उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को आई भयानक आपदा से जो तबाही हुई है, उसकी काफी तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इसी बीच एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है। इसमें देखा जा सकता है नदी किनारे कई ढहे हुए घर मलबे से घिरे दिखाई दे रहे थे। कई यूजर्स ने दावा किया कि यह तस्वीर उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के बाद की है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा बनाई गई है। इसे झूठे दावे के साथ शेयर किया गया था।
क्या है दावा?
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्र में भीषण बाढ़ या बादल फटने के बाद की विनाशकारी तस्वीर है। तस्वीर को धराली क्षेत्र में बादल फटने के बाद हुई तबाही की तस्वीर बताकर शेयर किया जा रहा है।
Anilparashar.official नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट से इस तस्वीर को शेयर करके लिखा गया “उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना से हुई जनहानि अत्यंत पीड़ादायक और दुखद है। इस हृदय विदारक घटना में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं एवं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। भगवान केदारनाथ से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें, शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें एवं सभी घायलजन शीघ्र स्वस्थ हों।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां और यहां देख सकते हैं। इस तस्वीर को कई मीडिया चैनल ने भी प्रकाशित किया है। इसका लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को ध्यानपूर्वक देखा। इस पर हमें इस तस्वीर में के निचले दाएं कोने में एक वॉटरमार्क दिखाई दिया। जिस पर ‘ai’ लिखा था। नीचे इसका स्क्रीनशॉट दिया गया है।
इसके बाद हमने तस्वीर को हाइव मॉडरेशन एआई डिटेक्शन टूल के जरिए जांच की। इस टूल से तस्वीर के एआई से बने होने की जानकारी मिली। इस टूल से जांचने पर हमें तस्वीर के 99.9% एआई से बने होने की जानकारी मिली।
आगे हमने तस्वीर को एक अन्य AI डिटेक्शन टूल, WasitAI का उपयोग करके भी सर्च किया गया, जिससे यह निष्कर्ष निकला कि छवि AI द्वारा बनाई गई थी।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि तस्वीर को एआई के माध्यम से बनाया गया है। इसे सोशल मीडिया पर झूठे दावे के साथ शेयर किया गया था।








