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दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा इतिहास में कई ऐसे व्यक्तत्व हैं, जिन्होंने देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने काह कि लेकिन समय के साथ उनका योगदान जनमानस की स्मृति से धूमिल हो गया। ऐसे राष्ट्रनिर्माताओं को उनका उचित स्थान दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इतिहास के गुमनाम राष्ट्रनिर्माताओं को मिलना चाहिए सम्मान विजेंद्र गुप्ता सोमवार को दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा चांदनी चौक स्थित मुख्यालय में आयोजित स्मृति समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यथास्थिति को चुनौती देने वाले व्यक्तित्व’ विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में दक्षिण दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े, दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के अध्यक्ष डॉ. सुमीत भसीन, लाइब्रेरी बोर्ड के सदस्य, शिक्षाविद्, विद्वान और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। विजेंद्र गुप्ता ने बताई दिल्ली विधानसभा की योजना अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली विधानसभा ने ऐसे लगभग 45 विशिष्ट लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित राष्ट्रनिर्माताओं के जीवन और योगदान का दस्तावेजीकरण एवं प्रकाशन शुरू किया है। उनका कहना था कि यह पहल भारत की बौद्धिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के आदर्शों और मूल्यों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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