल्लाकर कहता था और हर सुबह, उनकी तेज लेकिन प्यार से भरी हुई आवाज लौटकर आती थी : “कितनी बार समझाऊं? ऐसा कभी नहीं कहते हैं कि मैं जा रहा हूं, कहो कि मैं स्कूल जाकर आता हूं।’ मैं उनकी ओर देखे बिना मन ही मन […]

रीटा कोठारी का कॉलम:  हमारी घरेलू बातचीत में किस सीमा तक फलसफे समाए हैं?
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रीटा कोठारी का कॉलम: हमारी घरेलू बातचीत में किस सीमा तक फलसफे समाए हैं?

मेरे मायके की शब्दावली सत्संग से आती है। जब किसी की मृत्यु होती है तो हमारे यहां कहा जाता है- ‘उनका शरीर शांत हो गया है।’ जिस सिंधी कौम ने बंटवारे के दुःख देखे हों, तरह-तरह के व्यापारों में हाथ डालकर कभी कामयाबी तो कभी बेहद नुकसान उठाए हों, वह मृत्यु और बीमारियों से जल्दी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  मां के हाथ के भोजन में होते हैं स्मृति, प्रेम और पवित्रता
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मां के हाथ के भोजन में होते हैं स्मृति, प्रेम और पवित्रता

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column: Maa Ke Haath Ka Khana | Memory, Love, Purity 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अपनी हैसियत के बाहर जाकर बच्चों के भविष्य के लिए कुछ करना आज भारतीय माता-पिता की जीवनशैली बन गया है। वहीं सरकार में बैठे लोग अपनी हरकतों से बच्चों के सपनों […]

स्वामी विवेकानंद की सीख:  धैर्य और सहनशीलता का गुण मां से सीखें, मुश्किलों का सामना मुस्कान के साथ करना चाहिए, तभी सुख-शांति मिलती है
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

स्वामी विवेकानंद की सीख: धैर्य और सहनशीलता का गुण मां से सीखें, मुश्किलों का सामना मुस्कान के साथ करना चाहिए, तभी सुख-शांति मिलती है

6 घंटे पहले कॉपी लिंक आज (रविवार, 10 मई) मदर्स डे है। स्वामी विवेकानंद से जुड़ा एक ऐसा किस्सा प्रसिद्ध है, जिसमें बताया गया है कि मां को सबसे महान क्यों माना जाता है। एक बार एक व्यक्ति ने स्वामी विवेकानंद से प्रश्न किया- “स्वामी जी, इस संसार में सबसे अधिक महत्व मां को ही […]

पवन के. वर्मा का कॉलम:  हमारे देश में ‘ग्रॉस डोमेस्टिक हैप्पीनेस’ भी कुछ कम नहीं
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पवन के. वर्मा का कॉलम: हमारे देश में ‘ग्रॉस डोमेस्टिक हैप्पीनेस’ भी कुछ कम नहीं

Hindi News Opinion Pavan K. Varma’s Column: In Our Country, ‘Gross Domestic Happiness’ Is No Less Significant 37 मिनट पहले कॉपी लिंक पवन के. वर्मा पूर्व राज्यसभा सांसद व राजनयिक भूटान- जहां मैंने राजदूत के रूप में सेवाएं दी हैं- को जीडीपी के बजाय ‘जीडीएच’ (ग्रॉस डोमेस्टिक हैप्पीनेस) शब्द रचने का श्रेय दिया जाता है। […]

परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में शामिल हुए सुनील शेट्टी:रूद्राक्ष का दिव्य पौधा और अंग वस्त्र भेंट कर किया अभिनन्दन
मनोरंजन

परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में शामिल हुए सुनील शेट्टी:रूद्राक्ष का दिव्य पौधा और अंग वस्त्र भेंट कर किया अभिनन्दन

सुनील शेट्टी और उनकी पत्नी माना शेट्टी ने पावन गंगा तट पर आयोजित दिव्य परमार्थ गंगा आरती में सहभाग कर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। परमार्थ निकेतन में आयोजित इस आरती के दौरान आचार्यों और ऋषिकुमारों ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं पुष्पमालाओं से उनका स्वागत किया। भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण गंगा आरती के […]

शेफ विकास खन्ना TIME100 लिस्ट में शामिल:  स्‍कूल में बुली हुए, गुरुद्वारों में खाना बनाना सीखा, न्‍यूयार्क में बर्तन धोए; जानें प्रोफाइल
शिक्षा

