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एलजी संधू को लव कुश रामलीला में आने का न्योता: घर-घर राम, घर-घर तुलसी अभियान की सराहना – New Delhi News

लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें लव कुश रामलीला में सुविधानुसार किसी भी दिन शामिल होने और प्रभु श्रीराम की भव्य लीला देखने के लिए आमंत्रित किया। उपराज्यपाल ने कहा कि रामलीलाएं भारतीय संस्कृति और […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: नई पीढ़ी को बताएं संबंधों का हमारी संस्कृति में क्या अर्थ है

Hindi News Opinion Pt. Vijay Shankar Mehta Column | Strengthening Husband Wife Relations 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कुछ बीमारियां ऐसी हैं, जिनके लक्षण दिखते नहीं। हेल्थ चेकअप की चर्चा इसीलिए होती है कि सावधान हो जाएं। इन दिनों एक चर्चा है स्पाउस-रिलेशनशिप हेल्थ की। यानी पति-पत्नी के संबंधों का स्वास्थ्य भी […]

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रश्मि बंसल का कॉलम: जहां जात से कोई छोटा नहीं, मेरा आदर्श भारत है वही…

मेरे पिताजी साइंटिस्ट थे, और मैं बंबई में पली-बढ़ी। हमारी कॉलोनी में हर तरह के लोग थे- बंगाली, मराठी, साउथ इंडियन। मेरी पढ़ाई भी ऐसे स्कूल में हुई, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई- सब साथ पढ़ते थे। मिल-जुल कर रहना हमारे लिए आम बात थी। हां, मेरे पड़ोसी सांभर खाते हैं, और हम अरहर की […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हम युवा पीढ़ी को आंतरिक मूल्य भी देखना सिखाएं

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Teach Intrinsic Values To Young Generation 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता बाजार में जो चीजें मिलती हैं, उनकी कीमतें हमने तय की हैं। हम बढ़ाते हैं, हम घटाते हैं। छोटा-सा उदाहरण है कि पहले हम बहुत पैदल चला करते थे। जब से गाड़ी आई […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमारी मातृभाषा का एक रूप सात समंदर पार भी बना हुआ है

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Indian Culture & Hindi Language In USA 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता तेजी से बदलती दुनिया में विवाह-संस्कार के नए-नए रूप देख अच्छा तो लगता है, पर चिंता भी की जानी चाहिए। पिछले दिनों अमेरिका के सेंट लुइस शहर में एक विवाह समारोह में […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमारे युवा अंगद व अभिमन्यु की तरह निर्भय हों और संस्कारी रहें

अनादिकाल से संसार युवाओं में भविष्य देखता रहा है। संसारभर के युवा एक जैसे ही हैं। लेकिन भारत की युवा-अवस्था कुछ विशेष हो जाती है। क्योंकि, यहां संस्कार की सम्भावना अभी बनी हुई है। शिक्षा तो सारे संसार में पसर रही है। लेकिन शिक्षा के साथ संस्कार का आग्रह भारत के रज-रज और कण-कण में […]

मनोरंजन

RSS OTT Content Censorship Panel

2 घंटे पहले कॉपी लिंक OTT प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले कंटेंट के सेंसरशिप के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने एक पैनल बनाया है। यह पैनल तय करेगा कि OTT पर दिखाया जाने वाला कंटेंट अश्लील, संस्कृति के खिलाफ, एंटी नेशनल या बच्चों पर गलत प्रभाव डालने वाला नहीं है। RSS का मानना है […]

अअनुबंधित

रसरंग में मायथोलॉजी: दिव्य प्रतीक से देव वाहन तक, हिंदू धर्म में प्राणियों की भूमिका

