दवा लेने का सही तरीका? जानिए 8 जरूरी बातें:  भारत में लगभग 64.4 फीसदी लोग डॉक्टर की सलाह लिए बिना ही दवाइयां लेते हैं
अअनुबंधित

दवा लेने का सही तरीका? जानिए 8 जरूरी बातें: भारत में लगभग 64.4 फीसदी लोग डॉक्टर की सलाह लिए बिना ही दवाइयां लेते हैं

Spread the love




बीमार होने पर हम डॉक्टर के पर्चे के हिसाब से दवाइयां तो ले आते हैं, लेकिन उन्हें लेने के सही तरीके और एक्सपायरी से जुड़े नियमों पर ध्यान नहीं देते, जिससे दवा का असर बदल सकता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन, अमेरिका में प्रकाशित एक मेटा एनालिसिस में लगभग 64.4% भारतीयों ने माना कि वह बिना डॉक्टर की सलाह के दवाई लेते हैं। दवाई की एक्सपायरी और ‘In-Use Expiry’ डेट अलग-अलग दवा के पैकेट पर लिखी एक्सपायरी डेट तब तक के लिए मान्य होती है, जब तक दवाई पैक रहती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन, अमेरिका की रिसर्च के अनुसार, जैसे ही सिरप या ड्रॉप की बोतल खोली जाती है,तो उसकी स्थिरता कम होने लगती है। इसे ‘In-Use Expiry’ कहा जाता है, जो मूल तारीख से कम हो सकती है। टैबलेट्स को बीच से तोड़ कर लेना सिर्फ वही टैबलेट बीच से तोड़ कर ली जा सकती है, जिस पर स्कोर लाइन बनी हो। FDA, अमेरिका के अनुसार कुछ टैबलेट्स पर खास कोटिंग होती है, उन्हें तोड़ने से असर व सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। चाय-कॉफी के साथ दवा लेना कैफीन, थायरॉयड की दवाओं का असर व आयरन सप्लीमेंट्स का अवशोषण घटा सकती है। कुछ अस्थमा व डिप्रेशन की दवाओं के साथ यह नींद की समस्या और घबराहट जैसे समस्या बढ़ सकती है। आई ड्रॉप्स का सही इस्तेमाल अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थेल्मोलॉजी के अनुसार एक बार आई ड्रॉप खुलने पर उसमें बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए संक्रमण से बचने के लिए 1 महीने से ज्यादा प्रयोग न करें। बची हुई एंटीबायोटिक दोबारा लेना बची हुई एंटीबायोटिक्स को बिना डॉक्टर की सलाह के न लें, क्योंकि नई बीमारी के लिए वह दवा या डोज सही नहीं हो सकती। ऐसा करने से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है। खाली पेट और खाने के बाद दवा दवा का समय इस बात पर निर्भर करता है कि वह शरीर में कैसे अवशोषित होती है। जैसे थायरॉयड या कुछ एंटीबायोटिक दवाएं खाली पेट अच्छे तरीके से काम करती हैं। जबकि पेनकिलर्स खाने के बाद। बच्चों की कफ सिरप आर्टिफिशियल स्वीटनर से बनी सिरप में जर्म्स पनपने का डर होता है। पैरासिटामोल या कफ सिरप खुलने के 3-4 हफ्तों और एंटीबायोटिक सिरप को 5 दिनों में इस्तेमाल कर लेना चाहिए। मल्टीविटामिन का ओवरडोज आयरन के ओवरडोज से उल्टी, दस्त, लिवर या फेफड़ों को नुकसान होता है। वहीं, ज्यादा कैल्शियम से किडनी को नुकसान और विटामिन D ओवरडोज से शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ सकता है। बच्चों को बड़ों की टैबलेट आधी देना बच्चों को बड़ों की टैबलेट आधी करके देना असुरक्षित है, क्योंकि बच्चों की डोज उनकी उम्र और वजन के हिसाब से दी जाती है। इसलिए बच्चों के लिए पीडियाट्रिक फॉर्मुलेशन का ही इस्तेमाल करें।

(डॉ. अशोक गुप्ता- सीनियर कंसलटेंट, इंटरनल मेडिसिन बंसल हॉस्पिटल)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *