पुणे का केतन हत्याकांड मामला इन दिन सुर्खियों में है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक किले के पास लोगों की भीड़ नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो लोहागढ़ किले का है, जहां केतन हत्याकांड के बाद लोग घूमने जा रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो तीन साल पुराना है और केतन हत्याकांड के बाद की भीड़ से नहीं जुड़ा है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि लोहागढ़ किले में केतन हत्याकांड के बाद लोग घूमने जा रहे हैं।
लोकमत टाइम्स ने इंस्टाग्राम पर लिखा,’ लोहागढ़ किला, जो अपनी ऐतिहासिक विरासत और ट्रेकिंग ट्रेल्स के लिए जाना जाता है, केतन अग्रवाल मर्डर केस के बाद अब एक अलग तरह की चर्चा का केंद्र बन गया है। खबर है कि कुछ लोग उत्सुकतावश इस जगह पर पहुंच रहे हैं और ऑनलाइन इस कथित क्राइम स्पॉट को अनौपचारिक रूप से सिया पॉइंट कहा जा रहा है। इस अचानक बढ़ी दिलचस्पी ने इस बात पर भी बहस छेड़ दी है कि क्या किसी क्राइम सीन को टूरिस्ट अट्रैक्शन (पर्यटक आकर्षण) के तौर पर पहचाना जाना चाहिए। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें एबीपी न्यूज की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 4 जुलाई 2023 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पुणे और मुंबई के ठीक बीच में स्थित इस इलाके के टूरिस्ट स्पॉट पर वीकेंड में हमेशा भीड़ रहती है। लोनावला और मावल में हो रही भारी बारिश की वजह से टूरिस्ट इस इलाके के पहाड़ी किलों की ओर बड़ी संख्या में जा रहे हैं। खासकर लोनावला के लोहागढ़ किले में भारी भीड़ देखी जा रही है। रविवार को तो किले में सैलानियों का तांता लग गया। वीकेंड की छुट्टी की वजह से इतनी ज़्यादा भीड़ हो गई कि अफरातफरी का माहौल बन गया। किले में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। वहां पूरे चार घंटे तक अफरातफरी का आलम रहा।
आगे की पड़ताल में punekarnews की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 3 जुलाई 2023 को प्रकाशित की गई है। इसके साथ ही यहां बताया कि कल (रविवार) लोनावला इलाके में लोहगढ़ पर पर्यटकों की भारी भीड़ फंस गई। यह घटना बारिश के दिन हुई जब सैकड़ों लोग किले पर उमड़ पड़े, जिससे बहुत ज्यादा भीड़ हो गई। एक वीडियो में यह चिंताजनक नजारा कैद हुआ, जिसमें लोगों के चलने-फिरने के लिए भी जगह नहीं दिख रही थी। अच्छी बात यह रही कि इस घटना के दौरान भगदड़ नहीं मची।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को तीन साल पुराना पाया है। इसमें जुटी भीड़ का केतन हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है।