पंद्रहवीं सदी में सारला दास द्वारा रचित ओड़िया महाभारत में वर्णन मिलता है कि कृष्ण अर्जुन के सामने नवगुंजर नामक प्राणी के रूप में प्रकट हुए थे। नवगुंजर का शरीर मुर्गे, मोर, शेर, बाघ, कूबड़ वाले बैल, हाथी, घोड़े, सांप और मनुष्य के अंगों से मिलकर बना था। इस विलक्षण प्राणी को देखकर अर्जुन दंग […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन देह नहीं आत्मा पर टिका है, रक्षाबंधन की यही सीख

गहराई से भीतर देखें तो हमें अपने भीतर कोई न कोई जानवर सक्रिय होता दिख जाएगा। जिसका जानवर जाग जाए और बाहर की गतिविधि पर अपना प्रभाव रख दे तो फिर हम पशु जैसे हो जाते हैं। भारतीय परंपरा ने इसी जानवर को बांधने के लिए रक्षाबंधन का त्योहार बनाया। यह एक धागा हमें नैतिक […]

मनोरंजन

Kriti Sanon Rakshabandhan Ad Controversy

1 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन अपने एक नए ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट को लेकर विवादों में घिर गई हैं। रक्षाबंधन के थीम पर बने इस एड में कृति अपने ऑन-स्क्रीन भाई को राखी बांधती नजर आ रही हैं। हालांकि, एड में उनके इंडो-वेस्टर्न आउटफिट (ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज और ड्रेप्ड स्कर्ट) को लेकर सोशल […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  विनम्र शब्द और नम्र भंगिमा क्या है, हनुमान जी से सीखें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: विनम्र शब्द और नम्र भंगिमा क्या है, हनुमान जी से सीखें

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Learn Humility And Politeness From Hanuman Ji 11 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जैसे कुछ प्रोडक्ट बाजार से गायब हो गए, ऐसे ही मनुष्य-जीवन के कुछ व्यवहार इन दिनों लापता हैं। उनमें से दो हैं- विनम्र शब्द और नम्र भंगिमा। जिसे देखो वो भाषा में […]

शिव्या नाथ का कॉलम:  टूरिज्म ऐसा हो, जो पर्यावरण व संस्कृति को क्षति ना पहुंचाए
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शिव्या नाथ का कॉलम: टूरिज्म ऐसा हो, जो पर्यावरण व संस्कृति को क्षति ना पहुंचाए

Hindi News Opinion Shivya Nath Column | Kerala Responsible Tourism Model Environment Culture 7 घंटे पहले कॉपी लिंक शिव्या नाथ ट्रैवल ब्लॉगर और ‘रूटलेस एंड रेस्टलेस’ की बेस्टसेलिंग राइटर मैं लगातार केरल के बारे में सोचती रही हूं। दक्षिण भारत की उस समृद्ध भूमि की मनमोहक सुंदरता में मैं जैसे रम-सी गई थी। गेंदे के […]

मेघना पंत का कॉलम:  अरेंज्ड मैरिज की व्यवस्था को एक ‘अपग्रेड’ की जरूरत है
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मेघना पंत का कॉलम: अरेंज्ड मैरिज की व्यवस्था को एक ‘अपग्रेड’ की जरूरत है

पीढ़ियों से भारतीय माता-पिता अपनी बेटियों से कहते आए हैं कि मन लगाकर पढ़ो, बड़े सपने देखो, जीवन में कुछ बनो। लेकिन विवाह की उम्र आते-आते यह संदेश बदल जाता है। इसके बाद वे अचानक उनसे यह अपेक्षा करने लगते हैं कि समझौता करना सीखो! मैंने तो इस पटकथा को कई बार घटित होते देखा […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  शहरों का दिल कभी गांवों के जैसा नहीं हो सकता
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एन. रघुरामन का कॉलम: शहरों का दिल कभी गांवों के जैसा नहीं हो सकता

“नानी, मैं स्कूल जा रहा हूं!’ मैं दरवाजे से चिल्लाकर कहता था और हर सुबह, उनकी तेज लेकिन प्यार से भरी हुई आवाज लौटकर आती थी : “कितनी बार समझाऊं? ऐसा कभी नहीं कहते हैं कि मैं जा रहा हूं, कहो कि मैं स्कूल जाकर आता हूं।’ मैं उनकी ओर देखे बिना मन ही मन […]

रीटा कोठारी का कॉलम:  हमारी घरेलू बातचीत में किस सीमा तक फलसफे समाए हैं?
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रीटा कोठारी का कॉलम: हमारी घरेलू बातचीत में किस सीमा तक फलसफे समाए हैं?

