चंडीगढ़ में नकली नोटों की सप्लाई वाला गैंग पकड़ा:  J&K में छापते, दिल्ली-हरियाणा के दोस्तों से सप्लाई कराए; ₹100-₹500 के ₹1 करोड़ से ज्यादा नोट छापे – Chandigarh News
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चंडीगढ़ में नकली नोटों की सप्लाई वाला गैंग पकड़ा: J&K में छापते, दिल्ली-हरियाणा के दोस्तों से सप्लाई कराए; ₹100-₹500 के ₹1 करोड़ से ज्यादा नोट छापे – Chandigarh News

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चंडीगढ़ क्राइम बांच ने नकली नोट छापकर सप्लाई करने वाले 3 गिरफ्तार किए।- फाइल फोटो

चंडीगढ़ पुलिस ने नकली नोट छापने वाले 3 आरोपियों को पकड़ा है। इनमें एक जेएंडके, दूसरा दिल्ली और तीसरा हरियाणा का रहने वाला है। ये प्रिंटर में 100 और ₹500 के नकली नोट छापते और फिर उन्हें आगे सप्लाई कर देते।

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नकली नोट छापने का तरीका सोशल मीडिया से सीखा। पहले उत्तर प्रदेश के लखनऊ और फिर चंडीगढ़ में नकली नोट खपाने की कोशिश हुई। मगर, किसी तरह चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच को भनक लग गई।

पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनसे 2 लाख के नकली नोट भी मिले। यह भी पता चला कि वह अब तक एक करोड़ से ज्यादा के नोट छाप चुके हैं।

हालांकि 2 दिन पहले गिरफ्तारी के बाद रिमांड पर लेकर पुलिस उनके पूरे नेटवर्क का पता लगा रही है, इस वजह से अभी पूरे मामले का खुलासा नहीं किया गया है।

चंडीगढ़ क्राइम बांच ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

चंडीगढ़ क्राइम बांच ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

चंडीगढ़ पुलिस की गिरफ्त में कैसे आए आरोपी..

  • सीक्रेट इनपुट मिला, चंडीगढ़ आते ही दबोचा: चंडीगढ़ पुलिस को सीक्रेट इनपुट मिला कि चंडीगढ़ में नकली नोट सप्लाई किए जा रहे हैं। एक तो इन्हें डायरेक्ट मार्केट में खपाने की कोशिश हो रही है और दूसरी तरफ बल्क में भी असली के बदले नकली दिए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर जाल बिछा लिया। इसके बाद जैसे ही वह नकली नोटों के खेप डिलीवर करने पहुंचे तो पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोच लिया।
  • अलग-अलग राज्यों से लेकिन आपस में दोस्त: पुलिस पूछताछ में पता चला कि इन 3 आरोपियों में जम्मू कश्मीर का अविनाश कुमार, नई दिल्ली का सत्यम विश्वकर्मा और हरियाणा का संदीप शामिल है। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ थाना क्राइम ब्रांच में BNS के तहत केस दर्ज कर लिया। इसके बाद तीनों से पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ शुरू कर दी।

