कायमगंज में आठ वर्ष पुराने हत्या एवं लूट के मामले में चार दोषियों को बुधवार को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जनपद बुलंदशहर के मोहल्ला ककराला खुर्जा निवासी डॉ. जितेंद्र सोलंकी ने कायमगंज थाने में 15 फरवरी 2008 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि कायमगंज के मोहल्ला पाठक में उनकी सास साधना गौड़ अकेली रहती थीं। उनकी पत्नी डॉ. प्रिया गौड़ की 11 फरवरी को शाम 4 बजे उनसे फोन पर बात हुई थी। 14 फरवरी की दोपहर अताईपुर निवासी मोतीलाल ने फोन कर बताया कि आपके घर का गेट नहीं खुल रहा है और न ही कोई आवाज आ रही है। वह अपनी पत्नी को साथ लेकर कायमगंज पहुंचे। मकान का मुख्य गेट खुला था, जबकि अंदर जाने वाला दूसरा गेट अंदर से बंद था। आसपास के लोगों की सहायता से गेट खोलकर अंदर पहुंचा तो सास का शव औंधे मुंह पड़ा था। उनके हाथ और पांव को रस्सी से पीछे की ओर बांधा गया था। मुंह में कपड़ा ठूंसकर सास को मारा जाना प्रतीत हो रहा था। घर का सामान बिखरा पड़ा था।