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नई दिल्ली में स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकर लाल कॉन्सर्ट हॉल में रविवार को आयोजित एक भव्य समारोह में प्रथम सिंधु कुंभ, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति केवल आर्थिक विकास और तकनीकी प्रगति में नहीं, बल्कि उसकी सभ्यतागत चेतना, सांस्कृतिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों में निहित है। उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण केवल अतीत को याद करने का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता है। ‘भारत की शक्ति केवल आर्थिक वृद्धि और तकनीकी प्रगति में ही नहीं’ विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल पुस्तक विमोचन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय आत्मा से पुनः जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। सिंधु दर्शन समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ विचारक डॉ. इन्द्रेश कुमार, हिमालय परिवार के अध्यक्ष डॉ. दयालु महाराज सहित अनेक संत, शिक्षाविद, विद्वान और सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। ‘सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता’ विजेंद्र गुप्ता ने सिंधु दर्शन समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से सिंधु परंपरा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। उन्होंने कहा, भारत की शक्ति केवल आर्थिक वृद्धि और तकनीकी प्रगति में ही नहीं, बल्कि उसकी सभ्यतागत चेतना, सांस्कृतिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों में भी निहित है।
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