December IIP data: आगामी एक फरवरी को देश का आम बजट पेश किया जाएगा। इससे ठीक पहले इकोनॉमी के मोर्चे पर एक अच्छी खबर मिली है। माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन के दम पर भारत के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर दिसंबर 2025 में दो साल से अधिक के उच्च स्तर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गई। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापा जाने वाला उत्पादन दिसंबर 2024 में 3.7 प्रतिशत बढ़ा था।
औद्योगिक उत्पादन वृद्धि अनुमान में फिर संशोधन
वहीं, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने नवंबर 2025 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के अनुमान को पिछले महीने जारी किए गए 6.7 प्रतिशत के अस्थायी अनुमान से संशोधित करके 7.2 प्रतिशत कर दिया है। एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के उत्पादन में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो दिसंबर 2024 में 3.7 प्रतिशत रही थी। माइनिंग उत्पादन में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जो दिसंबर 2024 में 2.7 प्रतिशत थी। बिजली उत्पादन में दिसंबर 2025 में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि 2024 की इसी महीने में यह 6.2 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-दिसंबर अवधि के दौरान देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत से घटकर 3.9 प्रतिशत रह गई।
एक फरवरी का पेश किया जाएगा बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाएंगी। हालांकि, एक फरवरी को रविवार का दिन है। साप्ताहिक अवकाश के बावजूद बजट पेश किया जाएगा तो शेयर बाजार में ट्रेडिंग भी होगी। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में दूसरी बार सत्ता में आने पर सीतारमण को भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया था। इसके बाद 2024 में तीसरी बार मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद वित्त मंत्रालय उनके पास ही रहा।








