भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार को संघर्ष विराम लागू हो गया। इसके बाद भी पाकिस्तान भारत के खिलाफ झूठी खबरें फैलाने से बाज नहीं आ रहा है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में एक पहाड़ नजर आ रहा है, जिसमें आग लगी है। इस तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान ने अमृतसर में हमला किया है, जिससे यह आग लगी है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को झूठा पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह तस्वीर 3 साल पहले दिल्ली की है, जहां तीन साल पहले उत्तरी दिल्ली के भलस्वा लैंडफिल पर आग लग गई थी।
क्या है दावा
तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत और पाकिस्तान के संघर्ष के बीच पाकिस्तान ने भारत के अमृतसर में हमला किया, जिसके बाद अमृतसर में आग लग गई।
शीद खट्टक (@Rkkhattak01) नाम के एक एक्स यूजर ने तस्वीर शेयर कर लिखा कि अमृतसर में आग लगी हुई है, बहुत बढ़िया काम किया पाकिस्तानी सेना ने। दावे की लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसकी आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
तस्वीर की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले इसे गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। पड़ताल के दौरान हमें एनबीसी न्यूज का वीडियो मिला। यह वीडियो 27 अप्रैल 2022 को प्रकाशित किया गया था। इस वीडियो के कवर फोटो में वायरल हो रही तस्वीर दिखी। वीडियो में बताया गया था कि आग से नई दिल्ली का विशाल लैंडफिल धुएं में डूबा है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि यह आग भीषण गर्मी के दौरान लगी है।

इसके बाद हमें आगे एनडीटीवी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 26 अप्रैल 2022 को प्रकाशित की गई थी। अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया था कि उत्तरी दिल्ली के भलस्वा लैंडफिल साइट पर भीषण आग लग गई। 13 दमकल गाड़ियां आग बुझाने के लिए घटनास्थल पर काम उस समय कर रही थी।

अमर उजाला ने भी इस घटना के बाद के हालत पर एक खबर 27 अप्रैल 2022 को प्रकाशित की थी। इस खबर में बताया गया था कि भलस्वा लैंडफिल साइट में भीषण आग लग गई है। दमकल की 12 गाड़ियों ने मौके पर पहुंच आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन डंप यार्ड से अभी धुएं का घना गुबार उठ रहा है जिसके कारण आसपास के इलाकों में पहले से ही प्रदूषित हवा और जहरीली हो रही है।

पड़ताल का नतीजा
पड़ताल में हमने पाया कि यह तस्वीर तीन साल पुरानी है। इसका भारत-पाकिस्तान के ताजा संघर्ष से कोई संबंध नहीं है।