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हरिद्वार में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को संपन्न हो गई। बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में विहिप ने अयोध्या राम मंदिर दान विवाद की जांच का दायरा बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि रामालय ट्रस्ट और राम जन्म मंदिर पुनर्निर्माण ट्रस्ट समेत राम मंदिर के नाम पर धन या सोना जुटाने वाली अन्य संस्थाओं के खातों की भी जांच होनी चाहिए। संगठन ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट भगवान राम के एक-एक पैसे के प्रति जवाबदेह है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे दंडित किया जाना चाहिए। बैठक के बाद हुई पीसी में दंडी स्वामी स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने लिव-इन रिलेशनशिप, LGBTQ और परिवार से जुड़े कानूनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या देश को ‘वैश्याबाजार’ में बदलने की तैयारी की जा रही है। स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि मौजूदा व्यवस्थाओं के कारण हिंदू परिवार टूट रहे हैं। संत समाज ने केंद्र सरकार से परिवार और विवाह संस्था को प्रभावित करने वाले कानूनों की समीक्षा करने की मांग की है। अब पढिए 2 दिनों में किन मुद्दों पर हुई चर्चा … CM धामी भी पहुंचे, बोले- सनातन के भविष्य पर हुआ मंथन बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में देशभर से आए संतों ने राष्ट्र की उन्नति, समग्र विकास, सनातन संस्कृति और भारत को विश्व गुरु बनाने जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण चिंतन-मनन किया। उन्होंने कहा कि विहिप की बैठकों में हमेशा राष्ट्रहित, देश की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है। धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा और हरिद्वार में प्रस्तावित महाकुंभ-2027 के मद्देनजर संत समाज का मार्गदर्शन और आशीर्वाद उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संतों को महाकुंभ में आने का निमंत्रण भी दिया। साथ ही कहा कि 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब पढ़िए स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती की 3 बड़ी बातें क्या है VHP का केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल?
विश्व हिंदू परिषद का केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल संगठन का सबसे बड़ा धार्मिक और वैचारिक मंच है। इसमें देशभर के प्रमुख संत, धर्माचार्य, अखाड़ों के प्रतिनिधि और विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होते हैं। आमतौर पर गंगा दशहरा से पहले हरिद्वार में इसकी बैठक आयोजित की जाती है। बैठक में हिंदू समाज से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के साथ संगठन के सालभर के कार्यक्रमों और अभियानों का रोडमैप तैयार किया जाता है। साथ ही विभिन्न विषयों पर संतों के सुझाव लिए जाते हैं और जरूरी प्रस्ताव पारित कर भविष्य की रणनीति तय की जाती है। इसी मंच पर तय होती थी राम मंदिर की रणनीति विहिप का केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल राम जन्मभूमि आंदोलन की सर्वोच्च धार्मिक समिति भी माना जाता था। आंदोलन से जुड़े बड़े फैसले संतों की सहमति से इसी मंच पर लिए जाते थे। 1984 में आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने से लेकर रामशिला पूजन, जनजागरण यात्राओं और कारसेवा जैसे बड़े कार्यक्रमों की रणनीति इसी मंच पर तय की गई। महंत अवैद्यनाथ, अशोक सिंघल, नृत्य गोपाल दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जैसे संत इससे जुड़े रहे। राम मंदिर निर्माण का लक्ष्य पूरा होने के बाद भी यह मंडल सक्रिय है और समय-समय पर इसकी बैठकें आयोजित कर हिंदू समाज से जुड़े मुद्दों पर मंथन करता है। ——————— ये खबर भी पढें…. ऋषिकेश में गंगा किनारे घाट पर सोए दिखे सुनील ग्रोवर:त्रिवेणी घाट में साधुओं और श्रद्धालुओं के साथ रात गुजारी, लोगों ने सादगी की सराहना की अपनी एक्टिंग, कॉमेडी और मिमिक्री से लोगों को हंसाने वाले सुनील ग्रोवर उत्तराखंड स्थित संत नगरी ऋषिकेश में गंगा किनारे घाट पर सोए दिखे। सुनील ग्रोवर ने वीडियो को शेयर कर लिखा है- तारे जमीन पर। सुनील ग्रोवर की नेटवर्थ करोड़ों में है। (पढ़ें पूरी खबर)
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