कंधों पर 101 किलो की भारी भरकम कांवड़, 109 किलोमीटर लंबा सफर और दिल में भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था। महज 18 से 19 वर्ष की युवा उम्र में कठिन संकल्प लेकर पांच किशोरों ने 48 घंटे तक लगातार पैदल चलकर कांवड़ यात्रा पूरी की।
राजघाट से गंगाजल लेकर चले पांचों किशोर आरके, देवा, तनुज, मयंक और अरुण ने सोमवार को प्रदोष के पावन अवसर पर सुबह करीब 9:30 बजे गांव झींगुरा स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में जल अर्पित कर अपना संकल्प पूरा किया। सैकड़ों किलोमीटर का लंबा और कठिन सफर तय करने के बाद जब ये किशोर कमलेश्वर महादेव के दरबार में पहुंचे तो उनके चेहरों पर लंबी यात्रा की थकान के साथ-साथ अपने संकल्प के पूरे होने की असीम खुशी और संतोष साफ दिखाई दे रहा था। मंदिर प्रांगण में उन्होंने सेवायत पुजारी के सानिध्य में विधि-विधान से कांवड़ का पूजन कराया और कमलेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया।
इस कठिन संकल्प के पूरा होने पर पांचों किशोरों का गांव झींगुरा के निवासियों ने स्वागत किया। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर कांवड़ का पूजन किया और किशोरों की हिम्मत, भक्ति और सेवा भाव की सराहना की। किशोरों ने गांव के बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया।