कहां से आया आइडिया, कहां करते थे सप्लाई…

  • सोशल मीडिया से मास्टरमाइंड को आइडिया आया: चंडीगढ़ पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गैंग का मास्टरमाइंड अविनाश कुमार है, जो जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है। अविनाश सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहता था। इसी दौरान उसे नकली नोट बनाने का आइडिया मिला। इसके बाद उसने इससे जुड़े वीडियो देखने शुरू कर दिए। पुलिस जांच के मुताबिक अविनाश ने कई वीडियो देखे। नकली नोट बनाने लेकर उसे आगे बेचने तक के तरीके सीखे।
  • वीडियो से सीख प्रिंटर मंगाया, नोट छापने लगा: कई दिन तक वीडियो देखने के बाद उसने एक प्रिंटर खरीदा। इसके बाद वह नकली नोट तैयार करने लगा। उसके बनाए नोट दिखने में असली जैसे ही लग रहे थे। इसलिए उसने कुछ नोट छापकर बाजार में चलाकर उनका ट्रायल किया। जिसमें किसी को शक नहीं हुआ। इसके बाद उसने बड़ी संख्या में नकली नोट छापने का फैसला कर लिया।
  • नोट चलने लगे तो 2 दोस्तों को साथ मिलाया: पुलिस जांच के मुताबिक उसने ज्यादा नकली नोट छापने का इंतजाम तो कर लिया लेकिन उन्हें आगे चलाने की मुश्किल आ गई। इसके बाद उसने अपने 2 दोस्तों सत्यम विश्वकर्मा और संदीप से संपर्क किया। उन्हें नकली नोट दिखाए। उनके साथ जाकर भी मार्केट में उन्हें चलाकर देखा। इसके बाद तीनों इस साजिश में शामिल हो गए। उन्होंने तय किया कि अब ज्यादा संख्या में नकली नोट छापकर उन्हें मार्केट में सप्लाई करेंगे।
  • पहले लखनऊ फिर दूसरा शहर ढूंढने लगे: पुलिस जांच के मुताबिक सबसे पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश में लखनऊ को टारगेट किया। यहां पहले मार्केट में नकली नोट चलाए। जब वहां भी किसी को शक नहीं हुआ तो परमानेंट कस्टमर ढूंढ लिए। इसके बाद वह उन्हें कम असली नोटों के बदले ज्यादा नकली नोट देने लगे। ऐसे में उनका काम चलने लगा। हालांकि नोट ज्यादा बनने लगे तो उन्होंने दूसरे शहर की तरफ देखना शुरू किया।
  • चंडीगढ़ में सप्लाई शुरू की तो पुलिस ने दबोचे: पुलिस जांच में पता चला कि इसके बाद इस गैंग ने चंडीगढ़ का रुख किया। उन्होंने चंडीगढ़ में भी नकली नोटों की सप्लाई शुरू कर दी। मगर, इसकी भनक लगी तो चंडीगढ़ पुलिस ने मुखबिर नेटवर्क के जरिए उन्हें पकड़ने का जाल बिछा लिया। जब वह नकली नोट लेकर आए तो पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। उनके खिलाफ केस दर्ज कर अब पूछताछ की जा रही है।
  • प्रिंटर और 2 लाख के नकली नोट मिले: पुलिस ने जब तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तो उनके पास नकली नोट भी थे। पूछताछ के बाद उनके कब्जे से नकली नोट छापने वाला प्रिंटर बरामद कर लिया गया है। इसके अलावा 2 लाख रुपए के नकली नोट भी बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच के मुताबिक नकली नोट जम्मू कश्मीर में छापे जाते थे। फिर उन्हें आगे सप्लाई किया जाता था।

इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस पुलिस सोर्सेज के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ के लिए कई सवाल तैयार किए गए हैं। इन तीनों आरोपियों का प्रोफाइल क्या है। नकली नोट छापने और बेचने का तरीका कहां से सीखा। कौन लोग इनसे नकली नोट खरीदते थे। ये लोग उन्हें कितने में बेचते और फिर कस्टमर उन्हें आगे कैसे चलाते थे, इसके बारे में पता किया जा रहा है। पुलिस को शक है कि इस गैंग में इन 3 लोगों के अलावा और भी लोग हो सकते हैं। इसके पीछे विदेशी कनेक्शन का भी शक है। पुलिस तीनों के मोबाइल भी खंगाल रही है ताकि उनके नेटवर्क के बारे में पता लगाया जा सके।

पहले पकड़ी थे पुलिस ने नकली नोट।

पहले पकड़ी थे पुलिस ने नकली नोट।

3 महीने पहले पकड़े केस के तार चीन से जुड़े थे चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने 3 महीने पहले भी नकली नोट के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें गौरव कुमार, विक्रम मीणा उर्फ विक्की और जितेंद्र शर्मा शामिल थे। तब पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ था कि नकली नोटों के बीच इस्तेमाल होने वाली तार चीन से मंगाई जाती थी। फिर नकली नोट छापकर कूरियर के जरिए आगे सप्लाई किए जाते थे। इस मामले का मास्टरमाइंड गोंडिया अभी तक फरार है। पुलिस को शक है कि वह गुजरात में छिपा हुआ है और वहां बैठकर पूरा नेटवर्क चला रहा है। चीन से वही नोटों की तार मंगाता था।



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