मेरे मायके की शब्दावली सत्संग से आती है। जब किसी की मृत्यु होती है तो हमारे यहां कहा जाता है- ‘उनका शरीर शांत हो गया है।’ जिस सिंधी कौम ने बंटवारे के दुःख देखे हों, तरह-तरह के व्यापारों में हाथ डालकर कभी कामयाबी तो कभी बेहद नुकसान उठाए हों, वह मृत्यु और बीमारियों से जल्दी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  मां के हाथ के भोजन में होते हैं स्मृति, प्रेम और पवित्रता
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मां के हाथ के भोजन में होते हैं स्मृति, प्रेम और पवित्रता

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column: Maa Ke Haath Ka Khana | Memory, Love, Purity 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अपनी हैसियत के बाहर जाकर बच्चों के भविष्य के लिए कुछ करना आज भारतीय माता-पिता की जीवनशैली बन गया है। वहीं सरकार में बैठे लोग अपनी हरकतों से बच्चों के सपनों […]

स्वामी विवेकानंद की सीख:  धैर्य और सहनशीलता का गुण मां से सीखें, मुश्किलों का सामना मुस्कान के साथ करना चाहिए, तभी सुख-शांति मिलती है
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

स्वामी विवेकानंद की सीख: धैर्य और सहनशीलता का गुण मां से सीखें, मुश्किलों का सामना मुस्कान के साथ करना चाहिए, तभी सुख-शांति मिलती है

6 घंटे पहले कॉपी लिंक आज (रविवार, 10 मई) मदर्स डे है। स्वामी विवेकानंद से जुड़ा एक ऐसा किस्सा प्रसिद्ध है, जिसमें बताया गया है कि मां को सबसे महान क्यों माना जाता है। एक बार एक व्यक्ति ने स्वामी विवेकानंद से प्रश्न किया- “स्वामी जी, इस संसार में सबसे अधिक महत्व मां को ही […]

पवन के. वर्मा का कॉलम:  हमारे देश में ‘ग्रॉस डोमेस्टिक हैप्पीनेस’ भी कुछ कम नहीं
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पवन के. वर्मा का कॉलम: हमारे देश में ‘ग्रॉस डोमेस्टिक हैप्पीनेस’ भी कुछ कम नहीं

Hindi News Opinion Pavan K. Varma’s Column: In Our Country, ‘Gross Domestic Happiness’ Is No Less Significant 37 मिनट पहले कॉपी लिंक पवन के. वर्मा पूर्व राज्यसभा सांसद व राजनयिक भूटान- जहां मैंने राजदूत के रूप में सेवाएं दी हैं- को जीडीपी के बजाय ‘जीडीएच’ (ग्रॉस डोमेस्टिक हैप्पीनेस) शब्द रचने का श्रेय दिया जाता है। […]

परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में शामिल हुए सुनील शेट्टी:रूद्राक्ष का दिव्य पौधा और अंग वस्त्र भेंट कर किया अभिनन्दन
मनोरंजन

परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में शामिल हुए सुनील शेट्टी:रूद्राक्ष का दिव्य पौधा और अंग वस्त्र भेंट कर किया अभिनन्दन

सुनील शेट्टी और उनकी पत्नी माना शेट्टी ने पावन गंगा तट पर आयोजित दिव्य परमार्थ गंगा आरती में सहभाग कर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। परमार्थ निकेतन में आयोजित इस आरती के दौरान आचार्यों और ऋषिकुमारों ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं पुष्पमालाओं से उनका स्वागत किया। भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण गंगा आरती के […]

