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- Pt. Vijayshankar Mehta’s Column There Is A Lesson In Knowledge Just Like Sugar In Sweets
12 मिनट पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
विज्ञान और तकनीक का हमारे जीवन में जैसे-जैसे प्रभाव बढ़ रहा है, जो-जो बातें प्रभावित और आहत हुई हैं, उनमें से एक है विवाह नाम की संस्था। धीरे-धीरे विवाह के मतलब बदलते ही जा रहे हैं। एक होता है ज्ञान यानी नॉलेज और दूसरा होता है सबक यानी लेसन। जैसे मिठाई में शकर होती है पर दिखती नहीं, ऐसे ही ज्ञान में सबक होता है पर दिखता नहीं।
हमारे यहां शादी में एक सप्तपदी की परंपरा है। वर-वधू एक-दूसरे को सात वचन देते हैं। अब इसे यूं समझें कि शादी सबक है और सप्तपदी ज्ञान है। लोग फेरे तो ले लेते हैं, फिर भूल ही जाते हैं कि बात क्या हुई थी वर-वधू में। और अब तो कोर्ट ने भी कह दिया है कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 7 के तहत यदि उचित रीति-रिवाज और उत्सव के साथ फेरे लिए गए हों तो वही विधिपूर्वक विवाह माना जाएगा।
तो कानून की मुहर लग गई। इसलिए सात फेरे केवल संस्कार ही नहीं, कानून भी हैं। यदि सप्तपदी का ज्ञान ठीक से हो जाए तो विवाह एक बहुत बढ़िया सबक बन जाता है। वरना कई लोगों के लिए बोझ हो जाता है। इसलिए विवाह नाम की संस्था का अत्यधिक सम्मान करें। समझदारी के साथ।








