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- Pt. Vijayshankar Mehta’s Column If Everyone Joins Yoga Then Life Becomes Vaikuntha
4 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
हम भारतीय किसी एक तिथि, आयोजन को पकड़ लेते हैं और उस पर टूट पड़ते हैं। उससे हमें मिल क्या सकता है, इससे लेना-देना नहीं है। योग दिवस सबसे बड़ी प्रेरणा यह देता है कि जीवन का हर पल योग-पल हो। हम तो लोगों से आग्रह करते हैं कि आसान योग पकड़ो, कठिन में उलझ जाओगे।
12 साल पहले मैं संत युधिष्ठिर लाल जी के साथ पाकिस्तान गया था। अभी हमने खबर पढ़ी कि इस्लामाबाद के मेट्रोपोलिटन कॉर्पोरेशन ने एफ-9 पार्क में मुफ्त योग क्लास आरंभ की है। पाकिस्तान जैसा देश योग से जुड़े, इससे बड़ी योग की महिमा क्या होगी?
मुझे याद है 6 दिसंबर 2013। पाकिस्तान सरकार के अधिकारी अजहर नाजिर सुलहरी मुझे मिनिस्ट्री ऑफ हार्मनी के एक विभाग में ले गए और वहां कुछ अधिकारियों के बीच हनुमान चालीसा से मेडिटेशन की चर्चा करते हुए मैंने उन्हें सामान्य मेडिटेशन करवाया था। इसलिए आज जब योग का प्रचार-प्रसार होता है तो मुझे वो दिन याद आता है। सब लोग इससे जुड़ जाएं तो जीवन चलता-फिरता वैकुंठ हो जाए।








