सेहतनामा- गर्मियों में ब्लड फ्लो बदलने से पेट खराब:  अपच, गैस और डायरिया की शिकायत; जानें इससे कैसे बचें, क्या खाएं और क्या नहीं
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सेहतनामा- गर्मियों में ब्लड फ्लो बदलने से पेट खराब: अपच, गैस और डायरिया की शिकायत; जानें इससे कैसे बचें, क्या खाएं और क्या नहीं

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21 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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गर्मियों में अक्सर अपच हो जाती है। ज्यादा तेल-मसाले वाली या मैदे वाली चीजें खा लीं तो पेट खराब हो सकता है। कई बार कुछ चीजें खाने के बहुत देर बाद तक अहसास होता रहता है कि जैसे खाना पचा ही नहीं है। कई बार मतली-उल्टी की समस्या भी हो सकती है।

गर्मी में टेम्परेचर बढ़ने पर शरीर के कामकाज पर सीधा असर पड़ता है। शरीर का अपना थर्मोडायनेमिक्स सिस्टम होता है। इसका काम शरीर का टेम्परेचर 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास मेंटेन करना है। जब गर्मी में एनवायरन्मेंटल टेम्परेचर 37 डिग्री सेल्सियस से पार जाता है तो शरीर अपना टेम्परेचर मेंटेन करने के लिए काम शुरू कर देता है। ऐसे में पाचन से उसका ध्यान हट जाता है और ये समस्याएं होने लगती हैं।

साइंस डायरेक्ट में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, दूसरे किसी मौसम के मुकाबले गर्मियों में अपच के ज्यादा मामले सामने आते हैं। इसके कारण गैस, बदहजमी, कब्ज और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। गर्मी बढ़ रही है और पेट से जुड़ी समस्याएं भी शुरू हो गई हैं।

इसलिए ‘सेहतनामा’ में आज गर्मी में पाचन समस्या पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • गर्मियों में खाना देर से क्यों पचता है?
  • गर्मियों में अक्सर पेट क्यों खराब होता है?
  • अगर अपच या डायरिया हो तो क्या करें?
  • गर्मियों में खानपान में क्या बदलाव करने चाहिए?

आंतों के पास नहीं होता पर्याप्त ब्लड

गर्मियों में शरीर अपना टेम्परेचर कंट्रोल करने के लिए ब्लड का ज्यादातर हिस्सा स्किन की तरफ ट्रांसफर कर देता है। ब्लड की मदद से स्किन पसीना बाहर निकालती है और शरीर खुद को कूल करता है। इसके चलते आंतों के पास पर्याप्त ब्लड नहीं पहुंच पाता है। इसलिए पाचन में मुश्किल होती है।

गर्मियों में खाना देर से क्यों पचता है?

1. शरीर का ध्यान खुद को ठंडा रखने में होता है

जब एनवायर्नमेंट का टेम्परेचर 37 डिग्री या उससे ऊपर चला जाता है तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए पसीना निकालता है। इसके लिए स्किन में ब्लड फ्लो बढ़ाना होता है। इसके कारण पेट में ब्लड फ्लो कम हो जाता है और खाना धीरे पचता है।

2. पाचन एंजाइम स्लो हो जाते हैं

गर्मी में शरीर के अंदर के एंजाइम्स, खासकर डाइजेस्टिव एंजाइम्स उतनी सक्रियता से काम नहीं कर पाते हैं। इसके चलते खाना पेट में ज्यादा देर तक रहता है।

3. शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी

गर्मी में पसीना ज्यादा आता है। इसके कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे- सोडियम और पोटेशियम की कमी हो जाती है। इससे पेट की मसल्स सुस्त हो जाती हैं और खाना सही ढंग से और ठीक स्पीड से आगे नहीं बढ़ता है।

गर्मियों में अक्सर पेट क्यों खराब होता है?

1. बासी या संक्रमित खाना

गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है। अगर फ्रिज में इसे ठीक से स्टोर न किया जाए या दोबारा गर्म न किया जाए तो उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इससे पेट खराब हो सकता है।

2. बाहर का खाना और स्ट्रीट फूड

गर्मियों में कटे फल, खुला पानी, गोलगप्पे, कुल्फी जैसी चीजें जल्दी संक्रमित हो जाती हैं। इससे शरीर में बैक्टीरिया और वायरस हमला कर सकते हैं। इससे पेट खराब हो सकता है।

3. गंदा या संक्रमित पानी

गर्मी में प्यास ज्यादा लगती है, लेकिन कई बार लोग जल्दी में बाहर का गंदा या ठंडा पानी पी लेते हैं। इससे डायरिया, पेट दर्द और उल्टी हो सकती है।

4. हाइजीन में लापरवाही

गर्मियों में पसीना अधिक आता है। इस पसीने में अक्सर बैक्टीरिया होते हैं। ये हमारे हाथ में भी होता है। अगर खाने से पहले हाथ न धोए जाएं या खाने के बर्तन ठीक से न साप किए जाएं तो इंफेक्शन हो सकता है।

अगर अपच या डायरिया हो तो क्या करें?

डॉ. सावन बोपन्ना कहते हैं कि अपच और डायरिया दोनों समस्याओं में अलग-अलग इलाज या मदद की जरूरत होती है।

गर्मियों में किस तरह का खाना खाना चाहिए?

गर्मियों में ऐसा खाना खाना चाहिए जो हल्का और ताजा हो, जल्दी पच जाता हो। इस मौसम में मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है। इसलिए तला-भुना, मसालेदार और भारी खाना न खाएं। खाने में दही, छाछ, खीरा, तरबूज, लौकी, तोरी, मूंगदाल, ओट्स और फल शामिल करें। ज्यादा नमक और शक्कर से परहेज करें और पानी की मात्रा बढ़ाएं। एक बार में ज्यादा खाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा करके कई बार में खाएं ताकि पेट पर पाचन के लिए दबाव न पड़े। क्या खाना चाहिए और क्या अवॉइड करना चाहिए, ग्राफिक में देखिए-

गर्मी और अपच से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब

सवाल: क्या हर बार डायरिया होने पर ORS जरूरी है?

जवाब: हां, डायरिया होने पर शरीर से पानी और मिनरल्स की कमी हो जाती है। ORS शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बेहद जरूरी होता है।

सवाल: अगर अपच हो जाए तो तुरंत क्या करें?

जवाब: अगर संभव है तो सबसे पहले हल्का गुनगुना पानी पिएं। पानी में थोड़ी सौंफ या अजवाइन मिला सकते हैं। इसके बाद थोड़ी देर टहलिए। इसके अलावा दही या छाछ भी पाचन में मदद कर सकते हैं। बहुत ज्यादा दर्द या उल्टी हो रही हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करें।

सवाल: क्या गर्मियों में व्रत रखना पाचन के लिए अच्छा होता है?

जवाब: अगर व्रत में हल्का और सुपाच्य खाना खाया जाए तो इससे पाचन तंत्र को आराम मिल सकता है। हालांकि, डिहाइड्रेशन से बचना जरूरी है, खासकर लू और तेज गर्मी में फास्टिंग कर रहे हैं तो पानी पीते रहें।

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हमारा शरीर एक खास सीमा तक यानी 37 डिग्री सेल्सियस तक ही गर्मी सहन कर सकता है। अगर तापमान इससे थोड़ा बढ़ता है तो शरीर खुद को ठंडा करने के लिए पसीना निकालता है। पूरी खबर पढ़िए…

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