शेफ विकास खन्ना TIME100 लिस्ट में शामिल: स्‍कूल में बुली हुए, गुरुद्वारों में खाना बनाना सीखा, न्‍यूयार्क में बर्तन धोए; जानें प्रोफाइल

Hindi News Career Vikas Khanna TIME100 List 2026 | Chefs Global Impact & Indian Culture 3 घंटे पहले कॉपी लिंक सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना को TIME मैगजीन ने 2026 में दुनिया के 100 इन्फ्लुएंशल लोगों की लिस्ट में शामिल किया है। वे इस लिस्ट में शामिल 3 भारतीय मूल की हस्तियों में शामिल हैं। TIME […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं

मनुष्य के छह शत्रुओं में एक लोभ भी है। इसका अर्थ है अतिरिक्त लालसा, अनुचित की मांग। यह धन, पद, वस्तु, शरीर- इन पर काम करता है। मोटे तौर पर लोभ और लालच एक ही हैं। छोटा-सा फर्क ये है कि लोभ, यानी जो आपके पास है, उसको और बढ़ाएं। और लालच, यानी जो दूसरों […]

पूजा में परिक्रमा करने की परंपरा:  दाहिने हाथ की ओर से करनी चाहिए परिक्रमा, जानिए परिक्रमा करते समय बोलें कौन सा मंत्र बोलें
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

पूजा में परिक्रमा करने की परंपरा: दाहिने हाथ की ओर से करनी चाहिए परिक्रमा, जानिए परिक्रमा करते समय बोलें कौन सा मंत्र बोलें

पूजा-पाठ करते समय भगवान की परिक्रमा करने की परंपरा है, इसे प्रदक्षिणा भी कहते हैं। मंदिरों में आप अक्सर देखेंगे कि लोग मूर्ति के चारों ओर घूमते हैं। इस परंपरा का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा बताते हैं कि शास्त्रों के अनुसार प्रदक्षिणा करने से हमारे पुराने पाप धुल […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सांसारिक धूप में छांव का काम करती है हमारी परम्परा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सांसारिक धूप में छांव का काम करती है हमारी परम्परा

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Tradition Offers Shade In Worldly Sun 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता प्रकृति ने सुख और दु:ख का संतुलन दे रखा है। इंसान न तो केवल सुख पचा पाएगा, और न ही दु:ख। समझदारी इसी में है कि दोनों को लेकर चलें। कथा सुनने के […]

पं. विजयशंकर मेहता कॉलम:  सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें
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पं. विजयशंकर मेहता कॉलम: सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें

अब समय आ गया है कि हम इस बात पर जोर दें- खासतौर पर माता-पिता- कि इंसान की रचनात्मकता मशीनों से अहम रहे। क्योंकि जिस तेजी से मशीनें हमारे जीवन में उतरेंगी, हम लोगों की माता-पिता के रूप में तो उम्र बीत जाएगी, पर हमारे बच्चे न मशीन रह पाएंगे, न इंसान। उनका शिखंडी व्यक्तित्व […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  यह युग ऐसा है कि सावधानी तो रखें पर संदेह न करें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: यह युग ऐसा है कि सावधानी तो रखें पर संदेह न करें

जीवन में हमारी ऊर्जा को जो बातें पी जाती हैं, उनमें से एक है संदेह। यदि आप अत्यधिक संदेहग्रस्त होते जा रहे हैं तो ये मनोरोग है। लेकिन मनुष्य का स्वभाव है संदेह करना। तो इसे दूर करने के हमारे यहां जो उपाय बताए गए, उनमें से एक है ईश्वर के चरित्र का श्रवण किया […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  विवाह में देह से आगे बढ़कर आत्मा तक की यात्रा करें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: विवाह में देह से आगे बढ़कर आत्मा तक की यात्रा करें

विवाह इसीलिए रचाया जाता है कि जीवन में एक अभाव की पूर्ति हो जाए। विवाह पूर्व जिस सुख की तलाश में मनुष्य रहता है, वो प्राप्त हो जाए। दु:ख की कल्पना कोई नहीं करता। लेकिन इन दिनों विवाह के मतलब बदलते जा रहे हैं। एक पीढ़ी तो भूल ही जाएगी कि विवाह संस्कार है। और […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सोशल मीडिया युग में भक्ति व योग का महत्व और बढ़ा है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सोशल मीडिया युग में भक्ति व योग का महत्व और बढ़ा है

Hindi News Opinion Social Media Era: Bhakti & Yogas Rising Importance | Pt. Vijayshankar Mehta 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता ख्यालों में रहने वाले लोग ख्यालों में ही मिलते हैं- ये पंक्ति सुनने में तो अच्छी लगती है, लेकिन जब ख्यालों वाले लोग वास्तविक रूप में सामने आते हैं तो या तो […]

रसरंग में चिंतन:  मनुष्य के लिए मुश्किल है ऋतुओं से दूर रहना
अअनुबंधित

रसरंग में चिंतन: मनुष्य के लिए मुश्किल है ऋतुओं से दूर रहना

इन दिनों मैं वसंत ऋतु में ही डूबा हुआ हूं। इसके वैभव को अनुभव कर रहा हूं। हम सबने अनुभव किया होगा कि इन दिनों प्रकृति के कण-कण से सुगंध फैल रही है। पूरे वातावरण में महक व्याप्त हो गई है। ऐसे में वसंत का एक अनोखा रूप हमारे सामने होता है, जो मन को […]

निखिल सिद्धार्थ ने स्वयंभू के लिए दो साल की मेहनत:बोले- यह सिर्फ फिल्म नहीं, हमारी जड़ों की कहानी है, हमने इसे बनाया नहीं, जिया है
मनोरंजन

निखिल सिद्धार्थ ने स्वयंभू के लिए दो साल की मेहनत:बोले- यह सिर्फ फिल्म नहीं, हमारी जड़ों की कहानी है, हमने इसे बनाया नहीं, जिया है

दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता निखिल सिद्धार्थ अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘स्वयंभू’ को लेकर चर्चा में हैं। ‘कार्तिकेय 2’ की सफलता के बाद जहां दर्शक उनके अगले प्रोजेक्ट का इंतजार कर रहे थे, वहीं निखिल पिछले दो वर्षों से इस महत्वाकांक्षी फिल्म की तैयारी में जुटे थे। हाल ही में रिलीज हुए टीजर को दर्शकों […]

पंजाबी सॉन्ग की फैन हुई रसियन फिगर स्केटर:‘ना दे दिल परदेसी नूं’ सॉन्ग पर बर्फ में स्केटिंग प्रैक्टिस की; बोलीं- इससे एनर्जी मिलती है
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पंजाबी सॉन्ग की फैन हुई रसियन फिगर स्केटर:‘ना दे दिल परदेसी नूं’ सॉन्ग पर बर्फ में स्केटिंग प्रैक्टिस की; बोलीं- इससे एनर्जी मिलती है

रूसी फिगर स्केटर और ओलिंपियन अनास्तासिया गुबानोवा इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह मशहूर पंजाबी गायक मोहम्मद सदीक के गीत ‘ना दे दिल परदेसी नूं’ पर बर्फ पर स्केटिंग की प्रैक्टिस करती नजर आ रही हैं। गुबानोवा का कहना है कि पंजाबी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  रामराज्य किस सुव्यवस्था का नाम था, यह मानस में दिखेगा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: रामराज्य किस सुव्यवस्था का नाम था, यह मानस में दिखेगा

जिस रामराज्य को तुलसीदास जी ने आदर्श माना, आज वही व्यंग्य में अव्यवस्था का प्रतीक हो गया। अगर कहीं बिगड़ी हुई व्यवस्था हो तो लोग कहते हैं कि सब रामराज्य चल रहा है। लेकिन रामराज्य किस सुव्यवस्था का नाम था, यह रामचरितमानस में दिखेगा। जब पिछले दिनों दुबई में पारम्परिक रूप से मैंने भागवत कथा […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  हिंदू देवता: युद्ध के ही नहीं, कला व सौंदर्य के भी प्रतीक
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रसरंग में मायथोलॉजी: हिंदू देवता: युद्ध के ही नहीं, कला व सौंदर्य के भी प्रतीक

आज की सनातनी हिंदुत्ववादी सोच में युद्ध की धारणा को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। परिणामस्वरूप, जीवन की लगभग हर गतिविधि को संघर्ष और युद्ध के प्रतीकों में ढाल दिया जाता है, जैसे परीक्षा योद्धा, चुनाव योद्धा, यहां तक कि कोरोना योद्धा भी। और यही सोच हमारे देवी-देवताओं पर भी लागू कर दी जाती है। […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सामने वाले की आस्था से जोड़कर अपने कार्य करें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सामने वाले की आस्था से जोड़कर अपने कार्य करें

हम कोई अच्छा काम करें और फिर उसी काम को बार-बार और अच्छे से करते जाएं, इसके पीछे दो बातें काम करती हैं। एक तो उसमें हमें लाभ दिख रहा हो या हमारी लगन गहरी हो। आजकल कोई भी आपके काम को पसंद करे, तो उसके पीछे सामने वाले की रुचि के अलावा एक बात […]