शेफ विकास खन्ना TIME100 लिस्ट में शामिल:  स्‍कूल में बुली हुए, गुरुद्वारों में खाना बनाना सीखा, न्‍यूयार्क में बर्तन धोए; जानें प्रोफाइल
शिक्षा

शेफ विकास खन्ना TIME100 लिस्ट में शामिल: स्‍कूल में बुली हुए, गुरुद्वारों में खाना बनाना सीखा, न्‍यूयार्क में बर्तन धोए; जानें प्रोफाइल

Hindi News Career Vikas Khanna TIME100 List 2026 | Chefs Global Impact & Indian Culture 3 घंटे पहले कॉपी लिंक सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना को TIME मैगजीन ने 2026 में दुनिया के 100 इन्फ्लुएंशल लोगों की लिस्ट में शामिल किया है। वे इस लिस्ट में शामिल 3 भारतीय मूल की हस्तियों में शामिल हैं। TIME […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं

मनुष्य के छह शत्रुओं में एक लोभ भी है। इसका अर्थ है अतिरिक्त लालसा, अनुचित की मांग। यह धन, पद, वस्तु, शरीर- इन पर काम करता है। मोटे तौर पर लोभ और लालच एक ही हैं। छोटा-सा फर्क ये है कि लोभ, यानी जो आपके पास है, उसको और बढ़ाएं। और लालच, यानी जो दूसरों […]

पूजा में परिक्रमा करने की परंपरा:  दाहिने हाथ की ओर से करनी चाहिए परिक्रमा, जानिए परिक्रमा करते समय बोलें कौन सा मंत्र बोलें
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

पूजा में परिक्रमा करने की परंपरा: दाहिने हाथ की ओर से करनी चाहिए परिक्रमा, जानिए परिक्रमा करते समय बोलें कौन सा मंत्र बोलें

पूजा-पाठ करते समय भगवान की परिक्रमा करने की परंपरा है, इसे प्रदक्षिणा भी कहते हैं। मंदिरों में आप अक्सर देखेंगे कि लोग मूर्ति के चारों ओर घूमते हैं। इस परंपरा का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा बताते हैं कि शास्त्रों के अनुसार प्रदक्षिणा करने से हमारे पुराने पाप धुल […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सांसारिक धूप में छांव का काम करती है हमारी परम्परा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सांसारिक धूप में छांव का काम करती है हमारी परम्परा

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Tradition Offers Shade In Worldly Sun 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता प्रकृति ने सुख और दु:ख का संतुलन दे रखा है। इंसान न तो केवल सुख पचा पाएगा, और न ही दु:ख। समझदारी इसी में है कि दोनों को लेकर चलें। कथा सुनने के […]

पं. विजयशंकर मेहता कॉलम:  सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें
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पं. विजयशंकर मेहता कॉलम: सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें

अब समय आ गया है कि हम इस बात पर जोर दें- खासतौर पर माता-पिता- कि इंसान की रचनात्मकता मशीनों से अहम रहे। क्योंकि जिस तेजी से मशीनें हमारे जीवन में उतरेंगी, हम लोगों की माता-पिता के रूप में तो उम्र बीत जाएगी, पर हमारे बच्चे न मशीन रह पाएंगे, न इंसान। उनका शिखंडी व्यक्तित्व […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  यह युग ऐसा है कि सावधानी तो रखें पर संदेह न करें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: यह युग ऐसा है कि सावधानी तो रखें पर संदेह न करें

जीवन में हमारी ऊर्जा को जो बातें पी जाती हैं, उनमें से एक है संदेह। यदि आप अत्यधिक संदेहग्रस्त होते जा रहे हैं तो ये मनोरोग है। लेकिन मनुष्य का स्वभाव है संदेह करना। तो इसे दूर करने के हमारे यहां जो उपाय बताए गए, उनमें से एक है ईश्वर के चरित्र का श्रवण किया […]