Fact Check: छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन के वीडियो को अरावली से जोड़कर किया जा रहा शेयर
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Fact Check: छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन के वीडियो को अरावली से जोड़कर किया जा रहा शेयर

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अरावली पर्वत शृंखला को लेकरबीते महीने आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश-भर में प्रदर्शन हुए। सोशल मीडिया पर अरावली बचाव प्रदर्शन से संबंधित कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसी बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है, जहां सड़कों पर लोगों की भीड़ नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अरावली बचाने के लिए हो रहे प्रदर्शन का है।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो छत्तीसगढ़ का है। जहां सीमेंट फैक्टरी को लेकर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। 

क्या है दावा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अरावली  बचाव के प्रदर्शन का है। 

राजस्थान यूथ कांग्रेस (@Rajasthan_PYC) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “पत्थर नहीं ये गौरव है, इसे झुकने नहीं देंगे, चाहे जो हो जाए, अरावली को कटने नहीं देंगे।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें Arpa Sandesh नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो  7 दिसंबर 2025 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि खैरागढ़-छुईखदान: श्री सीमेंट प्लांट के खिलाफ किसानों का महा आंदोलन। 

 

इसके बाद हमेंं न्यूज 18 छत्तीसगढ़ के एक्स अकाउंट पर एक वीडियो मिला। यहां हमें 1.15 मिनट पर वायरल वीडियो के कुछ क्लिप देखने को मिले। यह वीडियो 6 दिसंबर 2025 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि खैरागढ़- श्री सीमेंट प्लांट के खिलाफ किसानों का आंदोलन, जिले में प्रस्तावित सीमेंट प्लांट के विरोध में प्रदर्शन, छुईखदान में 300 ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे किसान, 40 गांवों के हजारों ग्रामीणों आंदोलन में हुए शामिल।



 

आगे की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें खबर लहरिया की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 8 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में ग्रामीणों द्वारा माइंस के खिलाफ हुए जोरदार आंदोलन के बाद अब खैरागढ़ जिले के छुईखदान में भी किसान और ग्रामीण सीमेंट फैक्ट्री का विरोध कर रहे हैं। यह आंदोलन तीन दिन पहले शुरू हुआ था। छुईखदान क्षेत्र में प्रस्तावित सीमेंट प्लांट के खिलाफ किसानों का विरोध 7 दिसंबर 2025 को अचानक उग्र हो गया। 6 दिसंबर की सुबह तक यह प्रदर्शन शांतिपूर्वक चल रहा था, लेकिन शाम होते-होते माहौल तनावपूर्ण हो गया। करीब 40 गांवों से पहुंचे हजारों ग्रामीणों ने 11 दिसंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को रद्द करने की मांग एक बार फिर दोहराई। ग्रामीणों का कहना है कि खैरागढ़ जिले में श्री सीमेंट लिमिटेड की संडी चूना पत्थर खदान परियोजना शुरू होने वाली है और इसी के विरोध में आसपास के कई गांवों के किसान और ग्रामीण बड़े पैमाने पर आंदोलन कर रहे हैं।

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को सीमेंट फैक्टरी के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन का पाया।



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