रसरंग में ट्रैवल:  विशाखापट्टनम: खूबसूरत समुद्री तटों के लिए विख्यात
अअनुबंधित

रसरंग में ट्रैवल: विशाखापट्टनम: खूबसूरत समुद्री तटों के लिए विख्यात

Spread the love


मृदुला द्विवेदी54 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

विशाखापट्टनम (जिसे स्थानीय लोग ‘वाइजैग’ भी कहते हैं) आंध्र प्रदेश का एक खूबसूरत शहर है, जो बंगाल की खाड़ी के तट पर बसा हुआ है। यह शहर अपने समुद्री तटों, नौसैनिक गतिविधियों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। व्यस्त और भागदौड़ भरे शहरों से आने वाले लोगों को यहां एक सुकूनभरा और आरामदायक माहौल मिलता है।

विशाखापट्टनम के समुद्र तट शहर में मुख्य रूप से तीन प्रमुख समुद्र तट हैं- रामकृष्ण बीच (जिसे संक्षेप में आर.के. बीच कहा जाता है), रुशिकोंडा बीच और यारडा बीच। आर.के. बीच स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों में ही सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। सुबह-सुबह यहां टहलना बेहद सुकून देता है। रुशिकोंडा बीच वॉटर स्पोर्ट्स के शौकीनों के लिए खास है, जैसे कि सर्फिंग, जेट-स्की और बोट राइड्स। यारड़ा बीच उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो शांत माहौल में समुद्र का आनंद लेना चाहते हैं। आमतौर पर ये बीच शाम को और सप्ताहांत पर अधिक भीड़भाड़ वाले हो जाते हैं। अगर आप शांति में समुद्र-तट का अनुभव करना चाहते हैं तो सुबह के समय आर.के. बीच सबसे उपयुक्त है।

बीच रोड आर.के. बीच के किनारे बनी बीच रोड अपने आप में अद्भुत नजारा पेश करती है। खासकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है। इस रोड पर कई उच्च स्तरीय होटल बने हुए हैं, जिनकी ऊपरी मंजिल पर बने रेस्तरां से पूरे समुद्र और सड़क का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। सूर्यास्त के समय खिड़की वाली मेज बुक कर लेना अपने आप में एक यादगार अनुभव बन जाता है। इस पूरे दृश्य का असली आनंद तभी आता है, जब आप ऊंचाई से समुद्र और तट को देखते हैं।

कुरसुरा पनडुब्बी संग्रहालय आर.के. रोड पर स्थित आई.एन.एस. कुरसुरा एक सोवियत निर्मित पनडुब्बी है, जिसे 2001 में सेवामुक्त कर दिया गया था। अब इसे पानी से बाहर निकालकर संग्रहालय में बदल दिया गया है और यह आम जनता के लिए खुला है। यहां का प्रवेश शुल्क 70 रुपए है और सोमवार को यह बंद रहता है। संग्रहालय के भीतर जाकर हमें यह देखने का अनोखा अवसर मिलता है कि पनडुब्बी अंदर से कैसे काम करती है, उसमें सैनिक कैसे रहते और कैसे काम करते हैं। बच्चों और युवाओं के लिए यह एक ज्ञानवर्धक और रोमांचक अनुभव होता है।

डॉल्फिन नोज हिल शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित डॉल्फिन नोज हिल विशाखापट्टनम का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। पहाड़ी का आकार दूर से देखने पर डॉल्फिन की नाक जैसा लगता है, इसी कारण इसे यह नाम मिला। यहां पर एक लाइटहाउस भी है जो समुद्र में जहाजों को दिशा बताता है। इस पहाड़ी से शहर और बंदरगाह का दृश्य बहुत ही मनोहारी दिखाई देता है। यह क्षेत्र भारतीय नौसेना के प्रबंधन में है और बुधवार को यहां प्रवेश नहीं मिलता।

बोरा गुफाएं और अराकू घाटी विशाखापट्टनम से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित बोरा गुफाएं प्राकृतिक चूना-पत्थर से बनी हुई हैं। कहा जाता है कि इन गुफाओं की खोज एक चरवाहे ने तब की थी, जब उसकी गाय एक गड्ढे में गिर गई थी। गाय को कुछ नहीं हुआ और स्थानीय लोगों ने इसे भगवान शिव की कृपा माना। गुफाएं विशाल और रोमांचकारी हैं, जिन्हें देखना वास्तव में एक अद्भुत अनुभव होता है। बोरा गुफाओं की यात्रा को अक्सर अराकू घाटी के साथ जोड़ा जाता है। अराकू घाटी अपनी हरी-भरी पहाड़ियों, झरनों और शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। यह लंबी यात्रा भले ही थका देने वाली हो, लेकिन इसके दृश्य मन मोह लेने वाले हैं और इसे जीवन में कम-से-कम एक बार जरूर करना चाहिए।

कैसे पहुंचें? विशाखापट्टनम हवाई, रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहां का विशाखापट्टनम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के लगभग सभी बड़े शहरों से उड़ानें उपलब्ध कराता है। रेल यातायात के लिए मुख्य स्टेशन विशाखापट्टनम जंक्शन है, जहां से भारत के बड़े महानगरों तक ट्रेनें मिलती हैं। सड़क मार्ग से भी इस शहर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

कब जाएं? विशाखापट्टनम घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का माना जाता है। इन महीनों में मौसम सुहावना होता है, लेकिन यही पर्यटन का पीक सीजन है, इसलिए भीड़ और खर्च दोनों अधिक रहते हैं। जुलाई से सितंबर को शोल्डर सीजन कहा जा सकता है। इस दौरान मौसम अपेक्षाकृत अच्छा रहता है और भीड़ भी कम होती है।

कहां ठहरें? विशाखापट्टनम में ठहरने की व्यवस्था हर बजट के लिए उपलब्ध है। यदि आप लग्जरी अनुभव चाहते हैं तो आर.के. बीच के पास बीच रोड पर बने प्रीमियम होटल्स सबसे बेहतर हैं, जिनकी ऊंची मंजिलों से समुद्र और बीच रोड का दृश्य शानदार दिखाई देता है। बजट यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन और आरटीसी कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में कई किफायती होटल और गेस्टहाउस मौजूद हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *