इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में नाव पर रोजा इफ्तार करने के दौरान बिरयानी के अवशेष गंगा में फेंकने के मामले में आठ आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली है।इस मामले में 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था। छह लोगों को अभी जमानत नहीं मिली है। जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला ने पांच और जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच ने तीन आरोपियों की अलग-अलग याचिकाओं पर जमानत दी है।
आरोपियों द्वारा एफिडेविट में माफी मांगे जाने के आधार पर कोर्ट ने राहत दी है। जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ और मोहम्मद अनस की जमानत अर्जी को मंजूर की है। जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद रजा और मोहम्मद फैजान को जमानत देने का आदेश जारी किया है। इस मामले में 14 लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। अभी छह लोगों को जमानत नहीं मिली है।








