14 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी
- कॉपी लिंक

फेस्टिव सीजन में बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डिस्काउंट्स और ढेर सारे ऑफर्स मिलते हैं। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, ज्वेलरी जैसी हर चीज पर भारी छूट का दावा किया जाता है।
ऐसे में ज्यादातर लोग ऑनलाइन शॉपिंग को ही आसान और किफायती विकल्प मानते हैं। हालांकि यही समय सबसे ज्यादा सतर्क रहने का भी होता है, क्योंकि ऑनलाइन सेल के नाम पर नकली वेबसाइट, फर्जी सेलर्स और धोखाधड़ी भी होती है।
एक छोटी-सी लापरवाही आपको पैसे और सामान दोनों में नुकसान करा सकती है। इसलिए जरूरी है कि खरीदारी करने से पहले सही जानकारी जुटाई जाए और हर कदम सोच-समझकर उठाया जाए।
इसलिए आज ‘साइबर लिटरेसी’ में हम जानेंगे कि-
- दिवाली सेल में शॉपिंग करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
- असली और नकली ऑफर में कैसे फर्क करें?
- शॉपिंग के दौरान किन गलतियों से बचना जरूरी है?
एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस
सवाल- दिवाली सेल के समय ऑनलाइन शॉपिंग करते हुए सबसे बड़ा खतरा क्या होता है?
जवाब- दिवाली सेल के समय ऑनलाइन शॉपिंग करते हुए सबसे बड़ा खतरा फर्जी वेबसाइट, नकली डिस्काउंट और धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन से होता है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।
- फर्जी वेबसाइट असली की तरह दिखती हैं और लोग पेमेंट कर देते हैं।
- बहुत ज्यादा डिस्काउंट दिखाकर ग्राहकों को लालच दिया जाता है।
- असुरक्षित पेमेंट गेटवे के जरिए कार्ड या बैंक डिटेल्स चोरी की जाती है।
- डिलीवरी के नाम पर नकली या घटिया प्रोडक्ट भेज दिए जाते हैं।
- फर्जी वेबसाइट्स से ऑर्डर लेने के बाद प्रोडक्ट डिलीवर ही नहीं होता है।
सवाल- नकली वेबसाइट या एप को पहचानने का आसान तरीका क्या है?
जवाब- नकली वेबसाइट्स को पहचाने के कई सारे तरीके हैं। इसके लिए आपको बस थोड़ी सी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- असली और नकली ऑफर में फर्क कैसे समझें?
जवाब- नकली ऑफर्स बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए जाते हैं, जिससे आप उसकी तरफ आकर्षित हो सकें। लालच में आते ही आप ट्रैप में फंस सकते हैं। आइए इन ऑफर्स के बारे में समझते हैं।

सवाल- शॉपिंग से पहले वेबसाइट और सेलर की विश्वसनीयता जांचने के कौन से तरीके हैं?
जवाब- किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करने से पहले यह जानना जरूरी है कि वेबसाइट या सेलर कितना भरोसेमंद है। इसके लिए सबसे आसान तरीका है पिछले ग्राहकों के रिव्यू पढ़ना। अगर किसी प्रोडक्ट पर लगातार खराब रेटिंग है या डिलीवरी में दिक्कत की शिकायतें हैं, तो उससे दूर रहना चाहिए।
इसके अलावा, वेबसाइट का डोमेन नाम देखकर भी भरोसे का अंदाजा लगाया जा सकता है। बड़े प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा आदि पर आमतौर पर असली सेलर्स ही मौजूद रहते हैं, लेकिन छोटे या नए प्लेटफॉर्म पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
सवाल- पेमेंट करते समय किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए?
जवाब- फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन पेमेंट करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इसके जरिए आप स्कैम या फ्रॉड का शिकार होने से बच सकते हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- ऑनलाइन पेमेंट और कैश ऑन डिलीवरी में कौन-सा ऑप्शन सुरक्षित माना जाए?
जवाब- ऑनलाइन पेमेंट आसान और तेज होता है, लेकिन इसमें धोखाधड़ी का खतरा रहता है। अगर वेबसाइट या सेलर भरोसेमंद है और पेमेंट गेटवे सुरक्षित है, तो ऑनलाइन पेमेंट में दिक्कत नहीं आती है।
हालांकि पहली बार किसी नए प्लेटफॉर्म से खरीदारी कर रहे हैं, तो कैश ऑन डिलीवरी चुनना ज्यादा सुरक्षित होता है। इससे प्रोडक्ट हाथ में आने के बाद ही पैसा देना पड़ता है और धोखाधड़ी का खतरा कम हो जाता है।
सवाल- प्रोडक्ट खरीदने से पहले रिव्यू और रेटिंग क्यों जरूरी हैं?
जवाब- ऑनलाइन शॉपिंग करते समय आप प्रोडक्ट को सीधे छू या देख नहीं सकते। ऐसे में रिव्यू और रेटिंग ही असली मददगार साबित होते हैं। अगर प्रोडक्ट पर हजारों लोगों के अच्छे रिव्यू हैं, तो उसका भरोसा बढ़ जाता है।
वहीं, अगर बार-बार खराब क्वालिटी, गलत साइज या डिलीवरी में देरी की शिकायतें दिखें, तो उससे बचना बेहतर है। असली रिव्यू अक्सर डिटेल में लिखे जाते हैं, जबकि नकली रिव्यू छोटे और एक जैसे होते हैं। इसलिए खरीदने से पहले कम से कम 10–15 रिव्यू जरूर पढ़ें।
सवाल- अगर फर्जी सामान या गलत प्रोडक्ट डिलीवर हो जाए तो तुरंत क्या करना चाहिए?
जवाब– ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत कदम उठाना जरूरी है। सबसे पहले प्रोडक्ट की फोटो और पैकेजिंग का सबूत तैयार करें। फिर तुरंत कस्टमर केयर से संपर्क करें और ऑर्डर नंबर के साथ शिकायत दर्ज करें। ज्यादातर भरोसेमंद प्लेटफॉर्म रिटर्न पिकअप और रिफंड की सुविधा देते हैं।

सवाल- दिवाली सेल में रिटर्न और रिफंड पॉलिसी को पढ़ना क्यों जरूरी है?
जवाब- कई बार लोग डिस्काउंट देखकर तुरंत खरीदारी कर लेते हैं, लेकिन बाद में जब प्रोडक्ट पसंद नहीं आता या खराब निकलता है, तो परेशानी बढ़ जाती है। इसका कारण है कि उन्होंने रिटर्न और रिफंड पॉलिसी पहले पढ़ी ही नहीं।
हर वेबसाइट की पॉलिसी अलग होती है। कहीं 7 दिन, तो कहीं 30 दिन में रिटर्न की सुविधा मिलती है। कुछ प्रोडक्ट्स जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स या फेस्टिव ऑफर वाले आइटम पर नो-रिटर्न पॉलिसी भी लागू हो सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले यह जरूर पढ़ें कि अगर प्रोडक्ट खराब या गलत निकला तो उसे वापस करने का नियम क्या है।
………………
ये खबर भी पढ़िए
साइबर लिटरेसी- लॉटरी स्कैम के जाल में न फंसे: ये 6 संकेत दिखें तो हो जाएं अलर्ट, स्कैम से बचने के लिए 7 जरूरी सावधानियां

दिल्ली पुलिस ने कुछ दिनों पहले एक अंतरराष्ट्रीय लॉटरी स्कैम गैंग को पकड़ा, जो लोगों को नकली लॉटरी और गिफ्ट के झांसे में फंसाकर लाखों रुपए ठग रहा था। पूरी खबर पढ़िए…








