मैं पिछले एक साल से गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रही हूं…। मेरी स्थिति समझने के लिए कोई नहीं है मेरे पास… मैं आज जो कर रही हूं पूरे होश में कर रही हूं। मैं दुनिया से हमेशा के लिए विदा लेना चाहती हूं…। हो सके तो मेरा परिवार मुझको माफ कर दे। मैं इस दुनिया से हार चुकी हूं…। सॉरी, सॉरी….सॉरी…. मम्मी, पापा, रवि भइया, गोल्डी दीदी और आशु। एक पन्ने का सुसाइड नोट लिखकर छात्रा मोनिका सिंह (25) ने काकादेव के नवीननगर स्थित पीजी में शनिवार शाम फंदा लगा जान दे दी।
इटावा के अजीतनगर निवासी रमेश चंद्र की बेटी मोनिका काकादेव थाने की पांडुनगर चौकी क्षेत्र में स्थित एक पीजी में रहकर बैंक की तैयारी कर रही थीं। शाम करीब 5:30 बजे पीजी की अन्य छात्राओं के द्वारा दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला। सूचना संचालक को दी गई। संचालक ने अनहोनी की आशंका पर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने दरवाजा तोड़ा तो छात्रा का शव पंखे से लटका मिला। छानबीन में पुलिस को एक पेज का सुसाइड नोट मिला। पुलिस टीम ने सुसाइड नोट, उसका मोबाइल और अन्य दस्तावेज कब्जे में लिया है।