3 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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किताब का नाम: 21 आदतें योगिक जीवन के लिए
(‘21 हैबिट्स टू योगिक लिविंग’ का हिंदी अनुवाद)
लेखक: जूही कपूर
अनुवाद: यामिनी रामपल्लीवार
प्रकाशक: पेंगुइन
मूल्य: 299 रुपए
आज की भागदौड़ भरी डिजिटल दुनिया में स्ट्रेस, स्क्रीन फटीग और नींद की कमी हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में लोग शांति, ऊर्जा और संतुलन की तलाश करते हैं। मशहूर वेलनेस कोच जूही कपूर की किताब ‘21 आदतें योगिक जीवन के लिए’ हमें ये संतुलन बनाने के लिए प्रेरित करती है। यह किताब डेली रूटीन से जुड़ी 21 अच्छी आदतों पर केंद्रित है, जो योग, आसन और प्राणायाम को लाइफ में शामिल करने का रास्ता दिखाती है।
इस किताब में जूही कपूर अपनी गहरी समझ और अनुभव के साथ योगिक लाइफस्टाइल के बारे में विस्तार से बताती हैं। यह किताब उन लोगों के लिए एक दोस्त की तरह है, जो डिजिटल लाइफ के तनाव से जूझ रहे हैं और अपने मन, शरीर और आत्मा में संतुलन चाहते हैं। यह लंबे योग सेशन की बजाय छोटी, व्यावहारिक आदतों पर जोर देती है, जो दिन में एनर्जी और रात की गहरी नींद में मदद करती है। किताब में योगिक जीवन की 21 महत्वपूर्ण आदतें बताई गई हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

किताब का मकसद और अहमियत
‘21 आदतें योगिक जीवन के लिए’ एक ऐसी किताब है, जो योग को जटिल आसनों या घंटों की साधना से अलग, रोजमर्रा की छोटी आदतों में ढालती है। यह हमें सिखाती है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और सांस को जोड़ने का एक तरीका है। जूही कपूर ने इसे डेली रूटीन के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसमें सुबह की स्ट्रेचिंग, डिटॉक्स के लिए योगिक क्रियाएं, स्क्रीन से थकी हुई आंखों व कानों को आराम देने वाली एक्सरसाइज, वैदिक मंत्रों के साथ सूर्य नमस्कार और ब्रेन को संतुलित करने के उपाय शामिल हैं।
यह किताब उन लोगों के लिए खास है, जो तनाव, बर्नआउट, या अनिद्रा से जूझ रहे हैं। यह किताब प्रेरित करती है कि छोटे-छोटे कदमों से आप अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से किताब के मुख्य सबक समझिए-

यह किताब चार मुख्य पॉइंट्स पर केंद्रित है। आइए, इनके बारे में जानते हैं।
शारीरिक स्वास्थ्य: छोटी आदतों से बड़ा बदलाव
जूही कपूर बताती हैं कि योग का मतलब जटिल आसन करना नहीं है। किताब में सुबह की साधारण स्ट्रेचिंग और मूवमेंट्स की तकनीकें दी गई हैं, जो जोड़ों को फ्लैक्सिबल बनाती हैं और शरीर को ऊर्जा देती हैं।
उदाहरण के लिए, किताब में ‘कैट-काउ स्ट्रेच’ और ‘गले की मालिश’ जैसे आसान एक्सरसाइज हैं, जो डेस्क जॉब करने वालों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है। ये एक्सरसाइज 5-10 मिनट में की जा सकती हैं, जो रीढ़, कंधों और गर्दन की अकड़न को कम करती हैं।

मानसिक शांति: तनाव और बेचैनी से राहत
किताब में तनाव और स्क्रीन फटीग से निपटने के लिए प्राणायाम और ध्यान की तकनीकें दी गई हैं। उदाहरण के लिए, ‘नाड़ी शोधन प्राणायाम’ ब्रेन के सभी हिस्सों को संतुलित करता है और तनाव को कम करता है। जूही कपूर ने इसे इतनी सरलता से समझाया है कि नए लोग भी इसे आसानी से आजमा सकते हैं। किताब में स्क्रीन टाइम से होने वाली आंखों की थकान को कम करने के लिए ‘पलमिंग’ (हथेलियों से आंखों को ढकना) और कानों के तनाव को कम करने के लिए ‘कर्ण रंध्र’ जैसी तकनीकें बताई गई हैं।

सांस का संतुलन: प्राणायाम और क्रिया
किताब में कपालभाति और जल नेति जैसी डिटॉक्स क्रियाओं को विस्तार से बताया गया है, जो शरीर से टॉक्सिन्स निकालती हैं और रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत करती हैं। ये तकनीकें खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी हैं, जो प्रदूषण और डिजिटल फटीग से प्रभावित हैं। जूही कपूर ने इनका वैज्ञानिक आधार भी समझाया है, जैसे कि कपालभाति कैसे ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाकर ब्रेन को शांत करती है।
आध्यात्मिक जागरूकता: मंत्र और सूर्य नमस्कार
किताब में वैदिक मंत्रों के साथ सूर्य नमस्कार की तकनीक को शामिल किया गया है, जो न केवल बॉडी की फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ाता है, बल्कि मन को आध्यात्मिक शांति भी देता है। जूही कपूर ने मंत्रों के उच्चारण और उनके अर्थ को सरलता से समझाया है, ताकि पाठक इसे आसानी से अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकें। यह हिस्सा किताब को एक अनूठा आध्यात्मिक आयाम देता है।
किताब क्यों पढ़नी चाहिए?
‘21 आदतें योगिक जीवन के लिए’ एक ऐसी किताब है, जो योग को जटिल दर्शन से हटाकर रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाती है। यह उन लोगों के लिए परफेक्ट है, जो तनाव, थकान, या नींद की कमी से जूझ रहे हैं। यह किताब लंबी और थकाने वाली दिनचर्या की बजाय छोटे, प्रभावी कदमों की ओर ले जाती है। यह न केवल आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रखती है, बल्कि आपके मन और आत्मा को भी संतुलित करती है।

किताब के बारे में मेरी राय
ये किताब एक दोस्ताना, प्रेरणादायक और व्यावहारिक पार्टनर की तरह है, जो डिजिटल दुनिया के तूफान में राहत दिलाता है। जूही कपूर की लेखन शैली इतनी सरल और प्रेरक है कि किताब नौसिखियों और अनुभवी योगियों दोनों को आकर्षित करती है।
किताब योग को केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल के रूप में अपनाने की प्रेरणा देती है। अगर आप अपने जीवन में एक सकारात्मक बदलाव चाहते हैं तो यह किताब आपके लिए एक बेस्ट पार्टनर साबित होगी।
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