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फैक्ट चेक: फर्जी है अरुणाचल प्रदेश पर चीन के कब्जे का दावा, पढ़ें पूरी पड़ताल

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो के शेयर कर दावा किया जा रहा है कि लेफ्टिनेंट जनरल  कालिया ने कहा है कि चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश में असाफिला, लोंगजू और टक्सिंग सर्कल पर कब्जा कर लिया है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो तीन साल पुराना है। यह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में हुई एक आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग का है। उस समय, मेजर जनरल गिरीश कालिया GOC 28 इन्फैंट्री डिवीजन के पद पर तैनात थे।

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश में असाफिला, लोंगजू और टक्सिंग सर्कल पर कब्जा कर लिया है। 

योगेश शर्मा(@yogeshsh2135) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ‘आसाफिला, लोंगजू और तकसिंग सर्कल पर चीन का नियंत्रण चिंताजनक है। हमें अरुणाचल प्रदेश की ‘जनरेशन जेड’ के खिलाफ अर्धसैनिक बलों को तैनात करने के लिए कहा गया है, न कि चीन का मुकाबला करने के लिए।’ 

— लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया, जीओसी स्पीयर कोर (3 कोर), एवीएसएम, वीएसएम।  पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 

 

इसी तरह के अन्य पोस्ट के लिंक आप यहां और  यहां देख सकते हैं। वहीं, आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें समाचार एजेंसी एएनआई के एक्स हैंडल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो  27 अक्तूबर 2023 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि कुपवाड़ा, J&K: 28 इन्फैंट्री डिवीजन के GOC मेजर जनरल गिरीश कालिया कहते हैं, “नियंत्रण रेखा (LoC) के उस पार से जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने और सुरक्षा माहौल को खराब करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। आप सभी ने देखा है कि नियंत्रण रेखा के उस पार से घुसपैठ की लगातार कोशिशें हो रही हैं। पिछले 8 महीनों में, हमारे डिवीजन के अधिकार क्षेत्र में ऐसी 10 कोशिशें हुईं, जिनमें 27 आतंकवादी मारे गए और भारी मात्रा में युद्ध से जुड़े सामान बरामद किए गए। इसके अलावा, हमने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं, जो पाकिस्तान के रक्षा प्रतिष्ठानों और आतंकवादी समूहों के बीच गहरे गठजोड़ को साबित करते हैं… कल का ऑपरेशन एक तरह से हमारे उन पैदल सैनिकों (इन्फैंट्री के जवानों) को एक उचित श्रद्धांजलि है, जिन्होंने घाटी में शांति बनाए रखने के लिए पिछले कई दशकों से अथक परिश्रम किया है। आज सुरक्षा बल पूरी तरह से तालमेल के साथ काम कर रहे हैं। हम कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को बिगाड़ने की दुश्मन की किसी भी कोशिश को पूरी दृढ़ता और पक्के संकल्प के साथ नाकाम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आगे की पड़ताल में हमें भारतीय सेना की फैक्ट चेक की एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 25 अक्तूबर 2026 को साझा की गई है। यहा वायरल वीडियो को फर्जी बताया गया है। यहां लिखा है कि एक डिजिटल रूप से बदली गई वीडियो क्लिप फैलाई जा रही है, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया के नाम से मनगढ़ंत बातें कही गई हैं। इसमें दावा किया गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में असाफिला, लोंगजू और तक्सिंग सर्कल पर कब्ज़ा कर लिया है और भारतीय सेना को जरूरी सामान की आपूर्ति रोक दी गई है। यह भ्रामक वीडियो इन झूठे बयानों को एक वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारी द्वारा लीक की गई स्वीकारोक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश करता है।

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को झूठा पाया है। भारतीय सेना की ओर से वायरल दावे से संबंधित कोई बयान नहीं दिया गया है। 



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