- Hindi News
- Opinion
- Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Implement The Gurukul System Of Education In Your Own Home
3 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

पं. विजयशंकर मेहता
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति आने वाली है। तकनीक का प्रवेश होता रहेगा। इन शिक्षा केंद्रों में जो बच्चे तैयार हो रहे हैं, वो युद्ध के लिए तो तैयार हों, लेकिन शायद जीवन के लिए तैयार नहीं हो पाएं। हमारे यहां एक गुरुकुल पद्धति थी। जिसे भी शिक्षा लेना है, उसे गुरुकुल से गुजरना पड़ता था।
वहां ज्ञान के साथ प्रार्थना, करुणा, स्वाध्याय भी सिखाया जाता था। पढ़े-लिखे व्यक्ति को अपनी दिशा बचपन में तय कर लेनी चाहिए। अगर दिशा केवल सफलता है, तो ये बच्चे बड़े आक्रामक हो जाएंगे। असफल होने पर उदास हो जाएंगे।
लेकिन गुरुकुल पद्धति में सिखाया जाता है कि जब शिक्षित हो जाओ तो शांति की यात्रा पर भी निकलना। इस पद्धति में बचपन से ही ऐसा यात्रापथ सौंप दिया जाता था, जिस पर वो ज्ञान के साथ जीवन भी सीख जाते थे।
आज अगर हम शिक्षा-केंद्रों में गुरुकुल पद्धति न उतार पाएं तो कम से कम अपने घर में तो उतारें। पचास प्रतिशत काम बच्चों पर घर में ही गुरुकुल पद्धति से हो सकता है। ये सैनिक भले ही बनें, पर इन्हें साधक भी बनाया जाए।








