Fact Check: मध्यप्रदेश के दो महीने पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ किया जा रहा शेयर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: मध्यप्रदेश के दो महीने पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ किया जा रहा शेयर

Spread the love


सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस भीड़ को मारती नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भोपाल पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे मुस्लिमों को मार रही है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो दो महीना पुराना है। दरअसल, मध्य प्रदेश के खंडावा में सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट के चलते पुलिस स्टेशन में हंगामा हुआ था।

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भोपाल पुलिस ने कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे मुस्लिमों पर लाठी चार्ज किया है।  


फाइटर 3.0 (@AAjju_33) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,’कल भोपाल में मुगलों की औलाद, भोपाल कमिश्नर के ऑफिस के बाहर खड़े हो के 24 का टाइम कमिश्नर को दे रहे थे कि- यदि 24 घंटे में बजरंगदल पे एक्शन नहीं हुआ तो फिर बजरंगदल पे हम एक्शन लेंगे। इसके बाद भोपाल पुलिस एक्शन में आई और इन मुगलों की औलाद पे धुंआधार लठ बजाया, माहौल एक दम धुआं – धुआं कर दिया।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें आईबीसी24 की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 5 मार्च 2026 को प्रकाशित की गई है। यहां बताया गया है कि धर्मगुरु पर आपत्तिजनक टिप्पणी से बवाल। मोघट थाने में जमा हुई भीड़।

 


इसके बाद हमें जी न्यूज की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 5 मार्च 2026 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्यप्रदेश के खंडवा में सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर जमकर बवाल हो गया। मुस्लिम समाज के धर्मगुरु पर की गई टिप्पणी के विरोध में बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर इकट्ठा हो गए। भीड़ ने देखते ही देखते थाना परिसर में पथराव कर दिया। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने बवाल कर रहे कई लोगों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने टीआई की कॉलर पकड़ ली और बदसलूकी की।

 


आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर गुरुवार देर शाम शहर में जमकर हंगामा हो गया। पैगम्बर साहब पर की गई अमर्यादित टिप्पणी से नाराज मुस्लिम युवक मोघट थाने पर एकत्र हो गए और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने लोगों को समझाइश दी और आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया लेकिन प्रदर्शन कर रहे युवक यहीं नहीं रुके। उन्होंने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने और उसका जुलूस निकालने की मांग भी की। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद थाना परिसर में हंगामा करने के मामले में 22 नामजद और 25 अज्ञात लोगों सहित कुल 47 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। 

 


 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को दो महीना पुराना पाया है। 

 





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *