रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुरादाबाद रेल मंडल के अफसरों से सवाल-जवाब किए। उन्होंने पूछा कि खुर्जा में 29 दिसंबर को एक ट्रैक पर दो ट्रेनें कैसे आ गईं थीं। इस दौरान डीआरएम राजकुमार सिंह ने अपने निरीक्षण के दौरान जुटाई जानकारी उनके सामने रखी।
माना जा रहा है कि खुर्जा में यह बड़ी घटना किसी एक विभाग के सुपरवाइजर की लापरवाही से नहीं हुई। इसमें तीन विभागों के कर्मचारियों की गलती सामने आ रही है। हालांकि जांच पूरी हुए बिना किसी को पूर्ण रूप से दोषी नहीं ठहराया गया है। ऑपरेटिंग विभाग के स्तर से लापरवाही अधिक हुई है क्योंकि एक ट्रेन के निकले बिना ही दूसरी को क्लियर सिग्नल दे दिया गया।
स्टेशन मास्टर के निर्देश पर कर्मचारियों ने ट्रैक से दूसरी ट्रेन के गुजरने के लिए रास्ता बनाया था। गनीमत रही कि 150 मीटर की दूरी पर दोनों ट्रेनें रुक गईं। रेलवे बोर्ड से निर्देश मिले हैं कि जल्द से जल्द मामले की जांच पूरी कर मुख्यालय भेजी जाए। वहीं मुरादाबाद मंडल के रोजा में हुई घटना पर भी बात की गई।
10 दिन पहले रोजा में रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय गरीबरथ एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को जानकारी दी गई कि वहां दुर्घटना स्थल पर रेलवे का आधिकारिक फाटक नहीं है। दुर्घटना के बाद उस स्थान को चाहरदीवारी कर बंद करा दिया गया है, जिससे कोई और हादसा न हो।
इनके अलावा संरक्षा से जुड़े कई और बिदुंओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मानवीय भूल हादसे का कारण न बने। एक ट्रेन में 1000 परिवारों की खुशियां सफर करती हैं, इसलिए बेहद सावधानी व सतर्कतापूर्वक संचालन की जरूरत है।








