पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  ऐसी मूर्खता न करें, जिससे भगवान से भरोसा उठ जाए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ऐसी मूर्खता न करें, जिससे भगवान से भरोसा उठ जाए

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Avoid Foolishness, Dont Lose Faith In God 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भगवान की कृपा सबके लिए समान रूप से बरसती है। हमें दो कारणों से लाभ नहीं मिल पाता- भरोसे की कमी और मूर्खता की अधिकता। ईश्वर भरोसे का दूसरा नाम है, लेकिन […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  फूहड़ता पर हंसने वाला समाज हमने आखिर कैसे रच डाला है?
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प्रियदर्शन का कॉलम: फूहड़ता पर हंसने वाला समाज हमने आखिर कैसे रच डाला है?

Hindi News Opinion Priyadarshan Column: How We Created A Society Laughing At Vulgarity | 2026 6 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के कार्यक्रम में हिमांशु जांगड़ा और सेजल पवार की स्तब्ध कर देने वाली टिप्पणियों का मामला हो या कुछ समय पहले समय रैना के शो में रणवीर […]

दिल्ली में ‘प्रथम सिंधु कुंभ’ पुस्तक का विमोचन:  विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता रहे, बोले-सांस्कृतिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों में निहित – New Delhi News
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दिल्ली में ‘प्रथम सिंधु कुंभ’ पुस्तक का विमोचन: विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता रहे, बोले-सांस्कृतिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों में निहित – New Delhi News

नई दिल्ली में स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकर लाल कॉन्सर्ट हॉल में रविवार को आयोजित एक भव्य समारोह में प्रथम सिंधु कुंभ, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं

मनुष्य के छह शत्रुओं में एक लोभ भी है। इसका अर्थ है अतिरिक्त लालसा, अनुचित की मांग। यह धन, पद, वस्तु, शरीर- इन पर काम करता है। मोटे तौर पर लोभ और लालच एक ही हैं। छोटा-सा फर्क ये है कि लोभ, यानी जो आपके पास है, उसको और बढ़ाएं। और लालच, यानी जो दूसरों […]

पं. विजयशंकर मेहता कॉलम:  सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें
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पं. विजयशंकर मेहता कॉलम: सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें

अब समय आ गया है कि हम इस बात पर जोर दें- खासतौर पर माता-पिता- कि इंसान की रचनात्मकता मशीनों से अहम रहे। क्योंकि जिस तेजी से मशीनें हमारे जीवन में उतरेंगी, हम लोगों की माता-पिता के रूप में तो उम्र बीत जाएगी, पर हमारे बच्चे न मशीन रह पाएंगे, न इंसान। उनका शिखंडी व्यक्तित्व […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  श्रोता बनने की बारी आए तो अच्छे श्रोता बनिए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: श्रोता बनने की बारी आए तो अच्छे श्रोता बनिए

अच्छा सुनने के लिए अच्छा होना ही पड़ेगा। पक्षीराज गरुड़ ने जब काकभुशुंडि जी से निवेदन किया कि कथा सुनाइए तो तुलसीदास जी ने गरुड़ जी की वाणी का वर्णन किया है- सुनत गरुड़ कै गिरा बिनीता, सरल सुप्रेम सुखद सुपुनीता। गरुड़ जी की विनम्र, सरल, सुंदर, प्रेम युक्त, सुखप्रद और अत्यंत पवित्र वाणी सुनते […]