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जंतर-मंतर पर पुलिस एक्शन- सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी बनाई: इसमें रिटायर्ड जज, CBI-पुलिस के पूर्व अफसर; पैलेटगन चलाने और महिलाओं से बदसलूकी के आरोप

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नई दिल्ली9 घंटे पहले

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई कोे पुलिस ने बल प्रयोग किया था। - Dainik Bhaskar

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई कोे पुलिस ने बल प्रयोग किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए 5 सदस्यों की हाई पावर्ड कमेटी के नामों का ऐलान किया। कमेटी का अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर सुभाष रेड्डी को बनाया गया है।

इसमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शलिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड DGP डॉ. एलआर बिश्नोई शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को सुनवाई के दौरान इस कमेटी को बनाने का फैसला लिया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पैलेटगन इस्तेमाल करने और महिलाओं से बदसलूकी के आरोप लगाए थे।

नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जंतर-मंतर पर 36 दिन चला था। 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ था।

जंतर-मंतर पुलिस एक्शन की तस्वीरें

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। इसमें पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे।

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। इसमें पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे।

प्रदर्शन के दौरान 120 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

प्रदर्शन के दौरान 120 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था- संसद मार्च गैरकानूनी था

सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि 20 जुलाई का संसद मार्च गैरकानूनी था। इसकी परमिशन नहीं थी। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में कई हिस्ट्रीशीटर भी आ गए थे।

पुलिस ने बताया कि संसद मार्च में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े और पुलिस से मारपीट की, जिससे प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं रहा। हालात संभालने के लिए बल प्रयोग किया गया था,लेकिन प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग नहीं किया गया।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सचिन शर्मा ने हलफनामा दाखिल कर ये जानकारी दी। इसे पुलिस ज्यादती की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं के जवाब के तौर पर पेश किया गया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हाई लेवल कमेटी बनाएगा।

कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट 36 दिन चला था

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