पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  मन पर कई आक्रमण हो रहे हैं, इनमें नया है नशे का
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मन पर कई आक्रमण हो रहे हैं, इनमें नया है नशे का

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4 घंटे पहले

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पं. विजयशंकर मेहता - Dainik Bhaskar

पं. विजयशंकर मेहता

हमारे मन पर चारों तरफ से आक्रमण हो रहे हैं। विचारों का आक्रमण हो रहा है, कहीं क्रोध प्रहार कर रहा है, कहीं वासनाओं ने घेर रखा है। इन सबके साथ एक नया आक्रमण चला है और वो है नशे का।

खासतौर पर शराब के नशे के दुष्परिणाम आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में खंडवा के पास एक गांव में दुष्कर्म हुआ और अपराधियों ने इतना घृणित कुकृत्य किया कि उस नारी की आंतें तक निकाल लीं। दृश्य देखकर डॉक्टर भी व्यथित हो गए।

बात ये सामने आई कि अपराधी शराब पीए हुए थे। अब तो चिंता पालनी चाहिए। भारत में शराब की खपत तीन गुना बढ़ गई है और हर साल बढ़ेगी। जानकार लोग कहते हैं आने वाले तीन साल में शराब की खपत 4% बढ़ने वाली है। चिंता इसलिए पालें कि हमारा देश युवा आबादी का देश है।

विश्व में अनेक देश अपने लोगों को शराब से दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमारे देश में जहां रज-रज, कण-कण में धर्म-संस्कृति बसी है, वहां वो ही लोग शराब को प्रश्रय दे रहे हैं, जिनके कंधे पर धर्म-अध्यात्म की डोली हमने छोड़ रखी है।

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