बरेली के किला थाने में फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा के खिलाफ सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 8.35 लाख रुपये ठगी का आरोप लगाते हुए एक और रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले में दो अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है। आरोपी बहनों के खिलाफ अब तक ठगी के मामलों में 12 से ज्यादा रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी हैं।
किला थाना क्षेत्र के रोठा निवासी इंद्रपाल सिंह ने किला इंस्पेक्टर संतोष कुमार को बताया कि तीन-चार साल पहले उनकी मुलाकात अमित कुमार और उसके पिता राघवेंद्र से हुई थी। इन लोगों ने उनके बेटे शुभम को लेखपाल के पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। दोनों ने आठ लाख रुपये खर्च बताया।
इसके बाद उनको सीबीगंज थाना क्षेत्र के स्लीपर रोड पर बुलाया। दोनों ने विप्रा शर्मा से बात की। विप्रा ने खुद को एडीएम बताया और नौकरी लगवाने की बात कही। उन्होंने 7.25 लाख रुपये दे दिए। कुछ दिन बाद शुभम को उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया, लेकिन शुभम को नियुक्ति नहीं मिली।








