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नई दिल्ली11 घंटे पहले
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चुनाव आयोग ने बिहार में 25 जून से 26 जुलाई के बीच वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन किया था। इसमें करीब 3 करोड़ वोटर्स की जांच हुई।
चुनाव आयोग (ECI) पूरे देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR (सामान्य शब्दों में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन) करने की तैयारी में है। इसको लेकर दिल्ली में 10 सितंबर को बैठक होगी।
न्यूज एजेंसी PTI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि बैठक में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) शामिल होंगे। इसमें देशभर में SIR कराने को लेकर रणनीति पर चर्चा होगी। यह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फरवरी में पद संभालने के बाद तीसरी बैठक होगी।
चुनाव आयोग ने कहा है कि बिहार के बाद वोटर लिस्ट जांच की प्रक्रिया पूरे देश में लागू की जाएगी। साल के आखिरी में इसकी शुरुआत हो जाएगी, ताकि 2026 में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को अपडेट किया जा सके।
बिहार SIR: एक महीने में करीब 3 करोड़ वोटर्स का वेरिफिकेशन हुआ

SIR का मकसद- वोटर लिस्ट को अपडेट करना
चुनाव आयोग के अनुसार, SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और अवैध मतदाताओं जैसे विदेशी नागरिकों, मृत व्यक्तियों या स्थानांतरित लोगों को हटाना है। इस बीच कई राज्यों में बांग्लादेश और म्यांमार से आए प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है।
चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए 2 तरीके बताए…
पहला: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर, एक प्री-फील्ड फॉर्म गणना प्रपत्र (मतदाता की जानकारी और दस्तावेज) लेकर जाएंगे। दूसरा: कोई भी व्यक्ति चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर यह फॉर्म डाउनलोड करके उसे भर सकता है।
स्क्रीनिंग के 4 नियम
- वोटर का नाम अगर 2003 की लिस्ट में है तो कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। सिर्फ फॉर्म भरना होगा।
- 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म हुआ है तो जन्मतिथि या जन्मस्थान प्रमाण देना होगा।
- 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म हुआ तो जन्मतिथि और जन्मस्थान दोनों का प्रमाण देना होगा।
- 2 दिसंबर, 2004 के बाद जन्मे हैं तो जन्मतिथि, जन्मस्थान का प्रमाण और माता-पिता के दस्तावेज देने होंगे।
बिहार SIR का विपक्ष ने जमकर विरोध किया

बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन का विपक्ष ने विरोध किया। 9 जुलाई को वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन को लेकर बिहार में महागठबंधन ने बंद का आह्वान बुलाया था। इस दौरान 7 शहरों में ट्रेनें रोकीं गईं और 12 नेशनल हाईवे जाम किए गए।
पटना में राहुल गांधी ने कहा था- महाराष्ट्र का चुनाव चोरी किया गया था और वैसे ही बिहार को चुनाव चोरी करने की कोशिश की जा रही है। उन्हें पता है कि हमने महाराष्ट्र मॉडल समझ लिया इसलिए वे बिहार मॉडल लाए हैं। ये गरीबों के वोट छीनने का तरीका है।’
पूरे मानसून सत्र में विपक्ष ने SIR का विरोध किया

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चला। पूरे सत्र के दौरान विपक्ष ने संसद परिसर और सदन में प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद बिहार SIR पर चर्चा कराने की मांग करते रहे। उनके विरोध और हंगामे के कारण दोनों सदनों में आखिरी दिन भी सदन की कार्यवाही नहीं हो सकी।
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