मिन्हाज मर्चेंट का कॉलम:  भारतीय फ्रेंचाइजी को पाक खिलाड़ी क्यों लेने चाहिए?
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मिन्हाज मर्चेंट का कॉलम: भारतीय फ्रेंचाइजी को पाक खिलाड़ी क्यों लेने चाहिए?

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10 घंटे पहले

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मिन्हाज मर्चेंट, लेखक, प्रकाशक और सम्पादक - Dainik Bhaskar

मिन्हाज मर्चेंट, लेखक, प्रकाशक और सम्पादक

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) आगामी 28 मार्च से शुरू हो रही है। आईपीएल में पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। दुनिया की सबसे अमीर स्पोर्ट्स लीग में से एक आईपीएल का मौजूदा बाजार मूल्य 18 अरब डॉलर है। इसकी तुलना में फुटबॉल की काफी पुरानी इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) की वैल्यू 30 अरब डॉलर की है।

साल दर साल आईपीएल की सफलता ने दुनिया भर में- ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से लेकर वेस्ट इंडीज और साउथ अफ्रीका तक- टी20 क्रिकेट लीगों को जन्म दिया है। इन लीग में कई फ्रेंचाइजी टीमों के मालिक भारतीय हैं, जिनमें से कइयों का आईपीएल टीम मालिकों से भी तालमेल है। हालांकि इन विदेशी लीग में भी भारतीयों के स्वामित्व वाली किसी फ्रेंचाइजी ने पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर बोली नहीं लगाई। यह प्रतिबंध आधिकारिक भले न हो, लेकिन पूरी दुनिया में लागू है।

लेकिन पहली बार इस प्रतिबंध का उल्लंघन इंग्लैंड में होने जा रही ‘द हंड्रेड’ लीग में हुआ है। हर पारी में 100 गेंदों वाले इस टूर्नामेंट में ज्यादातर फ्रेंचाइजी टीमों के मालिक भारतीय हैं। इनमें से कई आईपीएल टीमों के भी मालिक हैं।

आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद टीम की मालकिन और त​मिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की करीबी रिश्तेदार काव्या मा​रन ने ‘द हंड्रेड’ में अपनी फ्रेंचाइजी टीम सनराइजर्स लीड्स के लिए पहली बार किसी पाकिस्तानी क्रिकेटर को चुना है।

उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाज अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपए) में खरीदा। तत्काल ही इसका विरोध शुरू हो गया। पूर्व भारतीय टेस्ट कप्तान सुनील गावस्कर सबसे तीखी प्रतिक्रिया देने वालों में थे।

गावस्कर ने एक लेख में कड़े शब्दों में लिखा कि ‘पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी गई फीस- जिस पर वह अपनी सरकार को आयकर चुकाएगा और वो सरकार उससे हथियार खरीदेगी- अप्रत्यक्ष तौर पर भारतीय फौजियों और नागरिकों की मौत में योगदान देगी।

इसी एहसास के कारण भारतीय संस्थाएं पाकिस्तानी कलाकारों और खिलाड़ियों को आमंत्रित करने के विचार से भी बचती हैं। भुगतान करने वाली इकाई भले भारतीय हो या उसकी कोई विदेशी शाखा, यदि उसका मालिक भारतीय है तो वह भारतीयों की मौत में योगदान दे रहा है।’

गावस्कर बेहद स्पष्टवादी हैं। लेकिन आम तौर पर उन्हें पाकिस्तान विरोधी नहीं माना जाता। उन्होंने वसीम अकरम के साथ कमेंट्री की है और पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर इमरान खान का भी समर्थन कर चुके हैं, जो अभी जेल में हैं। लेकिन जब गावस्कर जैसे कद के व्यक्ति ने आलोचना की तो यह खबर न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे अखबार में भी छपी, जो आमतौर पर क्रिकेट में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखता।

अखबार ने गावस्कर के मुख्य तर्क को दोहराया कि किसी भारतीय क्रिकेट फ्रेंचाइजी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को दिया गया पैसा अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ ही इस्तेमाल किया जाएगा। न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा कि ‘भारत के महानतम क्रिकेटरों में से एक ने एक इंग्लिश टीम द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन करने की आलोचना की है।

उनका दावा है कि लेग स्पिनर अबरार अहमद द्वारा चुकाए गए टैक्स के जरिए यह पैसा पाकिस्तान की ह​थियार खरीद में काम आएगा और अप्रत्यक्ष तौर भारतीय सैनिकों या नागरिकों की मौत का कारण बन सकता है।’

गावस्कर पहले भी कह चुके हैं कि कई पाकिस्तानी क्रिकेटर हमेशा से भारत के खिलाफ रहे हैं। अबरार अहमद ने भारतीय वायुसेना का मजाक उड़ाया था। शाहिद अफरीदी तो आदतन भारत और भारतीय क्रिकेटरों के खिलाफ बयान देते रहते हैं।

पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने सूर्यकुमार यादव को गाली तक दी थी। एशिया कप के एक मैच में हारिस रऊफ ने मैदान पर भारतीय सैन्य विमानों के गिरने संबंधी भड़काऊ इशारे किए थे।

गावस्कर का कहना है कि क्या ‘द हंड्रेड’ में भारतीय फ्रेंचाइजी मालिक भारत विरोधी खिलाड़ियों को करोड़ों रुपए की फीस का इनाम देना चाहते हैं? बीसीसीआई ने यह कहते हुए पूरे विवाद से पल्ला झाड़ लिया है कि वह आईपीएल को संचालित करता है, लेकिन विदेशी लीग में निजी कंपनियों द्वारा संचालित फ्रेंचाइजी पर उनका कोई क्षेत्राधिकार नहीं।

बीसीसीआई का कहना है कि उसे विदेशी लीग में हिस्सा लेने वाले भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों के विवेक पर भरोसा है कि वे आईपीएल की तरह पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपनी टीम से बाहर रखेंगे। लेकिन काव्या मारन में यह विवेक नजर नहीं आया है। उनकी फ्रेंचाइजी का बहिष्कार हो, इससे पहले यह समझ उनमें आ जानी चाहिए।

अबरार अहमद ने भारतीय वायुसेना का मजाक उड़ाया था। लेकिन आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद टीम की मालकिन ने ‘द हंड्रेड’ लीग में अपनी फ्रेंचाइजी टीम सनराइजर्स लीड्स के लिए 2.34 करोड़ रुपए में अबरार को खरीदा है। (ये लेखक के अपने विचार हैं)

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