जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ता सांप काटने का जोखिम:  घर को कैसे रखें सुरक्षित, सांप काटे तो तुरंत करें ये 5 काम, न करें 4 गलतियां
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जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ता सांप काटने का जोखिम: घर को कैसे रखें सुरक्षित, सांप काटे तो तुरंत करें ये 5 काम, न करें 4 गलतियां

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18 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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मानसून के दौरान तेज बारिश से सांपों के बिलों या छिपने वाली जगहों में पानी भर जाता है। इससे सांप सूखी और सुरक्षित जगहों की तलाश में बाहर निकलते हैं। इस दौरान वे घर, दुकान और खेत-खलिहान की ओर रुख करते हैं।

सांपों के घरों में आने की एक बड़ी वजह यह भी है कि बारिश में उन्हें खुले में शिकार नहीं मिलता है, इसलिए वे चूहे और लाइट की रोशनी में आने वाले कीड़े-मकोड़े जैसे छोटे जीवों की तलाश में घरों तक पहुंच जाते हैं।

कई बार वे खतरा देखने पर खुद के बचाव के लिए व्यक्ति पर हमला कर देते हैं। ग्रामीण इलाकों में जहां मेडिकल सुविधाएं कम हैं, वहां सांपों का काटना जानलेवा बन सकता है। हालांकि सही जानकारी और थोड़ी सी सावधानी हमें इस खतरे से बचा सकती है।

भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर साल 30-40 लाख लोग सर्पदंश का शिकार बनते हैं, जिसमें से 50 हजार से ज्यादा की जान चली जाती है। यह आंकड़ा दुनिया भर के सर्पदंश से होने वाली मौतों का आधे से ज्यादा है। चौंकाने वाली बात ये है कि सिर्फ 30% पीड़ित ही हॉस्पिटल पहुंच पाते हैं। सांप काटने के अधिकांश मामले मानसून में ही सामने आते हैं।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में मानसून में सर्पदंश के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • बारिश में सांपों से कैसे बचा जाए?
  • घर में सांप दिखे तो क्या करें?
  • सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें?

एक्सपर्ट: लखन लाल मालवीय, सर्प विशेषज्ञ, भोपाल

एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल: बारिश में सबसे ज्यादा सांप कहां दिखते हैं?

जवाब: बारिश में सांप अपने ठिकाने छोड़कर ऐसी जगहों पर जाते हैं, जहां पानी कम हो और छिपने की सुरक्षित जगह मिले। जैसेकि-

  • घरों के आसपास: कचरे के ढेर, दरारें और खुली नालियां।
  • पानी भरे इलाके: नदी, तालाब और पानी के गड्ढों के आसपास।
  • झाड़ियां और लंबी घास: खेत-खलिहान और बगीचों में।
  • कंस्ट्रक्शन साइट्स: निर्माणाधीन इमारतों में सांप छिप जाते हैं।
  • पहाड़ी रास्ते: ट्रेकिंग के दौरान सांपों का खतरा बढ़ जाता है।

सवाल: सांपों से बचने के लिए क्या करें?

जवाब: सांपों से डरने की बजाय स्मार्ट बनें। अगर आप जमीन पर सोते हैं तो मच्छरदानी का इस्तेमाल जरूर करें। यह सांपों और कीड़ों से सुरक्षा देती है। साथ ही घर के आसपास कचरा, घास या लकड़ियां जमा न होने दें। ये सांपों के छिपने की जगहें बन सकती हैं। घर के खिड़की-दरवाजों पर जाली और डोर स्वीप्स लगाएं ताकि सांप अंदर न आ सकें। नीचे ग्राफिक में दिए कुछ और तरीके भी अपना सकते हैं।

सवाल: अगर आप जंगल या खेतों के पास रहते हैं तो बाहर निकलते समय सांपों से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब: जंगल, खेत या पहाड़ी इलाकों में सांपों से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए।

लॉन्ग बूट्स पहनें: बाहर जाते समय हमेशा पैरों को ढंककर रखें। खेत, जंगल या झाड़ियों में चलते वक्त लॉन्ग बूट्स पहनना सबसे बेहतर होता है। इससे सांप के काटने से बचा जा सकता है।

लकड़ी से जमीन पर ठक-ठक करें: चलते समय एक लकड़ी साथ रखें और जमीन पर हल्की-हल्की ठक-ठक करते रहें। सांप वाइब्रेशन यानी कंपन महसूस कर खुद ही रास्ता छोड़ देते हैं।

छिपने की जगहों से दूर रहें: झाड़ियों, पत्थरों, लकड़ियों के ढेर या गड्ढों में हाथ न डालें। ये सांपों के छिपने की आम जगहें होती हैं और अनजाने में हाथ लगाना खतरनाक हो सकता है।

सवाल: घर में या आसपास सांप दिखे तो क्या करें?

