हरियाणा में रियल एस्टेट कंपनी के डायरेक्टर-प्रमोटर गिरफ्तार:  2 हजार लोगों के ₹1100 करोड़ हड़पे; ED ₹681 करोड़ की प्रॉपर्टी भी कुर्क कर चुकी – gurugram News
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हरियाणा में रियल एस्टेट कंपनी के डायरेक्टर-प्रमोटर गिरफ्तार: 2 हजार लोगों के ₹1100 करोड़ हड़पे; ED ₹681 करोड़ की प्रॉपर्टी भी कुर्क कर चुकी – gurugram News

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रामप्रस्थ ग्रुप का कंपनी का ऑफिस। इनसेट में डायरेक्टर संदीप यादव और प्रमोटर अरविंद वालिया की फोटो।

एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने सोमवार को हरियाणा के गुरुग्राम की रियल एस्टेट कंपनी रामप्रस्थ ग्रुप के डायरेक्टर और प्रमोटर को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें दिल्ली में 3 जगह रेड करने के बाद पकड़ा गया। यह कार्रवाई फ्लैट देने के बदले धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्र

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ED के मुताबिक कंपनी ने 3 साल में 6 प्रोजेक्ट लॉन्च किए। इसके बाद 2 हजार लोगों से 1100 करोड़ रुपए इकट्‌ठे कर लिए। फिर 15 साल बीतने के बाद न तो खरीदारों को फ्लैट आवंटित किए और न ही किसी को कब्जा दिया।

इसकी शिकायत हुई तो ED को पता चला कि फ्लैट खरीदारों से लिया पैसा इन लोगों ने प्रोजेक्टों पर खर्च करने के बजाय ग्रुप की दूसरी कंपनियों में इन्वेस्ट कर दिया।

जिसके बाद ED ने अब कंपनी के डायरेक्टर संदीप यादव और प्रमोटर अरविंद वालिया को गिरफ्तार किया है। जिनसे अब पूछताछ की जा रही है। 10 दिन पहले ही ED इनकी 681 करोड़ की प्रॉपर्टी भी कुर्क कर चुकी है।

सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…

  • 3 साल में 3 प्रोजेक्ट लॉन्च किए: ED की जांच के मुताबिक इनकी कंपनी ने 2008 से 2011 के बीच गुरुग्राम ताबड़तोड़ 3 प्रोजेक्ट लॉन्च किए। इनमें सेक्टर 37डी, 92 और 95 में एज, स्काइज राइज और रामप्रस्थ सिटी प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके बाद इनमें फ्लैट के लिए लोगों से आवेदन मांगे गए। कंपनी ने रुपए तो जमा कर लिए लेकिन फ्लैट किसी को नहीं दिया।
  • मार्केटिंग से लोगों को फंसाया, प्रोजेक्ट्स अधूरे छोड़े: ED के मुताबिक रामप्रस्थ ग्रुप ने बड़े-बड़े विज्ञापन और मार्केटिंग कैंपेन चलाकर लोगों को फ्लैट और प्लॉट बुक करने के लिए लुभाया। मगर, जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। लोगों की शिकायतें कई साल से पेंडिंग थीं।
  • दिल्ली-हरियाणा पुलिस की FIR पर जांच शुरू की: इसके बाद पुलिस के पास शिकायतें पहुंचने लगीं तो दिल्ली और हरियाणा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में ग्रुप के खिलाफ FIR दर्ज कर लीं। जिसके बाद ED भी इस मामले में जांच करने लगी। जिसमें कंपनी की तरफ से लोगों से इकट्‌ठा किए रुपयों के मिसयूज की बात सामने आई।
  • दूसरे प्रमोटर्स पर भी गिरेगी गाज: ईडी के मुताबिक इस मामले में गिरफ्तार किए गए संदीप यादव और अरविंद वालिया के अलावा अन्य प्रमोटर भी जांच के दायरे में हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी की तरफ से इनकी गिरफ्तारी के बाद भी मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आगे भी जिसका रोल सामने आएगा, उसे भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

10 दिन पहले कुर्क की थी प्रॉपर्टी ED ने 11 जुलाई को रामप्रस्थ प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (RPDPCL) और इसकी सहयोगी कंपनियों की 681.54 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी को कुर्क किया था। इनमें गुरुग्राम के सेक्टर 37डी, 92 और 95 में 226 एकड़ की प्लॉटेड कॉलोनियां और बसई, गाडोली कलां, हयातपुर व वजीरपुर में 1700 एकड़ जमीन शामिल है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई थी।



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