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- Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Government And Opposition Together Save The Family’s Democracy
4 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
सत्ता पक्ष और विपक्ष केवल राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं देखे जाने चाहिए। घरों में भी ऐसी स्थिति होती है। कभी-कभी माता-पिता की सत्ता के सामने बच्चे भी विपक्ष बन जाते हैं। भारत के परिवारों का गठन हमारे बड़े-बूढ़ों, ऋषि-मुनियों ने इस ढंग से किया है कि यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था है।
इस समय देश में जितने अभियान चल रहे हैं, उनमें परिवार बचाओ अभियान को भी महत्व देना चाहिए। भारत की बहुत बड़ी पूंजी यानी परिवार खतरे में हैं। इसलिए यहां की सत्ता और यहां के विपक्ष, दोनों को मिलकर परिवार के लोकतंत्र को बचाना होगा।
श्रीराम एकता, सहानुभूति और सद्कार्य के क्रियान्वयन में अद्भुत थे। उन्होंने दो सत्ताएं देखी थीं- अपने पिता की सत्ता, दशरथ जी का राज श्रीराम ने भोगा था और रावण की सत्ता से संघर्ष किया था। इन दोनों सत्ताओं में देखा जाए तो राम विपक्ष में ही रहे थे।
इसलिए राम एक ऐसे राज्य की स्थापना करना चाहते थे, जो सैन्य बल नहीं आत्मबल से तैयार हुआ हो। समय आ गया है कि हम भी अपने परिवार के आत्मबल को बचाएं, बढ़ाएं।








