15 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी
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गर्मी के मौसम में स्किन डिजीज यानी दाद-खुजली की समस्या ज्यादा होती है। इनमें सबसे ज्यादा होने वाली समस्या फंगल इंफेक्शन है। गर्मियों में उमस, धूल-मिट्टी और पसीने के कारण यह इंफेक्शन तेजी से फैलता है। इसके कारण ही स्किन पर खुजली, लालिमा और जलन जैसी समस्याएं होती हैं।
अगर इन समस्याओं को नजरअंदाज किया जाए तो कुछ मामलों में स्थिति गंभीर हो सकती है। जो लोग गर्मियों में बाहर ज्यादा समय बिताते हैं या पसीने से परेशान रहते हैं तो उन्हें फंगल इंफेक्शन का खतरा भी ज्यादा होता है।
सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, हर साल दुनिया के लगभग 100 करोड़ लोगों को फंगल इंफेक्शन होता है। इनमें से 10-20 करोड़ लोगों को गंभीर समस्याएं होती हैं। जबकि, कई लाख लोगों की मौत तक हो जाती है। अब गर्मियों के मौसम में इसका जोखिम ज्यादा है।
इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम जानेंगे कि फंगल इंफेक्शन क्या है?
- गर्मियों में इसका जोखिम ज्यादा क्यों होता है?
- इसे ठीक होने में कितना समय लगता है?
- क्या फंगल इंफेक्शन के बाद दाग रह जाते हैं?
एक्सपर्ट: डॉ. विजय सिंघल, डर्मेटोलॉजिस्ट, श्रीबालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली
सवाल: फंगल इंफेक्शन क्या है?
जवाब: फंगल इंफेक्शन एक तरह का संक्रमण है, जो फंगस के कारण होता है। फंगस सूक्ष्मजीव होते हैं, जो हमारे शरीर के अंदर या बाहरी हिस्से में संक्रमण की वजह बन सकते हैं।

सवाल: गर्मी में फंगल इंफेक्शन क्यों बढ़ता है?
जवाब: डॉ. विजय सिंघल कहते हैं कि गर्मियों में ज्यादा धूल और पसीने के कारण फंगल इंफेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है। इसके पीछे कई और कारण हो सकते हैं:

सवाल: फंगल इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं?
जवाब: फंगल इंफेक्शन के कारण आमतौर पर खुजली होती है। इसके कारण प्रभावित हिस्सों में सूजन और लालिमा हो सकती है। सभी लक्षण देखिए:

सवाल: फंगल इंफेक्शन कितना संक्रामक हो सकता है?
जवाब: फंगल इंफेक्शन संक्रामक हो सकता है, लेकिन यह संक्रमण के प्रकार और प्रभावित क्षेत्र पर निर्भर करता है कि यह कितना संक्रामक होगा। कुछ फंगल इंफेक्शन आसानी से दूसरों में फैल सकते हैं, जबकि कुछ कम संक्रामक होते हैं।
स्किन इंफेक्शन: यह आसानी से संक्रमित व्यक्ति से अन्य व्यक्तियों में फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से या गीली सरफेस पर चलने से इंफेक्शन हो सकता है।
नाखून का फंगल इंफेक्शन: यह भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, खासकर यह किसी के संक्रमित नाखून के संपर्क में आने से फैलता है।
बालों का फंगल इंफेक्शन: यह भी अत्यधिक संक्रामक होता है और सीधे संपर्क या कंघी, तौलिया के द्वारा फैल सकता है।
कैंडिडा संक्रमण: कैंडिडा एक सामान्य फंगल इंफेक्शन है, जो आमतौर पर यह मुंह, प्राइवेट पार्ट या आंत में होता है। इसके एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने की संभावना कम होती है, लेकिन कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में यह आसानी से फैल सकता है।
श्वसन तंत्र का फंगल इंफेक्शन: कुछ फंगल इंफेक्शन जैसे ऐस्परगिलस, जो हवा में मौजूद होते हैं, श्वसन तंत्र के माध्यम से फैल सकते हैं। यह स्वस्थ व्यक्तियों को आमतौर पर प्रभावित नहीं करते हैं।
सवाल: फंगल इंफेक्शन का इलाज क्या है?
जवाब: फंगल इंफेक्शन का इलाज उसकी गंभीरता और प्रकार पर निर्भर करता है। हल्के संक्रमण के लिए कुछ एंटीफंगल क्रीम या मलहम काफी होते हैं। गंभीर मामलों में जब संक्रमण आंतरिक अंगों तक फैल जाता है तो फ्लुकोनाजोल या इट्राकोनाजोल जैसी एंटीफंगल दवाएं दी जाती हैं। साथ ही, साफ-सफाई रखने की सलाह दी जाती है।
सवाल: हमारी डाइट का फंगल इंफेक्शन पर क्या असर पड़ता है?
जवाब: हमारी डाइट का फंगल इंफेक्शन पर सीधा असर पड़ता है। बहुत मीठा खाने से और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स से फंगल संक्रमण, खासतौर पर कैंडिडा, बढ़ सकता है। फाइबर और प्रोटीन से भरपूर डाइट इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। जैसे- फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन।
प्रोबायोटिक्स जैसे दही फंगल इंफेक्शन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। विटामिन C और D इम्यूनिटी बढ़ाते हैं, जिससे शरीर संक्रमण से लड़ सकता है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं। इस तरह की डाइट से फंगल इंफेक्शन से बचाव और इलाज दोनों में मदद मिलती है।
सवाल: क्या फंगल इंफेक्शन ठीक होने के बाद स्किन पर निशान रह जाते हैं?
जवाब: फंगल इंफेक्शन के ठीक होने के बाद त्वचा पर निशान रह सकते हैं, जैसे पिग्मेंटेशन और स्कार्स। यह संक्रमण की गंभीरता, खुजली, या घावों के कारण हो सकता है। इन निशानों को कम करने के लिए, त्वचा को मॉइश्चराइज रखें, सूरज से बचें, और नींबू या सिरका जैसे घरेलू उपायों का उपयोग करें। मेडिकल क्रीम भी मदद कर सकती हैं। अगर निशान गंभीर हों, तो स्किन स्पेशलिस्ट से कंसल्ट करें।
सवाल: फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए कौन सी आदतें बदलनी चाहिए?
जवाब: फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए कुछ जरूरी आदतें सीखनी चाहिए। ये आदतें न केवल संक्रमण को रोकने में मदद करेंगी, बल्कि आपकी त्वचा और स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखेंगी:
साफ-सफाई रखें: रोजाना स्नान करें और शरीर को सूखा रखें, खासकर गीले और पसीने वाले हिस्सों को, जैसे बगल, पैर, और आंतरिक जांघें।
गीले कपड़े न पहनें: तैराकी के बाद या पसीने से भीगे कपड़े तुरंत बदलें, क्योंकि गीली त्वचा फंगल संक्रमण के लिए आदर्श होती है।
किसी दूसरे के कपड़े न पहनें: तौलिया, जूते, कंघी या कपड़े किसी और के साथ शेयर न करें।
सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें: सिंथेटिक कपड़े त्वचा तक हवा नहीं जाने देते और नमी बनाए रखते हैं, जिससे फंगस विकसित हो सकता है। इसलिए सूती कपड़े पहनें।
इम्यूनिटी को मजबूत रखें: हेल्दी डाइट लें, नियमित एक्सरसाइज करें और पर्याप्त नींद लें। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत बना रहेगा।
जलन या खुजली पर ध्यान दें: अगर त्वचा पर कोई चकत्ता, खुजली या लालिमा हो तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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