5 सवालों से समझिए बुजुर्गों को कैसे मिलेगा कानूनी सहारा:  विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर जानिए कानूनी अधिकार
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5 सवालों से समझिए बुजुर्गों को कैसे मिलेगा कानूनी सहारा: विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर जानिए कानूनी अधिकार

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विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में हर 6 में से एक बुजुर्ग के साथ दुर्व्यवहार होता है, जो उनके ही बच्चों/रिश्तेदारों द्वारा किया जाता है। इसमें उन्हें घर से बाहर निकालने, देखभाल नहीं करने से लेकर संपत्ति हड़पना तक शामिल है। आज विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर जानिए बुढ़ापे में आप कैसे मुफ्त कानूनी सहारा पा सकते हैं? घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 और माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007 आपको यह अधिकार देते हैं। 1. संपत्ति लेकर बच्चे देखभाल नहीं करते तो क्या करें यदि आपने बेटा-बेटी या रिश्तेदार के नाम संपत्ति इस उम्मीद से कर दी कि वे देखभाल करेंगे, लेकिन नहीं कर रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007 संपत्ति हस्तांतरण रद्द कराने का अधिकार देता है। क्या करें – जिले के वरिष्ठ नागरिक ट्रिब्यूनल या संबंधित प्राधिकरण में आवेदन दें। उपेक्षा, देखभाल न मिलने या दुर्व्यवहार के प्रमाण प्रस्तुत करें। गिफ्ट डीड होने के बाद भी आप संतान/वारिस से संपत्ति वापस पा सकते हैं। 2. अगर बेटा नहीं है तो किससे भरण-पोषण मांगें अगर आप बुढ़ापे में अपना खर्च चलाने में समर्थ नहीं हैं तो अधिनियम-2007 अधिकार देता है कि आप केवल अपने समर्थ बेटे से ही नहीं, बल्कि अपनी बेटी या संबंधित कानूनी वारिस से भरण-पोषण की मांग कर सकते हैं। क्या करें – आप अपने जिला स्तर के मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल में आवेदन दे सकते हैं। इसमें सभी जिम्मेदार संतान या संबंधित वारिसों का विवरण दें। ट्रिब्यूनल परिस्थिति के अनुसार संतान/वारिस की जिम्मेदारी तय कर सकता है। 3. आवेदन करने में असहाय हैं तो मदद कैसे मिलेगी यदि अकेले रहने वाले या शारीरिक रूप से कमजोर बुजुर्ग स्वयं अपने अधिकारों को लागू नहीं करा पा रहे हों, तो उनकी ओर से अधिकृत संगठन या अन्य व्यक्ति कानूनी मदद के लिए पहल कर सकते हैं। अधिनियम यह अधिकार देता है। क्या करें – मदद के लिए वरिष्ठ नागरिक संगठन या भरोसेमंद सामाजिक संस्था की मदद ले सकते हैं। जिला समाज कल्याण विभाग से संपर्क करें। लिखित आवेदन के साथ प्रतिनिधि नियुक्त किया जा सकता है। 4.पेंशन/संपत्ति का गलत इस्तेमाल होने पर क्या करें यदि वृद्ध महिला की पेंशन, बैंक खाते या संपत्ति का परिजन गलत इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 के तहत आर्थिक शोषण है। वहीं वृद्ध पुरुषों के लिए भरण-पोषण संरक्षण कानून-2007 मदद करता है। क्या करें? – आप आर्थिक शोषण की शिकायत प्रोटेक्शन ऑफिसर, महिला थाना/पुलिस, 181 महिला हेल्पलाइन, न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या जिला मेंटेनेंस/सीनियर सिटीजन ट्रिब्यूनल में कर सकते हैं। 5. मुफ्त वकील और तुरंत न्याय किस तरह से पाएं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण कोर्ट मामलों में मुफ्त सरकारी वकील पाने का अधिकार देता है। आपकी त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था है। यहां पर 90 दिन से लेकर 120 दिन के अंदर फैसला सुनाया जाना अनिवार्य है। क्या करें? – जिला कोर्ट परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मुफ्त वकील के लिए आवेदन दे सकते हैं। इसके अलावा एल्डर लाइन-14567 पर सुबह 8 से रात 8 बजे के बीच कॉल करके कानूनी सहायता मांग सकते हैं।



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