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कभी सोचा है कि जिस किताब को पढ़कर आपकी आंखों में किसी अनजान शहर का नक्शा उतरा था, सचमुच अपनी छुट्टियां बिताने वहीं पहुंच जाएं 2026 में पर्यटन की दुनिया में खूबसूरत बदलाव आया है। फिल्मों की शूटिंग वाली जगहों पर जाने के पुराने ट्रेंड ‘सेट-जेटिंग’ को पीछे छोड़ते हुए अब ‘रीडअवे’ यानी साहित्यिक यात्राओं का दौर चल पड़ा है। लोग अब सिर्फ घूमने नहीं, बल्कि पसंदीदा किताबों को जीने के लिए घर से निकल रहे हैं। बीते कुछ वक्त में स्क्रीन के बढ़ते चलन से किताबें पढ़ने वालों की संख्या घटने लगी थी, पर इन दिनों छुट्टियां पढ़ने का बड़ा जरिया बन रही हैं। वैश्विक ट्रैवल सर्च इंजन ‘स्काईस्कैनर’ के अनुसार 55% यात्री किताबों से प्रेरित होकर ट्रिप प्लान कर रहे हैं। वहीं ट्रैवल प्लेटफॉर्म ‘वर्बो’ के मुताबिक 91% लोग ऐसे टूर पसंद करते हैं जहां वे सुकून से पढ़ सकें। जैसे एमिली हेनरी की चर्चित किताब ‘पीपल वी मीट ऑन वेकेशन’ से प्रेरित होकर अमेरिकी ट्रैवल कंपनियां क्रोएशिया टूर आयोजित कर रही है। इसमें यात्री हूबहू किताब के किरदारों की तरह डबरोवनिक व स्प्लिट शहरों की गलियों से गुजरते हैं और क्रोएशियन द्वीपों पर क्रूज का अनुभव लेते हैं। होटल अब सिर्फ ठहरने की जगह नहीं रहे, बल्कि आलीशान लाइब्रेरी में बदल रहे हैं। ‘बैडसाइड रीडिंग’ जैसी संस्थाएं होटल्स के साथ मिलकर मेहमानों को मुफ्त लाइब्रेरी उपलब्ध करा रही हैं। न्यूयॉर्क के ‘स्क्रिब्नर्स कैट्सकिल लॉज’ में हर तिमाही एक किताब चुनी जाती है और मेहमानों को लेखक से मिलने का न्योता दिया जाता है। मेन के रिजॉर्ट में सीक्रेट बुक्स का रोमांच है, जहां किताबों के टाइटल रैपिंग पेपर से छुपे रहते हैं और सिर्फ सुराग लिखे होते हैं। टेक्सास के ‘लेक ऑस्टिन स्पा रिजॉर्ट’ में पढ़ने के साथ योग, माइंडफुलनेस व ऑथर मीट-एंड-ग्रीट सत्र होते हैं। वहीं इंडियाना की ‘रीड एंड राइड्स’ हेरिटेज ट्रेन दो घंटे की साहित्यिक रेल यात्रा कराती है, जहां बोगी शांत लाइब्रेरी जैसी होती है और यात्री गांव के प्राकृतिक दृश्यों के बीच पढ़ने का आनंद लेते हैं।ब्रिटेन का ‘लेडीज हू लिट’ क्लब बारबाडोस या स्विस आल्प्स की वादियों में 5 रातों की रीडिंग रिट्रीट रखता है, जहां आखिरी रात को किताब पर गंभीर चर्चा होती है। जगह की आत्मा से रूबरू किताब ही कराती है संस्था ‘ट्रैवल बुक क्लब’ की संस्थापक सदस्य एमी अलिपिओ कहती हैं, ट्रैवल गाइडबुक या यात्रा लेख आपको किसी जगह की भौगोलिक जानकारी तो दे सकता है, पर उस जगह की आत्मा और महत्व से अच्छी किताब ही रूबरू करा सकती है। यात्री रेनी हेग कहती हैं,‘साहित्य हमें मकसद देता है। मुझे बूढ़ी इमारतें देखना थका देता है, लेकिन किताबों से जगहों को देखना सफर यादगार बना देता है। इसलिए छुट्टियों में गाइडबुक नहीं, बल्कि अच्छी कहानी साथ रखें।’ सतही तौर पर घूमने के बजाय जुड़ाव देता है रीडअवे ‘नॉवेल ट्रैवल्स’ की कोरिन लेवाइन कहती हैं, ‘रीडअवे’ पारंपरिक पर्यटन से आगे बढ़कर ‘सुकून भरा अनुभव’ बन चुका है। यह सैलानियों को सतही तौर पर घूमने के बजाय स्थान से भावनात्मक जुड़ाव व उसकी सांस्कृतिक समझ देता है। डिजिटल स्क्रीन से दूर, यह रुझान सुकून व तनावमुक्ति का बेहतरीन जरिया है। ऐसी यात्राएं लगातार सीखने को प्रेरित करती हैं, जहां पर्यटक लेखकों और कहानियों से जुड़ते हैं। इस ट्रेंड को देखते हुए कंपनियां किताबों पर आधारित टूर पैकेज ला सकती हैं, जिनमें गाइडेड साहित्यिक दौरे, थीम-आधारित स्टे और कहानियों को जीने का अनुभव शामिल होगा।’
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