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कई बुजुर्ग मानते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिर्फ नई पीढ़ी के लिए है। जबकि सच्चाई इसके उलट है। अब एआई बुजुर्गों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। यदि मोबाइल पर टाइपिंग नहीं कर पाते, आंखें कमजोर हैं या रोजमर्रा के छोटे कामों में मदद चाहिए तो सिर्फ बोलकर बताएं एआई मदद करेगा। इसमें अच्छी बात यह है कि आपको एआई सीखने के लिए किसी कंप्यूटर विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है। शुरुआत सिर्फ तीन शब्दों से की जा सकती है- बोलो, देखो और पूछो। अपने स्मार्टफोन पर AI के शुरुआती उपयोग के ऐसे 4 आसान तरीके जानिए। 1. सिर्फ बोलने से काम होगा, टाइपिंग की जरूरत नहीं गूगल असिस्टेंट या जेमिनी – स्मार्टफोन का होम या पावर बटन कुछ सेकंड दबाकर या हे गूगल बोलकर जेमिनी या गूगल असिस्टेंट एप सक्रिय करें। फिर बोलें- आज का मौसम बताओ, रात 8 बजे दवा का अलार्म लगा दो…। इसमें टाइपिंग की जरूरत नहीं। 2. आपके हर जरूरी सवाल का जवाब मिलेगा यहां वाट्सएप का मेटा एआई – वाट्सएप पर ऊपर या नीचे दिख रहे नीले-बैंगनी गोल चक्र (मेटा एआई) पर टच करके इसे सक्रिय करें। इसके बाद चैट बॉक्स के माइक बटन को दबाकर बिना टाइप किए सीधे अपनी भाषा में बोलकर कोई भी सवाल पूछें। 3. घरेलु नुस्खों से लेकर हर जानकारी जान सकते हैं चैटजीपीटी – पहले प्ले स्टोर से इसका एप डाउनलोड कर लें। फिर चैट बॉक्स में बने माइक बटन को दबाकर सीधे बोलकर पुराने किस्से, कहानियां, घरेलू नुस्खे या इतिहास की कोई भी जानकारी अपनी सरल भाषा में सुनी और पढ़ी जा सकती है। 4. हर दस्तावेज आसानी से समझने में मदद करेगा गूगल लेंस – यह एप लगभग हर एंड्रॉइड फोन में पहले से ही डाउनलोड रहता है। बस एप खोलो, कैमरे के सामने अंग्रेजी में आए बिजली के बिल, सरकारी पत्र या बैंक के नोटिस को एक सेकंड में हिंदी में ट्रांसलेट कर समझने में मदद करेगा। इन 3 बातों का ध्यान रखें… 1. मोबाइल पर एआई के उपयोग के दौरान बैंक खाता नंबर, पासवर्ड, ओटीपी, आधार नंबर जैसी जानकारी कभी न बताएं। 2. असली एआई कभी भी आपसे ओटीपी या पैसे नहीं मांगता। ऐसा संदेश मिले तो तुरंत अपने परिवार को बताएं। 3. मेडिकल सलाह को अंतिम सत्य नहीं मानें। एआई सामान्य जानकारी दे सकता है। इलाज का फैसला डॉक्टर ही करेंगे।
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