10 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

सवाल– मैं 35 साल की सिंगल वुमन हूं। में बेसिकली बंगाल की रहने वाली हूं, लेकिन अभी नोएडा में जॉब कर रही हूं और अकेले रहती हूं। यहां ऑफिस में एक लड़के के साथ पांच साल तक मेरा अफेयर रहा। पहले वो मुझसे बहुत प्यार करता था या कम-से-कम ऐसा जताता और दावा करता था। उसने शादी का वादा किया था। पिछले तीन साल से हम लगभग पति-पत्नी की तरह ही रह रहे थे। हालांकि वो अपने पेरेंट्स के साथ रहता है, लेकिन हफ्ते में दो-तीन दिन वो मेरे घर पर ही रुकता था। सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन तीन साल गुजरने के बाद उसका व्यवहार थोड़ा बदलने लगा। मैं जब भी उसे शादी के लिए कहती तो वो कोई-न-कोई बहाना बनाकर टाल देता। हमारे धर्म एक नहीं हैं। मैं बंगाली क्रिश्चियन हूं और वो यूपी का हिंदू है। लेकिन वो कहता तो यही था कि रिलिजन कोई प्रॉब्लम नहीं है। मैं अपने घरवालों को मना लूंगा। मैं भी इसी उम्मीद में थी। लेकिन अभी एक महीने पहले मुझे पता चला कि उसने अपने पेरेंट्स की मर्जी से अपनी कास्ट और रिलिजन में शादी कर ली। उसने मुझे कुछ नहीं बताया। मुझे उसके दोस्तों से पता चला। उसने सोशल मीडिया पर भी मुझे ब्लॉक कर दिया। मैं तब से गहरे सदमे और डिप्रेशन में हूं। बार-बार आत्महत्या के ख्याल आते हैं। मैंने अपनी जिंदगी के 5 साल उसके इंतजार में गंवा दिए और अब मैं बिल्कुल अकेली हूं। प्लीज मेरी हेल्प करिए।
एक्सपर्ट– डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर।
जवाब– सवाल पूछने और मदद मांगने के लिए आपका शुक्रिया। मैं यहां साफ तौर पर कह सकता हूं कि आपकी भावनाएं बिल्कुल वैलिड हैं। आपको सहानुभूति और प्रोफेशनल सपोर्ट की जरूरत है।
अपने इमोशंस को समझने और बेहतर महसूस करने के लिए मैं आपको आगे जो बताने जा रहा हूं, उसे हम बेसिकली तीन भागों में कवर करेंगे-
1. खुद का आंकलन (Self-Assessment)
2. अपनी मदद की प्लानिंग (Self-Help Plan)
3. भविष्य के लिए सीख और तैयारी

1. खुद का आंकलन
आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि हमें इस बात की ठोस समझ हो कि हम इमोशनली अभी किस जगह खड़े हैं। हमारा दुख, ट्रॉमा कितना गहरा है। उसी के आधार पर हम अपना अगला एक्शन प्लान बना सकते हैं। इसलिए नीचे दिए सवालों को ध्यान से पढ़ें और उसके हिसाब से खुद को स्कोर दें। स्कोर चार्ट नीचे ग्राफिक में दिया गया है। जैसेकि अगर पहले सवाल का आपका जवाब ‘बिल्कुल नहीं’ है तो खुद को 0 नंबर दें, अगर जवाब ‘कभी–कभार’ है तो 2 नंबर दें और अगर जवाब है ‘हर समय’ है तो 3 नंबर दें।
इन सवालों को पढ़ें और खुद को स्कोर दें
- मुझे हर समय दुखी या निराश महसूस होता है।
- मुझे नींद बिल्कुल नहीं आती या बहुत ज्यादा नींद आती है।
- मन में बार-बार आत्महत्या के विचार आते हैं।
- मेरा आत्मसम्मान बहुत गिर गया है।
- मैं इस स्थिति के लिए खुद को दोषी मानती हूं।
- मुझे किसी से बात करने या बाहर जाने का मन नहीं करता।
- मुझे लगता है कि फिर किसी से प्यार नहीं हो पाएगा।
- मैंने खुद को सोशल मीडिया या दोस्तों से अलग कर लिया है।
- मैं बार-बार उसकी यादों और धोखे को दोहराती रहती हूं।

2. सेल्फ हेल्प प्लान
काउंसिलिंग और प्रोफेशनल मदद के साथ-साथ आपके पास हर वक्त एक सेल्फ हेल्प प्लान भी होना चाहिए। आपको पहले से पता होना चाहिए कि जब भी आपको ज्यादा परेशानी हो या मन में आत्महत्या के ख्याल आएं तो ऐसे में आपको तुरंत क्या जरूरी कदम उठाना है।

नेगेटिव ख्यालों से कैसे निपटें
इस तरह के केसेज में जो पहला ख्याल हमारे मन में आता है, वो खुद को दोष देने, अपनी गलती निकालने का होता है। हमें लगता है कि हम ही बुरे हैं, हमारे भीतर ही कुछ कमी है। लेकिन ये सच नहीं होता। इसलिए जब भी मन में ऐसे ख्याल आएं तो खुद को उसका सही जवाब देना और बार–बार रीअश्योर करना जरूरी है।
नीचे ग्राफिक में ऐसे कुछ जवाब दिए हैं। जब भी आपके मन में नेगेटिव ख्याल आएं तो खुद को रीअश्योर करें कि ये सच नहीं है।

जर्नलिंग एक्सरसाइज
हर दिन अपनी डायरी में ये लिखिए-
- आज की तीन अच्छी बातें।
- उस रिश्ते से मैंने क्या सीखा।
- अब आगे मैं अपने लिए क्या करना चाहती हूं।
रिश्ते का कैसे करें अंत – ‘क्लोजर रिचुअल’
सब चीजें आखिर हमारे दिमाग में ही होती हैं। हमें अपने ब्रेन को ये मैसेज देने और समझाने की जरूरत है कि वो रिश्ता खत्म हो चुका है। जीवन पीछे नहीं, आगे है।
ये करने का एक आसान तरीका कुछ क्लोजर रिचुअल फॉलो करना है। ये एक सरल प्रक्रिया है, जिससे हम अपने दिमाग और दिल को ये मैसेज देते हैं कि पुराना चैप्टर बंद हो चुका है।
- अपने एक्स के नाम एक पत्र लिखें (ये भेजना नहीं है)। इसमें अपनी सारी भावनाएं, तकलीफें, दर्द, सवाल सबकुछ को व्यक्त करें।
- पत्र के अंत में लिखें, “अब मैं इस तकलीफ, इस दर्द को विदा देती हूं।”
- इस पत्र को जला दें या फाड़ दें। यह एक तरह का प्रतीकात्मक क्लोजर है।
- ऐसा करने से आपके दिल–दिमाग को ये समझने में मदद मिलेगी।
सोशल मीडिया से दूरी और रिश्तों में सीमाएं बनाना
ब्रेकअप के बाद कुछ समय के लिए सोशल मीडिया, एक्स के दोस्तों और जानी–पहचानी सर्कल से दूरी बनाना बहुत जरूरी है। इसके कारण और सॉल्यूशन दोनों चीजें ग्राफिक में दी हैं। इसे पढ़कर फॉलो करें।

3. भविष्य की सीख और तैयारी
इस पूरी बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ये है कि–
- पिछले अनुभवों से आपने क्या सीखा।
- भविष्य में किन गलतियों को नहीं दोहराना है।
- अगले रिश्ते में किन बातों का ध्यान रखना है और क्या सावधानियां बरतनी हैं।
इसके लिए नीचे ग्राफिक में रिश्तों के रेड फ्लैग की लिस्ट दी गई है। साथ ही यह भी बताया गया है कि अगर किसी व्यक्ति में ये रेड फ्लैग दिखें तो इसका संभावित अर्थ क्या है और ऐसे में आपको क्या एक्शन लेना है।

