रामनगरी अयोध्या मंगलवार को ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में लालू प्रसाद यादव के बेटे और जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेजप्रताप यादव राम मंदिर के साथ नजर आ रहे हैं। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि तेज प्रताप यादव ध्वजारोहण कार्यक्रम मे शामिल हुए थे।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर को एआई से बनाया गया है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि तेज प्रताप यादव अयोध्या ध्वजारोहण के कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
अनुराग यादव (@Anuragyadavjnp) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “तेजू भैया भी अयोध्या पहुंच चुके हैं। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव भी आज अयोध्या स्थित राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम मे शामिल हुए। अभी हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव मे इन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। तेजू भैया बड़े ही धार्मिक व्यक्ति है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें तेज प्रताप यादव के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 19 सितंबर 2025 को साझा की गई है। इस दौरान हमें वायरल तस्वीर से मिलती एक तस्वीर भी देखने को मिली। पोस्ट में लिखा है कि “आज जन संवाद यात्रा की अगली कड़ी में बख्तियारपुर विधानसभा की धरती पर जन सभा में आए हुए हजारों की संख्या में जनता जनार्दन को संबोधित किया। बिहार आज भ्रष्टाचार, अपराध और गरीबी से जूझ रहा है, लेकिन भाजपा नीतीश सरकार द्वारा कोई काम नहीं किया जा रहा है। हम आप सभी जनता जनार्दन से कहना चाहते हैं इस चुनाव में भाजपा नीतीश की घमंडी सरकार को भगाएं और जनशक्ति के नेतृत्व में जनशक्ति जनता दल की सरकार बनाएं।”
यहां से पता चलता है कि वायरल तस्वीर एडिटडेट है। इसके साथ ही पुरानी है। अगर तेज प्रताप यादव ध्वजारोहण कार्यक्रम मे शामिल होते, तो इसे से जुड़ी रिपोर्ट भी प्रकाशित होती।
इसके बाद हमें तस्वीर के एआई से बने होने की संदेह हुआ। तस्वीर की पड़ताल के लिए हमें हाइव एआई टूल का इस्तेमाल किया। टूल ने वायरल तस्वीर को 78.1 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
नीचे की तस्वीर में आप फर्क देख सकते हैं।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को एआई से बना पाया है।








