सोनीपत अशोका यूनिवर्सिटी प्रोफेसर अली खान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केस:  सुप्रीम कोर्ट बोला- सरकार ‘दरियादिली’ दिखाए; अभी नहीं मिली है केस चलाने की मंजूरी – Gohana News
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सोनीपत अशोका यूनिवर्सिटी प्रोफेसर अली खान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केस: सुप्रीम कोर्ट बोला- सरकार ‘दरियादिली’ दिखाए; अभी नहीं मिली है केस चलाने की मंजूरी – Gohana News

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अशोका यूनिवसिर्टी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद।

सोनीपत में अशोका यूनिवसिर्टी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद केस की सुनाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को ‘नरमी’ बरतने का सुझाव दिया है। प्रो. खान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और महिला सैन्य अधिकारियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में घिरे हुए हैं।

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कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि यदि राज्य सरकार इस मामले में उदारता बरतते हुए मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं देती है, तो कोर्ट को मामले की मेरिट में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। हरियाणा सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू ने कहा कि वे इस बारे में सरकार से निर्देश लेंगे।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। बेंच में केस की सुनवाई के दौरान सामने आया कि हरियाणा सरकार ने अभी तक इस मामले में केस चलाने की मंजूरी नहीं दी है। इस पर सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू से सवाल किया कि इस मामले में चार्जशीट कब दाखिल की गई।

दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सोनीपत लाया गया। फाइल फोटो।

दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सोनीपत लाया गया। फाइल फोटो।

ASG राजू ने कहा कि चार्जशीट 22 अगस्त 2025 को दाखिल की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर पर मुकदमा चलाने की मंजूरी अभी लंबित (Pending) है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस पर कहा कि सरकार प्रोफेसर पर मुकदमा चलाने की मंजूरी न देकर बड़प्पन दिखाए। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यदि मामला बंद होता है, तो प्रोफेसर से भी भविष्य में बेहद जिम्मेदारी से पेश आने की उम्मीद की जाएगी।

जानें क्या है पूरा मामला?

यह विवाद करीब आठ महीने पहले तब शुरू हुआ था जब अशोका यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसके अलावा, उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर भी आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट किए थे।

कार्रवाई का घटनाक्रम:

  • सोनीपत पुलिस ने प्रोफेसर अली को दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके से गिरफ्तार किया था।
  • सोनीपत के राई थाना में उनके खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। पहली FIR जठेड़ी गांव के सरपंच की शिकायत पर हुई। दूसरी FIR महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया की शिकायत पर दर्ज की गई।
  • गिरफ्तारी के कुछ समय बाद प्रोफेसर को जमानत मिल गई थी। केस को बाद में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।



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