रेड फ्लैग 1– फ्यूचर और कमिटमेंट से जुड़े सवाल टालना।
अर्थ– वो आपको लेकर गंभीर नहीं हैं या कुछ छिपा रहे हैं।
क्या करें– अगर हर बार यही जवाब मिले तो ये पैटर्न है। वो रिश्ते को लेकर गंभीर नहीं है। इस बात को आप गंभीरता से लें।
रेड फ्लैग 2– लव बॉम्बिंग यानी जरूरत से ज्यादा प्यार जताना।
अर्थ– ये जल्दी से दिल जीतने की मैनिपुलेशन टैक्टिस है।
क्या करें– बाउंड्री बनाएं, कहें कि आप धीरे–धीरे कदम बढ़ाना चाहती हैं।
रेड फ्लैग 3– रिश्ते को सीक्रेट रखना, दोस्तों–फैमिली से नहीं मिलाना।
अर्थ– वो आपको लेकर गंभीर नहीं हैं या कुछ छिपा रहे हैं।
क्या करें– सीधे पूछें, मुझे फ्रेंड्स–फैमिली से मिलना है। उनका रिएक्शन नोट करें।
रेड फ्लैग 4– अपने एक्स के बारे में नेगेटिव बातें करना।
अर्थ– जिम्मेदारी और इंपैथी का अभाव।
क्या करें– पूछें कि पिछले रिश्ते से तुमने क्या सीखा। अगर लड़का सिर्फ ब्लेम कर रहा है तो सावधान हो जाएं।
रेड फ्लैग 5– अक्सर काफी दिनों के लिए गायब हो जाना।
अर्थ– इमोशनली अनएवेलेबल, गैरईमानदार।
क्या करें– सीधे कहें, मुझे कंसिस्टेंसी चाहिए। न मिले तो रिश्ते को समय रहते खत्म कर दें।
रेड फ्लैग 6– अपनी लाइफ, बैकग्राउंड के बारे में बातें शेयर न करना।
अर्थ– कोई सीक्रेट या इंटीमेसी का डर।
क्या करें– ओपेन एंडेड सवाल पूछें। अपनी गट फीलिंग पर भरोसा करें। दीवार बनी रहे तो रिश्ते से निकल जाएं।
रेड फ्लैग 7– बड़े–बड़े वादे करना, लेकिन उसे पूरा न करना।
अर्थ– सिर्फ बड़े–बड़े शब्दों से भरोसा नहीं बनता। उसके लिए एक्शन जरूरी है।
क्या करें– इस बिहेवियर पैटर्न को नोट करें। हर बार अपना वादा पूरा न करने पर माफी मांगना काफी नहीं है। साफ शब्दों में कहें, “मेरे लिए ये जानना जरूरी है कि मैं तुम पर भरोसा कर सकती हूं या नहीं।”
रेड फ्लैग 8– अपनी जरूरतें व्यक्त करने के लिए आपको गिल्ट फील करवाना।
अर्थ– गैसलाइटिंग और कंट्रोलिंग व्यवहार।
क्या करें– खुद से कहें, मेरी भावनाएं, जरूरतें बिल्कुल वैलिड हैं। याद रखें, ये रिश्ते का रेड फ्लैग है। समय रहते रिश्ते को खत्म कर दें।
रेड फ्लैग 9– आपकी संस्कृति, विश्वास और भावनाओं को नकारना।
अर्थ– सम्मान का अभाव है। लंबे समय में रिश्ते में कंपैटिबिलिटी इशु हो सकता है।
क्या करें– बाउंड्री तय करें। साफ कहें– आपसी सम्मान के सवाल पर कोई समझौता नहीं हो सकता है।
रेड फ्लैग 10– आपका सोशल मीडिया अकाउंट चेक/कंट्रोल करना।
अर्थ– ये कंट्रोलिंग और इनसिक्योर बिहेवियर है।
क्या करें– बाउंड्री बनाएं, एजेंसी अपने हाथ में लें। साफ शब्दों में कहें, भरोसा दोतरफा होता है। मैं सोशल मीडिया पर वो शेयर करती हूं, जो मुझे अच्छा लगता है। इसे कोई और डिसाइड नहीं कर सकता।
एक बार धोखा खाने के बाद दोबारा भरोसा कैसे करें
