Fact Check: एआई से बनी है तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय की राहुल गांधी के पैरे छूने के तस्वीर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: एआई से बनी है तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय की राहुल गांधी के पैरे छूने के तस्वीर

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तमिलनाडु में नए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने हाल ही में शपथ ली। उनकी पार्टी तमिलनाडु की 234 सीटों में से 108 जीतने में सफल रही है, लेकिन ये आंकड़ा बहुमत से दूर था इसके बाद जोसेफ विजय की टीवीके को कांग्रेस समेत कई अन्य पार्टियों का समर्थन मिला। इसके बाद विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। उनके शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी पहुंचे। अब इससे जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में विजय राहुल गांधी के पैर छूते हुए नजर आ रहे हैं। तस्वीर के शेयर करके दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय ने राहुल गांधी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। साथ में ये भी पता चला कि यह तस्वीर असली नहीं है बल्कि एआई के माध्यम से बनाई गई है। 

क्या है दावा

इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि विजय ने मुख्यनंत्री पद की शपथ लेने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गाधी के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। 

दिनेश गोयल नाम के एक एक्स यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करके लिखा “टीवीके चीफ और एक्टर विजय ने तमिलनाडु के सीएम पद की शपथ ले ली है। गवर्नर ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर मंच पर मौजूद राहुल गांधी के एक्टर विजय ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह संस्कार देख मंच पर सभी नेताओं ने ताली बजाकर सम्मान किया। पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते है। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने विजय और राहुल गांधी दोनों के सोशल मीडिया अकाउंट को सर्च किया। यहां हमें कहीं भी पैर छूते हुए वायरल हो रही तस्वीर नहीं मिली। राहुल गांधी के एक्स अकाउंट पर इस समारोह का पूरा प्रसारण मौजूद था। इसमें कहीं भी विजय राहुल गांधी पैर छूते नजर नहीं आ रहे हैं। 


 



 

आगे हमने तस्वीर को एआई डिटेक्शन टूल से सर्च किया। क्योंकि दोनों में से किसी भी नेता ने या किसी भी ओफिशियल जगह पर इस तस्वीर को शेयर नहीं किया गया था। हमने तस्वीर को हाइव डिटेक्शन टूल से सर्च किया। यहां तस्वीर के 92.9 प्रतिशत एआई से बने होने की जानकारी मिली। 

 

 

आगे हमे एक और एआई टूल से इस तस्वीर को सर्च करने की कोशिश की। एआई डिटेक्शन टूल साइट इंजन से इस तस्वीर को सर्च करने पर इसके 99 प्रतिशत एआई से बने होने की जानकारी मिली। 

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल से यह साफ है कि तस्वीर को एआई के माध्यम से बनाया गया है, जिसे असली बताकर शेयर किया जा रहा है।



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