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गर्मियों में त्वचा सिर्फ़ बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से भी प्रभावित होती है। तेज़ गर्मी, यूवी किरणें, डिहाइड्रेशन और तनाव मिलकर हमारी त्वचा की कोशिकाओं के कार्य को प्रभावित करते हैं। हम त्वचा के कार्य को समझकर उसे स्वस्थ रख सकते हैं। डिहाइड्रेशन का त्वचा पर असर गर्मियों में हमारी त्वचा अक्सर तैलीय नहीं होती, बल्कि बायोलॉजिकली डिहाइड्रेटेड हो जाती है। इसका मतलब है कि त्वचा के भीतर पानी की कमी होती है, जिससे वह ज़्यादा तेल का उत्पादन नहीं करती बल्कि प्राकृतिक रूप से सूखी हो जाती है। इसलिए त्वचा से तेल हटाने के उपाय करने के बजाय आहार में बदलाव करें। दिनभर पर्याप्त पानी, नारियल पानी, छाछ और इलेक्ट्रोलाइट्स लें। तेज़ धूप से बचाव करें यूवी किरणें त्वचा के कोलेजन को तोड़ती हैं और फ्री रैडिकल्स बढ़ाती हैं, जिससे पिगमेंटेशन और एजिंग तेज़ होती है। एसपीएफ 30 या उससे अधिक का सनस्क्रीन हर 3-4 घंटे में लगाना ज़रूरी है। साथ ही, सुबह 8-10 बजे की हल्की धूप लेना भी ज़रूरी है, इससे विटामिन-डी और हॉर्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। सुरक्षात्मक परत को करें मज़बूत बार-बार चेहरा धोना या रासायनिक जैसे- कठोर उत्पादों का इस्तेमाल इस परत को नुक़सान पहुंचा सकता है। हल्के क्लींज़र और पानी-आधारित मॉइश्चराइज़र का उपयोग करें। इन उपायों से स्वस्थ रहेगी त्वचा 1- आहार का त्वचा पर असर
पानी से भरपूर फल, जैसे- तरबूज, खीरा, संतरा व एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाद्य त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं। प्रोसेस्ड और तले-भुने खाने से बचें, क्योंकि ये सूजन बढ़ाते हैं। 2- एक्सफोलिएशन से बचें कुछ लोग गर्मियों में टैनिंग दूर करने के लिए अधिक एक्सफोलिएशन करते हैं। गर्मियों में त्वचा पहले से संवेदनशील होती है, इसलिए हफ्ते में 1-2 बार ही हल्का एक्सफोलिएशन करना बेहतर है।
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