जवाब: अगर आपकी दुकान या घर में सांप दिख जाए तो घबराए बिना ये काम करें-

  • शांत रहें, सांप से थोड़ी दूरी बनाएं और उसे डिस्टर्ब न करें।
  • हल्का सा केरोसिन या फिनाइल छिड़क दें, इसकी गंध से सांप भाग जाते हैं।
  • प्रोफेशनल बुलाएं, वन विभाग या सांप विशेषज्ञ को कॉल करें।
  • खुद न पकड़ें, सांप को मारने या पकड़ने की कोशिश खतरनाक हो सकती है।
  • हेल्पलाइन पर यानी वाइल्डलाइफ SOS- 9917109666 पर तुरंत कॉल करें।

सवाल: भारत के सबसे जहरीले सांप कौन से हैं?

जवाब: भारत में 4 सांप ऐसे हैं, जो सबसे ज्यादा मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। इसमें कोबरा का न्यूरोटॉक्सिक जहर सांस लेने की प्रक्रिया को रोक देता है। वहीं रसेल वाइपर का हीमोटॉक्सिक जहर खून को जमाता है और अंदरूनी ब्लीडिंग की वजह बन सकता है। आइए भारत के 4 सबसे जहरीले सांपों के बारे में जानते हैं…

सवाल: सांप काटने पर किस तरह के लक्षण दिख सकते हैं?

जवाब: सांप के काटने के बाद शरीर में कई तरह के लक्षण दिख सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करते हैं कि सांप जहरीला है या नहीं। जहरीले सांप के काटने पर आमतौर पर कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल: सांप के काटने पर फर्स्ट एड के तौर पर क्या करना चाहिए?

जवाब: सांप के काटने पर पीड़ित को सीधा लिटाकर रखना चाहिए क्योंकि शरीर में हलचल होने से जहर फैल सकता है। सांप के काटने पर जहर तुरंत शरीर में नहीं फैलता है। इसका मेडिकल ट्रीटमेंट संभव है। इसलिए पीड़ित व्यक्ति को ढांढस बंधाएं। पीड़ित के शरीर से अंगूठी, पायल, चेन, कड़ा, कंगन, घड़ी या जूता-चप्पल जैसी चीजें उतार दें।

कोशिश करते रहें कि पीड़ित व्यक्ति बेहोश न हो। अगर सांप ने पीड़ित के हाथ में काटा है तो उसे नीचे की ओर लटकाकर रखें। ऐसा करने से जहर दिल तक पहुंचने में वक्त लगेगा। अगर सांप ने व्यक्ति के पैर में काटा है तो पलंग से पैर को नीचे की तरफ लटका दें। जिस अंग में सांप ने काटा है, उसे हिलने-डुलने या चलने-फिरने न दें क्योंकि वह अंग जितना मूवमेंट करेगा, जहर उतना ही शरीर में फैलेगा।

सवाल: सांप के काटने पर क्या इलाज है?

जवाब: डॉ. रोहित शर्मा बताते हैं कि सांप के काटने पर इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि पीड़ित को किस सांप ने काटा है। अगर सांप को किसी ने नहीं देखा है तो यह पता लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है कि सांप किस प्रजाति का है। ऐसे में इलाज करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे अधिकांश मामलों में डॉक्टर्स सांप के काटने के निशान और पीड़ित के लक्षणों पर ध्यान देते हैं।

सवाल- किस सांप का जहर किस तरह असर करता है?

जवाब- करैत और कोबरा में सांप में न्यूरोटॉक्सिक जहर होता है, जिसके काटने से शरीर में पैरालिसिस, लंग्स कोलैप्स, सांस फूलना, बेहोशी जैसी हालत होती है। ऐसे ज्यादातर मामलों में वेंटिलेटर और आर्टिफिशियल ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ध्यान रहे कि न्यूरोटॉक्सिक जहर तुरंत असर करता है। इसका इलाज जल्द-से-जल्द होना बहुत जरूरी होता है। जबकि हीमोटॉक्सिक जहर में सूजन, शरीर के ऊपरी अंगों में दर्द बढ़ना, ब्लड क्लॉटिंग और मांसपेशियों में जकड़न जैसे लक्षण दिखते हैं। हीमोटॉक्सिक जहर धीरे-धीरे शरीर में फैलता है। रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर में हीमोटॉक्सिक जहर होता है।

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