टिप्स:  देर रात काम के बारे में सोचना बंद करें
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टिप्स: देर रात काम के बारे में सोचना बंद करें

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4 घंटे पहले

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  • दिन भर और रात भर भी यदि आप लगातार केवल अपने काम के बारे में ही सोचते जा रहे हैं, तो यह सही नहीं है। काम के बारे में सोचना अक्सर काम से जुड़ा तनाव लेकर आता है, जो हमें रात में देर तक जगाए रख सकता है। नींद की कमी हमारी संज्ञानात्मक क्षमताओं (जैसे निर्णय लेने की क्षमता, आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान) को प्रभावित कर सकती है। इसलिए जहां तक हो सके लगातार काम के बारे में सोचने से बचें। देर रात तक काम के बारे में सोचने से बचने के लिए ये रणनीतियां अपनाई जा सकती हैं।

1) जरूरी कामों की सूची अवश्य बनाएं हाल ही में हुए शोध से पता चलता है कि अगले दिन के लिए टु-डु लिस्ट बनाकर सोने से नींद जल्दी आ जाती है और रात में बार-बार आंख खुलने की संभावना भी बहुत हद तक कम हो जाती है। अधूरे कार्यों को एक लिस्ट में लिख लेने से मानसिक उत्तेजना, चिंता और बेचैनी भी बहुत हद तक घट जाती है। इसलिए अपने कामों की एक सूची जरूर बनाएं।

2) अपने विचारों के लिए एक जर्नल रखें अपने विचारों और भावनाओं को लिखना कई बार थेरेपी का काम करता है। यह भावनाओं को प्रोसेस करने और तनाव व चिंता को कम करने में बहुत हद तक मदद करता है। इसमें सभी सकारात्मक घटनाएं और जिन चीजों के लिए आप आभारी हैं, उन्हें शामिल करें। एेसा करने से दिमाग को बहुत राहत मिलती है, गहरी और आरामदायक नींद भी आती है।

3) स्वयं के प्रति भी करुणा दिखा सकते हैं स्वयं के प्रति बहुत ज्यादा कठोर होना भी ठीक नहीं। आप अपने प्रति भी कुछ हद तक नर्म रवैया बनाए रखें। आत्म-करुणा का अभ्यास करना और यह समझना कि हम सभी अपूर्ण हैं, नकारात्मक विचारों और आत्म-आलोचना से बचाव करता है। यह उस चक्र को तोड़ने में मदद कर सकता है, जो रातभर आपको काम के बारे में सोचते हुए जगाए रखता है।

4) शारीरिक गतिविधि से चिंता कम होगी शोध बताता है कि कोई भी छोटा या मध्यम स्तर का व्यायाम भी रात की चिंताओं को काफी हद तक कम कर सकता है। सिर्फ 30 मिनट का एरोबिक व्यायाम करें, यह जल्दी नींद लाने और उसकी गुणवत्ता को सुधारने में भी आपकी काफी मदद करता है। इसके लिए आप योग भी कर सकते हैं। यह आपको काम करने के लिए पूरी तरह रिफ्रेश कर देगा।

5) ध्यान का भी सकारात्मक प्रभाव होता है अनावश्यक चिंता और तनाव पर ध्यान के सकारात्मक प्रभावों के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं। शोध यह भी दिखाता है कि थोड़ी-सी सजगता- जैसे काम से पहले और बाद में 10-10 मिनट तेजी से दौड़ते-भागते विचारों को शांत करने के लिए, नींद की गुणवत्ता और अवधि बहुत हद तक मदद कर सकती है। ध्यान का अभ्यास करें और फिर उसके नतीजे देखें।



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