इतने तरीकों से मैं आपको जो समझाने की कोशिश कर रहा हूं, वो ये है कि भरोसा करके आपने कोई गलती नहीं की। भरोसा तोड़कर सामने वाले ने गलती की है। हालांकि आपको थोड़ा सजग रहने, अपना मूल्य समझने, भविष्य में रेड फ्लैग्स को देखने और खुद को हील करने की जरूरत है। इसके लिए नीचे पॉइंटर्स में लिखी बातों को अपने जीवन में उतारने की कोशिश करें।
- दोबारा किसी को डेट करने से पहले पिछले रिश्ते से उबरना और हील होना जरूरी है। जल्दबाजी न करें।
- किसी नए रिश्ते में जाने से पहले अपनी वैल्यू समझें। तय करें कि कौन सी चीजें रिश्ते में बिल्कुल एक्सेप्टेबल नहीं होंगी।
- नई शुरुआत आहिस्ता करें। भरोसा अंधा नहीं होता। आहिस्ता कदम बढ़ाएं। सामने वाले व्यक्ति के हरेक व्यवहार, शब्दों पर गौर करें।
- रिश्ते की शुरुआत में ही गंभीर, जरूरी सवाल पूछें। जैसे जीवन का लक्ष्य क्या है, परिवार को लेकर क्या सोच है, पिछले रिश्ते कैसे रहे। जवाबों पर गौर करें कि उसमें कितनी ईमानदारी और पारदर्शिता है। वो जवाब देते हैं, अवॉइड करते हैं या झूठ बोलते हैं।
- रिश्ते में मुश्किल सवाल पूछने से डरें नहीं क्योंकि आपको जवाब से डर लगता है।
- सामने वाले व्यक्ति के शब्दों से ज्यादा उसके एक्शंस पर गौर करें।
- मैनिपुलेशन से सावधान रहें। अगर कोई सवाल पूछने या अपनी जरूरतें जाहिर करने के लिए गिल्ट फील कराए तो सावधान हो जाएं।
- भरोसेमंद दोस्त या थेरेपिस्ट से नए रिलेशनशिप की डिटेल्स शेयर करें। वो आपको ऑब्जेक्टिव तरीके से देखने में मदद कर सकते हैं।
- याद रखें कि रिश्ते को कब खत्म करना है। रिश्ते में कोई भी रेड फ्लैग दिखे और बातचीत के बाद भी कोई इंप्रूवमेंट न हो तो उस रिश्ते से दूर हो जाएं।
किसी नए रिश्ते में पूछें ये चार अहम सवाल
किसी भी नए रिश्ते की शुरुआत में ये 4 सवाल पूछें–
- तुम्हारे लिए कमिटमेंट का क्या मतलब है?
- तुम विवाद या असहमति की स्थिति में क्या करते हो। उससे कैसे निपटते हो?
- तुम्हारे लांग टर्म गोल क्या हैं। क्या तुम शादी और बच्चे चाहते हो?
- तुम्हारे जीवन के फैसलों में तुम्हारे परिवार का कितना रोल होता है?
आपको फिर से प्यार करने, अपनी जिंदगी जीने का पूरा हक है। लेकिन इस बार अपनी आंखें खुली और दिल–दिमाग को चौकन्ना रखिए। धोखा खाने से दुख तो होता है, लेकिन उससे हमें सबक भी मिलता है। आपके अनुभव आपका विजडम हैं, कोई पिंजड़ा नहीं हैं।
………………..
मेंटल हेल्थ की ये खबर भी पढ़िए
मेंटल हेल्थ- बचपन में मम्मी–पापा ने मुझे छोड़ दिया: नाना-नानी ने पाला, नानी के जाने के बाद से मैं गहरे डिप्रेशन में हूं, मैं क्या करूं

मृत्यु दुखद होती है, लेकिन एक वयस्क मनुष्य उस दुख को प्रोसेस करने और उससे उबरने में सक्षम भी होता है। लेकिन यहां आप नानी के न रहने पर जो दुख महसूस कर रहे हैं, वो एक वयस्क पुरुष का नहीं, बल्कि उस पांच साल के बच्चे का दुख है, जिसकी मां उसे छोड़कर चली गई। पूरी खबर पढ़िए…








